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डीएम हो तो कानपुर जैसा! फिल्म नायक जैसे ’हीरो’, जानें क्यों प्रदेश में लूट रहे वाह वाही
IAS Jitendra Pratap Singh: आईएएस जितेंद्र प्रताप सिंह का जन्म 15 मार्च 1972 को उत्तर प्रदेष के फर्रूखाबाद जनपद में हुआ था। उन्होंने परास्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की।
IAS Jitendra Pratap Singh: ’पचास-पचास कोस दूर जब बच्चा रोता है तो माँ कहती है सो जा नहीं तो गब्बर आजायेगा...’। फिल्म शोले का ये डायलॉग आजकल कानपुर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के लिए एकदम सटीक बैठ रह है। सड़कों पर दौड़ती जिलाधिकारी साहब की गाड़ी ने स्वास्थ्य से लेकर शिक्षा महकमे तक हलचल मचा रखा है।
दरअसल, डीएम साहब अस्पताल, स्कूल हो या फिर ट्रैफिक की व्यवस्था हो, सभी जगहों पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंच रहे हैं। इतना ही नहीं लापरवाही मिलने पर फिल्म ‘नायक’ के अनिल कपूर की तरह तुरंत एक्शन भी ले रहे हैं। बीते दिनों सरकारी अस्पताल में स्टाफ गायब होने पर कई डॉक्टर से लेकर सीएमओ तक भी लपेटे में आ गए। आइए जानते हैं एक्शन में रहने वाले कानपुर के डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह के बारे में।
कौन हैं आईएएस जितेंद्र प्रताप सिंह
आईएएस जितेंद्र प्रताप सिंह का जन्म 15 मार्च 1972 को उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद जनपद में हुआ था। उन्होंने परास्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद सिविल सर्विस की तैयारी शुरू की। मेहनत और लगन के बल पर जितेंद्र प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेष लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षा में सफलता हासिल की और साल 2013 में पीसीएस अफसर बन गये। पीसीएस अधिकारी रहते हुए उन्होंने कई यूपी के कई जनपदों में अपनी सेवाएं दी।
अपनी तेजतर्रार कार्यशैली और त्वरित निर्णय लेने के लिए वह जाने जाते हैं। इसी बीच 31 मई 2019 को जितेंद्र प्रताप सिंह की आईएएस पद पर पदोन्नति हुई। इससे पहले वह 28 अप्रैल 2017 से 12 जुलाई 2019 तक मंडी परिषद, लखनऊ में एडिशनल डायरेक्टर के पद का कार्यभारत संभाल चुके हैं। 12 जुलाई 2019 से 2 मार्च 2021 तक जितेंद्र प्रताप सिंह राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद लखनऊ के निदेशक भी रह चुके हैं।
आईएएस पद पर प्रमोशन के बाद उन्हें कानपुर देहात का जिलाधिकारी बनाया गया। इस पद का कार्यभार उन्होंने 14 अप्रैल 2022 तक संभाला। इसके बाद दो जून 2023 को जितेंद्र प्रताप सिंह को देवरिया का जिलाधिकारी बनाया गया। देवरिया के बाद उनका तबादला बागपत के जिलाधिकारी पद पर किया गया। बागपत के बाद आईएएस जितेंद्र प्रताप सिंह को कानपुर के डीएम पद पर नई तैनाती दी गयी।
बागपत डीएम रहते हुए की गिरोह पर कार्रवाई
बतौर बागपत डीएम रहते हुए जितेंद्र प्रताप सिंह ने नकली पानी बनाने वाले एक गिरोह पर कार्रवाई की थी। जिसकी हर तरफ चर्चा हुई थी। दरअसल बागपत के जिलाधिकारी रहते हुए जितेंद्र प्रताप सिंह तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस में शामिल होने के बाद जनपद की पुलिस चौकी निवाड़ पहुंचे थे। जहां उन्हें पीने के लिए Bisleri के बोतल की जगह नकली पानी की बोतल Bilseri दी गयी। वह पानी की बोतल पर नकली ब्रांड को देखते ही भड़क गये। जिसके बाद उन्होंने नकली पानी की कंपनी पर बुलडोजर चलवा दिया। साथ ही दो हजार से अधिक नकली पानी की बोतलें भी नष्ट करवा दीं थीं।