साझा संस्कृति मंच और जॉइंट ऐक्शन कमेटी BHU पीएम के विरोध का नहीं है हिस्सा

साझा संस्कृति मंच वाराणसी और जॉइंट ऐक्शन कमेटी BHU के तरफ से साझे बयान में यह स्पष्टीकरण जारी किया जा रहा है कि हम लोग बनारस शहर में आगामी 16 फरवरी, 2020 को माननीय प्रधानमंत्री जी के आगमन पर किसी भी प्रकार के विरोध कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है।

साझा संस्कृति मंच और जॉइंट ऐक्शन कमेटी BHU पीएम के विरोध का नहीं है हिस्सा

साझा संस्कृति मंच और जॉइंट ऐक्शन कमेटी BHU पीएम के विरोध का नहीं है हिस्सा

साझा संस्कृति मंच वाराणसी और जॉइंट ऐक्शन कमेटी BHU के तरफ से साझे बयान में यह स्पष्टीकरण जारी किया जा रहा है कि हम लोग बनारस शहर में आगामी 16 फरवरी, 2020 को माननीय प्रधानमंत्री जी के आगमन पर किसी भी प्रकार के विरोध कार्यक्रम का हिस्सा नहीं है।

बीजेपी आरएसएस से अलग है

पुलिस प्रशासन द्वारा प्रतिदिन साझा संस्कृति मंच और जॉइंट ऐक्शन कमेटी BHU से जुड़े लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है, NSA आदि में निरुद्ध करने की धमकी दी जा रही है, जो कि ठीक नहीं है। हम स्पष्ट कहना चाहते है कि हमारी सामाजिक राजनैतिक समझदारी बीजेपी आरएसएस से अलग है। लेकिन यह अलगाव विचारधारा के स्तर पर है और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीकों के कार्यक्रमो तक सक्रिय और सीमित है।

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हिंसा की कोई जगह नहीं है

इसमें हिंसा या किसी तरह के अविधिक विचार और कार्यक्रम की कोई जगह नहीं है। बीते एक सप्ताह में जिला प्रशासन को बारम्बार इस आशय का ज्ञापन दिया गया है कि हम शहर में अमनपसंद, शांति, भाईचारे, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक सामाजिक राजनैतिक स्तर पर सचेत सक्रिय नागरिकता निर्माण हो।

इस आशय के कार्यक्रम में सतत सक्रिय रहते है। काशी की साझी विरासत की विराट संस्कृति को ज़िंदा रखने के लिए तथा शांति, सत्य, अहिंसा, न्याय और राष्ट्र निर्माण के लिए सभी वर्गों का योगदान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से साझा संस्कृति मंच का गठन हुआ है।

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सभी सदस्य अहिंसा के मार्ग पर चलते हैं

पिछले बीस वर्षों से साझा संस्कृति मंच बनारस शहर और आसपास के गांवों में शांति, सामाजिक एवम् धार्मिक सद्भाव व एकता, राष्ट्र निर्माण आदि के लिए लगातार कार्यक्रम करता आ रहा है। इसके सभी सदस्य अहिंसा के मार्ग पर चलते हैं। कुछेक समाचार पत्रों में ऐसी खबर आई है कि ढेर सारे सङ्गठन प्रधानमंत्री के बनारस आगमन और कार्यक्रमों का विरोध करेंगे। इसमें स्वराज इंडिया, जनांदोलनों का राष्ट्रीय समन्वय (NAPM) और पूर्वांचल किसान यूनियन समूहों का भी नाम अखबार में लिखा हुआ है।

इन समूहों का भी कहना है कि किसी ने उन्हें फँसाने के उद्देश्य से शायद ऐसी कोई प्रेस रिलीज या पर्चा जारी किया है। हम इस प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से पुनः स्पष्ट करना चाहते है कि जैसा कि समाचार पत्रों में खबर है कि कई संगठनों पर पीएम विजिट के मद्देनजर प्रशासन की नजर है, उस विषय मे हम पूरी जिम्मेदारी के साथ कहना चाहते है कि आगामी 16 फरवरी 2020 को प्रधानमंत्री के बनारस आगमन कार्यक्रम का किसी भी स्तर पर किसी प्रकार के विरोध का हिस्सा हम नहीं है।

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