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Kannauj: एसबीआई की मदद से पीएचसी केन्द्र बना हाइटेक, राज्य मंत्री असीम अरुण कार्यक्रम में किए शिरकत
Kannauj News: ज्यमंत्री असीम अरूण ने बताया कि कन्नौज की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अच्छा करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं और सफलता मिल रही है। एक नया प्रयास सीएसआर के जरिये स्टेट बैंक आफ इण्डिया ने किया है।
Kannauj News (Pic:Newstrack)
Kannauj News: कन्नौज जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और ज्यादा बेहतर बनाये जाने के लिए कदम उठाया जा रहा है। जिसको लेकर सीएसआर मॉडल के तहत एसबीआई ने दो पीएचसी केन्द्रों को हाइटेक बनाने में मदद की। जिसमें सदर विधानसभा क्षेत्र के जसोदा और मुरैंया बुजुर्ग प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को चुना गया है। इन दोनों केन्द्रों की शुरूआत के बाद इस प्रयोग के सफल होने पर सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को हाईटेक बनाया जायेगा। दोनों केंद्रों की शुरुआत पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें राज्य मंत्री असीम अरुण मौजूद रहे।
राज्यमंत्री असीम अरूण ने बताया कि कन्नौज की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को और अच्छा करने के लिए लगातार प्रयास किये जा रहे हैं और सफलता मिल रही है। एक नया प्रयास सीएसआर के जरिये स्टेट बैंक आफ इण्डिया ने किया है। शरद चन्द्र आज हम लोगों के साथ है। जोकि चीफ जनरल मैनेजर है। एसबीआई उत्तर प्रदेश के और सीएसआर के तहत दो हमारे स्वास्थ्य केन्द्रों को पूरी तरह से उच्चीकृत किया गया है। नया फर्नीचर, अच्छा उपकरण, टेस्ट करने के उपरकण, बिजली की व्यवस्था, मोटर की सारे व्यवस्थाऐं पूरी की गयी हैं, तो एक फौरिक तौर हमारे दो एएनएम सेंटर को मजबूत किया गया।
प्रयास यह किया गया कि जो यहां पर डिलीवरी होती है, जो संचारी रोग के लिए उपचार होता है तो यह बड़ा सुदृढ़ हो जाये और यह प्रयोग सफल होगा तो हम बैंक ऑफ इण्डिया के मिश्रा से अनुरोध करेंगे कि और भी ऐसे हमारे जो एएनएम सेंटर है उनको सुदृढ़ करें क्योंकि स्वास्थ्य और शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण चीजें है। एक ओर शिक्षा के भी बहुत सारे कार्य हो रहे है। विधायक निधि से भी और अन्य बजट से भी, और स्वास्थ्य के लिए खासतौर से जो जमीनी तौर पर जो स्वास्थ्य की आवश्यकता है उसके लिए बहुत बड़ा योगदान एसबीआई कर रहा है।
मंत्री असीम अरूण ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को बेहतर करने के लिए योगी जी ने इस व्यवस्था को हम लोगों को दिया है, जिसमें आप देख रहे है कि एक ओर एएनएम सेंटर, एनएम सब सेंटर बन रहे है और दूसरी ओर ई-संजीवनी केन्द्र भी बन रहे है। टेक्नोलाॅजी का प्रयोग करते हुए हमारे चिकित्सकों का सद्पयोग करते हुए जो विशेषज्ञ स्वास्थ्य सुविधायें भी घर के नजदीक होंगी, कोई एक्सीडेंट है या कोई बड़ी बात है तो अस्पताल जाना ही होगा लेकिन ज्यादा से ज्यादो चीजों को हमलोग विकेन्द्रित कर रहे है गांव तक पहुंचा रहे है।