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Lucknow News: कर्मचारी संघों का यूपीएस और एनपीएस के विरोध में काला दिवस: काली पट्टी बांधकर जताया विरोध-प्रदर्शन, नई योजना को लेकर नाराजगी

एनएमओपीएस और अटेवा के अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने बताया कि केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2025 से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यूपीएस लागू करने जा रही है।

Virat Sharma
Published on: 1 April 2025 7:51 PM IST
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Lucknow News: Photo-Social Media

Lucknow News: राजधानी में मंगलवार को नेशलन मूवमेंट फ़ॉर ओल्ड पेंशन स्कीम और अटेवा पेंशन बचाओ मंच के आह्वान पर उत्तर प्रदेश के शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी यूनिफाइड पेंशन स्कीम और नेशनल पेंशन सिस्टम के विरोध में काला दिवस मना रहे हैं। पूरे देश में कर्मचारी, शिक्षक और अधिकारी इस विरोध में शामिल होकर अपनी बांहों पर काली पट्टी बांधकर अपने कार्यस्थलों पर जबरदस्त विरोध दर्ज करा रहे हैं।

केंद्र सरकार की नई योजना को लेकर नाराजगी

एनएमओपीएस और अटेवा के अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने बताया कि केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2025 से केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यूपीएस लागू करने जा रही है। यह योजना एनपीएस से भी ज्यादा हानिकारक है और कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि देश के अर्द्धसैनिक बलों के कर्मचारियों को भी इस मुद्दे पर चिंता है, क्योंकि वे भी पेंशन व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं।

अटेवा के अध्यक्ष का विरोध जारी रखने का संकल्प

लखनऊ के ग्लोब पार्क में आज शिक्षक और कर्मचारी एकजुट होकर इस व्यवस्था का विरोध कर रहे थे। यहां पर एनपीएस और यूपीएस गो बैक के नारे लगाए गए। बड़ी संख्या में उपस्थित शिक्षक और कर्मचारी अटेवा के समर्थन में खड़े हुए और पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली के लिए सरकार से अनुरोध किया। अटेवा के अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि कर्मचारियों का वास्तविक हित सिर्फ और सिर्फ पुरानी पेंशन व्यवस्था में है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करके कर्मचारियों के जीवन में नया उजाला लाया जाए।

एनपीएस के खिलाफ कर्मचारियों की चिंता

प्रदेश महामंत्री डॉ. नीरज पति त्रिपाठी ने एनपीएस और यूपीएस के खिलाफ कर्मचारियों की चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कर्मचारियों का गाढ़ी कमाई का पैसा डूब रहा है और इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए। वहीं स्वास्थ्य महासंघ के प्रदेश महामंत्री अशोक कुमार ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था एक सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। अगर नेता चार-चार पेंशन ले सकते हैं, तो प्रदेश के शिक्षक और कर्मचारियों को पेंशन देने में क्या दिक्कत है।

सभी शिक्षक कर्मचारी संगठनों से एकजुटता की अपील

इस दौरान लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडे ने कहा कि अटेवा की लड़ाई सही दिशा में है और सभी शिक्षक और कर्मचारी संगठनों को मिलकर इसका समर्थन करना चाहिए। उन्होंने 1 मई को जंतर मंतर में होने वाले विशाल प्रदर्शन में सभी को शामिल होने का आह्वान किया।

सभी संगठनों के नेताओं ने दिए अपने विचार

इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला संयोजक लखनऊ सुनील कुमार वर्मा, संयुक्त मोर्चा के हरिशंकर राठौर, महामंत्री विजय यादव, अटेवा सिंचाई विभाग के अमित यादव, कृषि विभाग के धर्मेंद्र सिंह, सिविल हॉस्पिटल के नरेंद्र प्रताप सिंह, पंचायती राज विभाग के रामेंद्र श्रीवास्तव, केजीएमसी से नर्सिंग अध्यक्ष यदुनंदिनी सिंह, और प्रदेश कोषाध्यक्ष विक्रमादित्य मौर्य सहित अन्य नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। वहीं इस मौके पर हजारों की संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित थे और उन्होंने सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था की बहाली की मांग की।

Virat Sharma

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Lucknow Reporter

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