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Jalaun Crime News: सरकार व एनजीटी के आदेशों को ठेंगा, खनन माफिया कर रहे अवैध मौरंग का खेल

सरकार, सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाकर खनन माफिया एलएनटी व पोकलैंड हैवी वेट मशीनों से नदी का सीना चीरकर बालू का अवैध खनन कर रहे हैं।

Afsar Haq

Afsar HaqReporter Afsar HaqShashi kant gautamPublished By Shashi kant gautam

Published on 13 Jun 2021 2:57 PM GMT

Jalaun Crime News Mining mafia doing illegal moorang mining
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खनन माफिया कर रहे अवैध मौरंग खनन: फोटो-सोशल मीडिया  

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Jalaun Crime News: प्रदेश के जनपद जालौन में खनन माफियाओं के हौसले कितने बुलन्द है इसकी बानगी इस बात से देखने को मिल रही है कि सरकार, सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ाकर खनन माफिया एलएनटी व पोकलैंड हैवी वेट मशीनों से नदी का सीना चीरकर बालू का अवैध खनन कर रहे हैं।

मामला जालौन के डकोर कोतवाली क्षेत्र के बंधौली खंड संख्या 3 व 4 खदान का है। जहां पर खजुराहो मिनरल्स नामक कंपनी के नाम से पट्टा आवंटित किया गया है जहां पर खनन माफिया निखिल शर्मा के इशारों पर खुलेआम वेतवा नदी का एलएनटी व पोकलैंड जैसी बड़ी हैवी वेट मशीनों से सीना चीरकर बालू निकाल रहे हैं जबकि सरकार, सुप्रीम कोर्ट व एनजीटी का साफ साफ आदेश है कि मोरम खदानों पर किसी भी प्रकार की हैवी वेट मशीनों का इस्तेमाल नही किया जायेगा।

सरकार व एनजीटी के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे खनन माफिया

एलएलटी मशीन का इस्तेमाल सिर्फ लोडिंग अनलोडिंग के लिए किया जा सकता है नदी की जलधारा परिवर्त्तित या अवरुद्ध करने के लिए किसी भी सूरत में मशीन नहीं चलेगी लेकिन माफिया कहा सरकार व एनजीटी के आदेशों को मानने वाले उनकी तो स्वयं की सरकार होती है और खुद के नियम कानून। इतना ही नही दबंग माफिया ग्राम समाज की जमीन पर भी जबरन खनन करने में मशगूल है जिसकी शिकायत आला अधिकारियों से भी की गई लेकिन खनिज विभाग की इन माफ़िययो को शह प्राप्त है।

आपको बता दे कि बुंदेलखंड में वेतवा नदी की बालू को लाल सोना कहा जाता है और इस लाल सोने पर माफियाओं की गिद्ध दृष्टि हमेशा बनी रहती है और वो करोड़ो रूपये की बालू का खनन कर रातों रात करोड़पति बन जाते है और यह खेल कई वर्षों से लगातार जारी है। लेकिन प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही खनन के नियमो में कुछ बदलाव किये गये जिसमे सबसे जरूरी नियम सरकार ने एनजीटी के निर्देश पर यह बनाया की सरकार द्वारा आबंटित किसी भी खदान में प्रतिबंधित एलएनटी व लिफ्टर मशीनों का इस्तेमाल नही किया जायेगा और न ही नदी की धारा परिवर्तित की जाएगी लेकिन खनन माफिया रातों रात करोड़पति बनने के चक्कर मे कहा इन नियमो को मानने वाले थे।

अवैध मौरंग खनन कर ट्रैक्टर से ले जाते हुए: फोटो-सोशल मीडिया

नदी की जलधारा को रोककर किया जा रहा अवैध खनन

सरकार की निष्पक्ष कार्यप्रणाली के बावजूद जिला प्रशासन की शह पर खनन का भ्रष्ट रूप सामने आने लगा है और यह पूरा काम एलएनटी और लिफ्टर जैसी मशीनों से नदी की जलधारा को रोककर किया जा रहा है। इन सब के बाद भी जिला प्रशासन और खनिज विभाग मौन बना हुआ है और जिम्मेदार अधिकारी लीपापोती करते नजर आ रहे है। इतना ही नही इस पूरे खेल में वन विभाग भी पूरी तरह संलिप्त नजर आ रहा है कैमरे में कैद हुई तस्वीरों में साफ साफ नजर आ रहा है कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों को धता बताते हुए खदान ओर रास्ता बनाने के लिए किस तरह हजारो की संख्या में हरे पेड़ों को काटा जा रहा है जालौन-हमीरपुर सीमा में बहने वाली बेतवा नदी की जलधारा अवरुद्ध कर माफिया एक दूसरे जिले की सीमाओं भी घुस आए है लेकिन खनिज विभाग किसी प्रकार का अवैध खनन न होने की बाद पर अडिग है बधौली गाँव के एक दर्जन ग्रामीणों ने इसकी शिकायत भी जिला प्रसाशन से की थी लेकिन उनके शिकायती पत्र को कोई तरजीह नही दी गयी।

सडीएम की अध्यक्षता में एक जांच समिति गठित कर दी गयी है- डीएम जालौन प्रियंका निरंजन

इस पूरे मामले मे डीएम जालौन प्रियंका निरंजन ने बताया की मीडिया के माध्यम से ये मामला संज्ञान में आया है एसडीएम की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर दी गयी है जो मौके पर जाकर जांच करेंगे और जो भी व्यक्ति अवैध खनन में दोषी पाए जायेगे उसके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जाएगी। शासन की मंशा के अनुरूप जालौन में किसी भी प्रकार की अवैध खनन की गतिविधि नहीं होने दी जाएगी।

Shashi kant gautam

Shashi kant gautam

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