Top

Jaunpur News: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विवि में कार्यशाला के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने किया फेक न्यूज से सावधान

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग एवं आइक्यूएसी सेल की ओर से आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने फेक न्यूज पर चर्चा करते हुए इससे बचने के उपाय बताए।

Kapil Dev Maurya

Kapil Dev MauryaReporter Kapil Dev MauryaShwetaPublished By Shweta

Published on 15 Jun 2021 3:48 PM GMT

फेक न्यूज पर चर्चा करते हुए
X

फेक न्यूज पर चर्चा करते हुए  

  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

Jaunpur News: वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय (Veer Bahadur Singh Purvanchal University) के जनसंचार विभाग एवं आइक्यूएसी सेल की ओर से आयोजित सात दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन विशेषज्ञों ने दो सत्रों में सोशल मीडिया के समाचारों का तथ्य सत्यापन एवं कोविड-19 में कारपोरेट कम्युनिकेशन विषय पर अपनी बात रखी। विशेषज्ञों ने इस दौरान फेक न्यूज पर चर्चा करते हुए इससे बचने के उपाय बताए।

बतौर विशेषज्ञ लखनऊ विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर मुकुल श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया के समाचारों का तथ्य सत्यापन विषय पर कहा कि सूचना के क्षेत्र में तकनीक ने जीवन को आसान किया है तो अराजकता की चुनौती भी खड़ी की है। सूचनाओं के संजाल के बीच फेक न्यूज की सबसे बड़ी चुनौती से देश और समाज को जूझना पड़ रहा है। भारत मिसइंफार्मेशन के दुष्चक्र में फंसा है। चूंकि अभी भारत के लोग इंटरनेट का प्रयोग करना सीख रहे हैं, इसलिए सही और गलत सूचनाओं की समझ विकसित करने की चुनौती कहीं ज्यादा बड़ी है।

प्रोफेसर श्रीवास्तव ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से सबसे ज्यादा फेक न्यूज फैलती है। उन्होंने फेक न्यूज के कई उदाहरण बताते हुए कुछ हस्तियों के निधन की झूठी खबरों का जिक्र किया। तूफान के नाम पर टीवी चैनलों में दूसरे देशों की तस्वीरें भी प्रसारित करने का उन्होंने उदाहरण दिया। प्रोफेसर श्रीवास्तव ने कहा कि आज फैक्ट चेकर्स के कारण सोशल मीडिया पर वायरल सही और गलत सूचनाओं की सत्यता पता चल जाती है। प्रोफेसर मुकुल ने वाट्सअप या अन्य किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मिली सूचना की सत्यता जांचकर ही दूसरों को फारवर्ड करने की अपील की।

इसी क्रम में एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा पत्रकारिता विभाग की शिक्षिका डॉ आशिमा सिंह गुरेजा ने कोविड-19 और में कारपोरेट कम्युनिकेशन पर संवाद किया। कहा कि कोरोना काल में बहुत सारे कारपोरेट घरानों ने अपने कर्मचारियों का ध्यान रखा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन किया है। संस्था के विकास में कर्मचारियों एवं स्टेकहोल्डर की संतुष्टि का बड़ा योगदान होता है।

अतिथियों का स्वागत कार्यशाला के संयोजक डॉ मनोज मिश्र ने एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ सुनील कुमार ने किया। आयोजन सचिव डॉ दिग्विजय सिंह राठौर ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यशाला में प्रोफ़ेसर मानस पांडेय, प्रो लता चौहान, डॉ अवध बिहारी सिंह, डॉ चंदन सिंह, डॉ धर्मेंद्र सिंह, डॉ रश्मि गौतम, डॉ मधु वर्मा, डॉ रजनीश चतुर्वेदी, शिफाली आहूजा, डॉ अमित मिश्रा, वीर बहादुर सिंह, राना सिंह समेत तमाम लोगों ने प्रतिभाग किया।

दोस्तों देश और दुनिया की खबरों को तेजी से जानने के लिए बने रहें न्यूजट्रैक के साथ। हमें फेसबुक पर फॉलो करने के लिए @newstrack और ट्विटर पर फॉलो करने के लिए @newstrackmedia पर क्लिक करें।

Next Story