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Jhansi News: झांसी में दुकानों पर बाल मजदूरी: बाल श्रम कानून तोड़ने पर 5 दुकानदारों के काटे चालान

Jhansi News:निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों पर नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की शिकायतें सही पाई गईं। टीम ने बाल श्रम अधिनियम के तहत तत्काल कार्रवाई करते हुए पाँच दुकानों पर चालान जारी किए।l f

Gaurav kushwaha
Published on: 29 March 2025 2:51 PM IST
Jhansi News: झांसी में दुकानों पर बाल मजदूरी: बाल श्रम कानून तोड़ने पर 5 दुकानदारों के काटे चालान
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Jhansi News: शनिवार को श्रम प्रवर्तन विभाग की टीम ने शुक्रवार, 28 मार्च को नगर में बाल श्रम अभियान के तहत औचक निरीक्षण किया। इस दौरान बाल श्रम कानून का उल्लंघन करने वाले 5 दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके चालान काटे गए। इस अभियान से पूरे दिन बाजार में हड़कंप मचा रहा।

निरीक्षण अभियान का नेतृत्व श्रम प्रवर्तन अधिकारी अरुण कुमार तिवारी ने किया। उनके साथ पुलिस बल और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। अभियान में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट से आनंद मोहन, उमाकांत, मोतीलाल, कांस्टेबल वीरेंद्र, बुंदेलखंड सेवा संस्थान से शिवानी पोरवाल, विकास निरंजन और बचपन बचाओ आंदोलन से मनीष भी शामिल रहे।

बाल श्रम कानून का उल्लंघन

निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों पर नाबालिग बच्चों से काम कराए जाने की शिकायतें सही पाई गईं। टीम ने बाल श्रम अधिनियम के तहत तत्काल कार्रवाई करते हुए पाँच दुकानों पर चालान जारी किए। देश के कानून के अनुसार, 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से काम करवाना दंडनीय अपराध है, इसके बावजूद कुछ व्यापारी अपने आर्थिक लाभ के लिए कम मेहनताने पर बच्चों को काम पर रख रहे थे।

बाल श्रम उन्मूलन के लिए सख्त कदम

गुरसरांय में लंबे समय से बाल श्रमिकों को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इसी के चलते श्रम विभाग ने यह कार्रवाई की। श्रम प्रवर्तन अधिकारी अरुण तिवारी ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण जारी रहेंगे और बाल श्रम कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि वे बाल श्रम के मामलों की सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।

व्यापारियों में मचा हड़कंप

निरीक्षण और चालान की कार्रवाई के बाद बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई दुकानदारों ने जल्दबाजी में अपने यहां काम कर रहे नाबालिगों को हटा दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल श्रम कानून के तहत दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

Shalini singh

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