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राम मंदिर पर संतों के आदेश की प्रतीक्षा कर रही भाजपा: केशव प्रसाद मौर्य

योगी सरकार में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को अयोध्या में कहा कि मैं उपमुख्यमंत्री बाद में, पहले राम भक्त हूं। संतों के आशीर्वाद से ही केंद्र में मोदी सरकार की दूसरी पारी शुरू हुई है।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 15 Jun 2019 2:28 PM GMT

राम मंदिर पर संतों के आदेश की प्रतीक्षा कर रही भाजपा: केशव प्रसाद मौर्य
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अयोध्या : योगी सरकार में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शनिवार को अयोध्या में कहा कि मैं उपमुख्यमंत्री बाद में, पहले राम भक्त हूं। संतों के आशीर्वाद से ही केंद्र में मोदी सरकार की दूसरी पारी शुरू हुई है। अब वो ज्यादा देर नहीं है, जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का हम सब का सपना जल्द ही पूरा होगा।

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मणिरामदास छावनी परिसर में आयोजित संत सम्मेलन का उद्घाटन किया। महंत नृत्य गोपाल दास के 81 वें जन्मोत्सव संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय था जब अयोध्या मामले की सुनवाई टलती जा रही थी, पर अब सुनवाई भी हो रही है और मध्यस्थता की बातचीत भी चल रही है।

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अयोध्या मामले के समाधान के दो विकल्प खुले हुए हैं। पहला बातचीत और दूसरा सुप्रीम कोर्ट और अगर इससे भी मामला हल न हुआ तो कानून बनाकर राम मंदिर बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा।

उन्होंने कहा कि भाजपा संतों के आदेश की प्रतीक्षा में है। जो संत समाज कहेगा, भाजपा वहीं करेगी। उन्होंने कहा कि अब ज्यादा देर नहीं है। राम मंदिर निर्माण का हम सब का सपना जल्द ही पूरा होगा।

यह संत सम्मेलन रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में हो रहा है, लेकिन शीर्ष संतों का जमावड़ा राममंदिर निर्माण पर सरगर्मी बढ़ा रहा है। जिस तरह गत 3 जून को मणिरामदास की छावनी में हुई बैठक में विहिप व संघ के पदाधिकारियों की मौजूदगी में रामनगरी के संत-धर्माचार्यों ने राममंदिर निर्माण में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर करते हुए अविलंब राममंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने की हुंकार भरी थी, इससे यह स्पष्ट संकेत है कि संत सम्मेलन का भी राममंदिर निर्माण मुख्य मुद्दा है।

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संत सम्मेलन में देश विदेश से आए संत-धर्माचार्य मौजूद हैं। सम्मेलन में जगतगुरू शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, जगतगुरू रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य, स्वामी चिन्मयानंद, आचार्य धर्मेंद्र, आचार्य महासभा के महामंत्री स्वामी परमात्मानंद, स्वामी अविचल दास, डॉ. रामेश्वर दास, विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय, केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, सद्गुरु सदन गोलाघाट के महंत सिया किशोरी शरण, दिगम्बर अखाड़े के महंत सुरेश दास, संत समिति के महामंत्री जीतेंद्रानंद सरस्वती, तपस्वी छावनी के उत्तराधिकारी महन्त परमहंसदास, अखिल भारतीय संत समिति के अध्यक्ष अविचल दास, मंहत रामदिनेशाचार्य, बडी जगह दशरथ महल मंहत बिंदुगद्दाचार्य देवेंद्रप्रसादाचार्य, पूर्व सांसद रामविलास दास वेदान्ती समेत सैकड़ों शामिल हुए हैं।

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