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सोनभद्र बन सकता है कानपुर, पूरा गांव मांग रहा इच्छा मृत्यु

कानपुर में सोनभद्र जैसे हालात बन रहे है लेकिन समय रहते यदि इस पर सही निर्णय नहीं लिया गया तो किसी भी दिन खूनी संर्घष हो सकता है । हांथीपुर गांव के ग्रामीणों ने राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग की है ।

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 24 July 2019 7:27 AM GMT

सोनभद्र बन सकता है कानपुर, पूरा गांव मांग रहा इच्छा मृत्यु
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कानपुर: कानपुर में सोनभद्र जैसे हालात बन रहे है लेकिन समय रहते यदि इस पर सही निर्णय नहीं लिया गया तो किसी भी दिन खूनी संर्घष हो सकता है । हांथीपुर गांव के ग्रामीणों ने राष्ट्रपति , प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से इच्छा मृत्यु की मांग की है । ग्रामीणों का आरोप है कि नर्वल तहसील के एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी राजनीतिक दबाव में आकर माफियाओ को ग्राम समाज , मिलन केंद्र , सरकारी पैसे से बने भवनों पर कब्जा करा रहे है । भूमाफिया पहले से ही सरकारी जमीनों पर कब्जा कर के स्कूलो का संचालन कर रहे है । पूरे गांव में माफियाओं और ग्रामीणों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है ।

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नर्वल तहसील के सरसौल ब्लॉक के अंर्तगत आने वाले हाथीपुर गांव की अबादी लगभग साढे़ सौ के करीब है । ग्राम समाज की जमीन पर धर्मशाला बना हुआ है जिसे ग्रामीण मिलन केंद्र के नाम पुकारते है । गरीब किसान इस मिलन केंद से ही बेटियों की शादी का आयोजन करते है । इसके साथ ही यहीं से ही ग्रामीण मांगलिक और धार्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन करते है । दो बीघे जमीन पर ये मिलन केंद्र बना हुआ है ।

दरसल भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र द्विवेदी के पिता सुषाभ द्विवेदी हाथीपुर गांव के पूर्व प्रधान रह चुके है । सुभाष द्विवेदी बारातशाला से जुड़ी जमीन में स्कूल चलाते थे । 2015 में इसकी शिकायत ग्रामीणों ने तत्कालीन एसडीएम से की थी । उस वक्त एसडीएम ने इस स्कूल को सीज कर दिया था । भाजपा नेता शैलेंद्र द्विवेदी इस जमीन पर कोर्ट से स्टे ले आए थे ।

बीते 13 जुलाई 2019 को नर्वल एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी पुलिस फोर्स के साथ कब्जा दिलाने के लिए पहुंचे थे । तभी सभी ग्रामीण एक हो गए और प्रशासनिक अफसरों के भिड़ गए । ग्रामीण केरोसीन डालकर आत्मदाह का प्रयास करने लगे । बिगड़े हालात देखकर प्राशासनिक अधिकारियों के उल्टे पैर वापस लौटना पड़ा था ।

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ग्रामीण अरूण सिंह और इंद्रजीत के मुताबिक बीते चार वर्षो के हम अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री के ऑफिस तक चक्कर लगा चुके है । लेकिन हमारी कहीं भी सुनवाई नहीं हुई है । पूर्व प्रधान के बेटे शैलेंद्र द्विवेदी मिलन केंद्र पर कब्जा करना चाहते है । नर्वल एसडीएम इसमें उनकी पूरी मदद कर रहे है । हमारे बच्चो की शादी इसी बारातशाल से होती है । यदि इस सरकारी जमीन पर कब्जा हो जाएगा तो हम अपने बच्चो के शादी के कार्यक्रम कहां करेंगे ।

सैकड़ो ग्रामीण तहसील दिवस के मौके पर नर्वल के एसडीएम ज्ञान प्रकाश त्रिपाठी को हटाने की मांग को लेकर पहुंचे थे। ग्रामीणो का कहना है कि ये एसडीएम एक पक्षीय कार्यवाही कर रहे है । हम एसडीएम से लड़ नहीं सकते है इस लिए उन्हे हटाने की मांग कर रहे है । हमारी मांग है कि या तो सरकार हमें भूमाफियाओं से आजाद कराए या फिर हमें इच्छा मृत्यू देदे ।

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कानपुर डीएम विजय विश्वास पंत के मुताबिक इसमें दो पक्षो के बीच का विवाद है । कुछ न्यालय के आदेश के अनुपालन के संबध में है । दोनो पक्षो की अपनी-अपनी दलीले है । इस प्रकरण को प्रशासन गंभीरता से ले रहा है । इसकी जांच एडीएम एफॅआर को सौंपी गई है । जल्द ही मौके पर पहुंच कर इसकी जांच करेंगे । दोनो पक्षो के दस्तावेजो का बारीकी से परिक्षण किया जाएगा । जब मैं तहसील में था तो मुझे जानकारी हुई थी कि ग्रामीण एसडीएम को हटाने की मांग कर रहे थे ।

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