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वकीलों के कार्य बहिष्कार के चलते हाईकोर्ट में नहीं हुआ न्यायिक कार्य

बार कौंसिल आफ इण्डिया के आहवान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील भी आज न्यायिक कार्य से विरत रहे। वकीलों की हड़ताल के चलते हाईकोर्ट में न्यायिक कार्य पूरी तरह से ठप रहा। न्यायाधीश प्रत्येक दिन की तरह आज भी अपने अपने अदालतो में बैठे, परन्तु वकीलों की गैरहाजिरी के चलते कुछ समय बाद वे भी अपने-अपने चैम्बरों में वापस चले गए। परिणाम स्वरूप हाईकोर्ट में न्यायिक कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 12 Feb 2019 1:54 PM GMT

वकीलों के कार्य बहिष्कार के चलते हाईकोर्ट में नहीं हुआ न्यायिक कार्य
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प्रयागराज: बार कौंसिल आफ इण्डिया के आहवान पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील भी आज न्यायिक कार्य से विरत रहे। वकीलों की हड़ताल के चलते हाईकोर्ट में न्यायिक कार्य पूरी तरह से ठप रहा। न्यायाधीश प्रत्येक दिन की तरह आज भी अपने अपने अदालतो में बैठे, परन्तु वकीलों की गैरहाजिरी के चलते कुछ समय बाद वे भी अपने-अपने चैम्बरों में वापस चले गए। परिणाम स्वरूप हाईकोर्ट में न्यायिक कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा। दूर से आये वादकारियों को परेशानी उठानी पड़ी और उनके केसों की सुनवाई न होने के चलते उन्हें वापस अपने अपने जिलों को जाना पड़ा।

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ज्ञात हो कि बार एसोसिएशन ने बारह फरवरी को न्यायिक कार्य से विरत रहकर लखनऊ में होने वाले राज्यव्यापी विरोध -प्रदर्शन में भारी संख्या में शामिल होने का निर्णय लिया था। एसोसिएशन ने बार कौंसिल के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और मांगों का समर्थन किया है। एल्डर कमेटी के चेयरमैन वी.सी.मिश्र ने बताया कि मुख्य न्यायाधीश से बारह फरवरी को न्यायिक कार्य बहिष्कार के आहवान को देखते हुए याचिकाओं पर प्रतिकूल आदेश न पारित करने का अनुरोध किया गया था।

बार कौंसिल ने वकीलों के चेम्बर व बैठने की सुविधा, पुस्तकालय, शौचालय व इंटरनेट की सुविधा मुहैया कराने, अधिवक्ता व वादकारी कल्याण योजनाओं के लिए 5 हजार करोड़ के बजट की व्यवस्था करने, वकीलों व परिवार को बीमा सुरक्षा देने, नये जूनियर वकीलों को दस हजार प्रतिमाह पांच साल तक देने तथा अधिवक्ता व परिवार को वित्तीय सुरक्षा देने ताकि अधिवक्ता की मौत पर परिवार आर्थिक कठिनाई में न आये मुहैया कराने की मांग की गयी है।

बार की मांग पर केन्द्र व राज्य सरकारों द्वारा ध्यान न देने पर बार काउंसिल ने देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करने का आहवान किया था जिस पर हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं ने आज हड़ताल पर रहे।

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