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अद्भुत विरासत का अनूठा संगम है कला कुंभ, देखें रोचक तस्वीरें

यहां राज्य संग्रहालय लखनऊ, उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग लखनऊ, कुंभ पर आधारित अभिलेख प्रदर्शनी एवं राज्य संग्रहालय लखनऊ द्वारा कुंभ की कहानी , कलाकृतियों की जुबानी आदि विषयक प्रदर्शनी है। प्रदर्शनी में बने बाल हनुमान, गणेश आदि की प्रतिमाएं भी लोगों को आकर्षित करती है।

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 23 Jan 2019 6:58 AM GMT

अद्भुत विरासत का अनूठा संगम है कला कुंभ, देखें रोचक तस्वीरें
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आशीष पाण्डेय

लक्ष्मी: कौस्तुम पारिजातक सुरा धन्वन्तरिश्चन्द्रमा:।

गाव: कामदुहा सुरेश्वरगजो रम्भादिदेवांगना:।

अश्व: सप्तमुखो विषं हरिधनु: शंखोमृतं चाम्बुधे:।

रत्नानीह चतुर्दश प्रतिदिनं कुर्यात्सदा मंगलम।

कुंभ नगर: यह स्लोक समुद्र मंथन से कालकूट विष, कामधेनु गाय, उच्चै श्रवा घोड़ा, ऐरावत हाथी, कौस्तुभ मणि, कल्पवृक्ष, अप्सरा रम्भा, देवी लक्ष्मी, वारूणी देवी, चन्द्रमा, पारिजात, पाच्च्जन्य शंख तथा तेरहवें तथा चौदहवें रत्न के रूप में अमृत कलश के साथ भगवान धनवन्तरि प्रकट हुए।

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अमृत दीर्घ जीवन व अमरत्व का प्रतीक है। इसी अमृत के लिए देवताओं एवं असुरों में संग्राम हुआ था। जिसकी सुधा बूंदें हरिद्वार उत्तराखण्ड, प्रयागराज उ.प्र., उज्जैन म.प्र. एवं नासिक महाराष्ट्र में गिरी थी। जिसके कारण इन स्थानों पर ही कुंभ महापर्व का आयोजन होता है। इसी को प्रदर्शित करने वाली थीम कुंभ क्षेत्र में अरैल स्थित सेक्टर 19 में लगी भातीय संस्कृति की भव्यता, दिव्यता एवं विराट महिमा का सम्पूर्ण चित्रण कर दर्शाया गया है।

इस प्रदर्शनी में समुद्रमंथन की मंत्रमुग्ध करने वाली सीन और विशालकाल अमृत कलश बनाया गया है। यहां कुंभ की कहानी को कलाकृतियों की जुबानी बयां की जा रही है। प्रदर्शनी में सन 1861 में माघ मेला के सम्बन्ध में मजिस्ट्रेट इलाहाबाद की रिपोर्ट। माघ मेला हेतु 3 जनवरी 1866 को परगना चायल के ग्राम विरोही पटटी की 261 एकड़ भूमि के अधिग्रहण के सम्बन्ध में जारी अधिकसूचना। सन 1870 कुंभ मेला से सम्बन्धित रिपोर्ट, आधुनिक कुंभ तक की जानकारियों का अनूठा संग्रह है। इसी प्रकार यहां उत्तर प्रदेश की अद्भुत विरासतों की भी प्रदर्शनी लगाई गई है।

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इसमें लखनऊ के हुसैनाबाद की बारादरी, लखनऊ का घण्टाघर, प्राचीन दुर्ग बरूआ सागर झांसी, गोडवानी मंदिर सोरइ ललितपुर, उत्खनन स्थल तथा पुरावशेष मलहर चंदौली, जाजमऊ उत्खनन कानपुर नगर, शीशमहल चुनार किला मिर्जापुर, सोनवा मण्डप चुनार किला मिर्जापुर, संत कबीर दास की समाधी एवं मजार मगहर संत कबीरनगर, गोवर्धन की छतरियां मथुरा, रसखान की समाधि गोकुल मथुरा, रात मंदिर गुप्तार घाट फैजाबाद, बटेश्वर नाथ मंदिर आगरा, बाल्मीकि आश्रम बिठूर कानपुर, सारनाथ मंदिर लखक मिर्जापुर सहित अनेकोनेक विरासतों का बखान एवं चित्रण किया गया है।

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यहां राज्य संग्रहालय लखनऊ, उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग लखनऊ, कुंभ पर आधारित अभिलेख प्रदर्शनी एवं राज्य संग्रहालय लखनऊ द्वारा कुंभ की कहानी , कलाकृतियों की जुबानी आदि विषयक प्रदर्शनी है। प्रदर्शनी में बने बाल हनुमान, गणेश आदि की प्रतिमाएं भी लोगों को आकर्षित करती है।

Shivakant Shukla

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