×

Aligarh News: मंगलायतन विश्वविद्यालय के 11वीं दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान

Aligarh News: बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि भारत का मर्म ज्ञान है। यहां ज्ञान की संस्कृति है और भारत ज्ञान का देश है। उन्होंने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर कहा कि वह मुकदमे बाजी का अड्डा बन गया है।

Lakshman Singh Raghav
Published on: 3 April 2025 8:34 PM IST (Updated on: 3 April 2025 8:49 PM IST)
Governor of Bihar Arif Mohammad Khan attended 11th Convocation Ceremony of Mangalayatan University as Chief Guest
X

मंगलायतन विश्वविद्यालय के 11वीं दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Photo- Social Media)

Aligarh News: मंगलायतन विश्वविद्यालय के 11वीं दीक्षांत समारोह में शामिल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि वक्फ बोर्ड सिर्फ मुकदमे बाजी का अड्डा है। इसके अलावा वह फूड पर और कोई कार्य नहीं है। मुस्लिम वूमेन प्रोटेक्शन एक्ट के तहत तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को प्रतिमाह भत्ता गिलानी की बात को भी किया गया है। दरकिनार, वक़्फ़ बोर्ड के हालातों को देखने से लगता है कि वक़्फ़ बोर्ड में कहीं ना कहीं है खामियां इसमें है सुधार की जरूरत।

मंगलायतन विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह

अलीगढ़ इगलास के मंगलायतन विश्वविद्यालय के 11वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि भारत का मर्म ज्ञान है। यहां ज्ञान की संस्कृति है और भारत ज्ञान का देश है। उन्होंने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर कहा कि वह मुकदमे बाजी का अड्डा बन गया है। जब वह उत्तर प्रदेश वक़्फ़ बोर्ड मंत्री थे। तो उसे समय बोर्ड की काफी प्रॉपर्टी थी और इनकम भी थी।

लेकिन कर्मचारियों को पैसा देने के नाम पर कुछ नहीं था। 1986 में मुस्लिम वूमेन प्रोटेक्शन एक्ट पास हुआ था। उस समय उन्होंने इस्तीफा दिया था। उसमें कहा गया था कि मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं को वक़्फ़ बोर्ड के माध्यम से मासिक भत्ता दिया जाना चाहिए। जब उन्होंने 2 साल बाद इस संबंध में संसद में प्रश्न पूछा तो बताया गया कि एक भी महिलाओं को कोई भत्ता नहीं दिया गया है।

वर्तमान समय में वक़्फ़ बोर्ड की हालत खराब नजर आती है। जब वक़्फ़ बोर्ड के पास इतनी प्रॉपर्टी है और तनख्वाह देने के नाम पर उनके पास कुछ नहीं है। तो कहीं ना कहीं वक़्फ़ बोर्ड की हालत खराब है।इसमें सुधार की आवश्यक जरूरत है।




Shashi kant gautam

Shashi kant gautam

Next Story