Top

ये हैं नए UP BJP अध्यक्ष, मोदी की तरह बचपन में बेची चाय-बांटे अखबार

Admin

AdminBy Admin

Published on 8 April 2016 9:47 AM GMT

ये हैं नए UP BJP अध्यक्ष, मोदी की तरह बचपन में बेची चाय-बांटे अखबार
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लखनऊ: केशव प्रसाद मौर्या यूपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं। वह इस समय इलाहाबाद के फूलपुर से सांसद है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उनके नाम पर मुहर लगाई है। वे पिछड़ी जाति से आते हैं।

संघर्षपूर्ण रहा है जीवन

-केशव का जन्म 7 मई 1969 को कौशांबी के सिराथू के एक साधारण किसान परिवार में हुआ।

-अपने माता-पिता के साथ खेती-किसानी की। इन्होंने चाय की दुकान भी चलाई और अखबार भी बांटा।

यह भी पढ़ें... 9 दिन तक पानी पीकर रहेंगे मोदी, नवरात्र के पहले दिन गए कामाख्या मंदिर

सिंघल के करीबी

-आरएसएस, बीएचपी, बजरंग दल और बीजेपी में कई दायित्वों को निभाया।

-श्रीराम जन्म भूमि और गोरक्षा और हिंदू हित के लिए किए गए आंदोलन में शामिल रहे और इसके लिए जेल भी गए।

-विश्वहिंदू परिषद से उनका बहुत पुराना नाता रहा है। 1989-2002 तक अशोक सिंघल के साथ काम किया।

-मौर्या के लिए स्वंय विश्व हिंदू परिषद के दिवंगत नेता अशोक सिंघल ने दांव लगाया था।

-सिंघल चाहते थे कि केशव मौर्या को उनकी विरासत सौंपी जाए।

राजनीतिक कैरियर

-विहिप से जुड़े केशव 18 वर्ष तक गंगापार और यमुनापार में प्रचारक रहे।

-2002 में शहर पश्चिमी विधानसभा सीट से उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में राजनीतिक सफर शुरू किया।

-उन्हें बसपा प्रत्याशी राजू पाल ने हराया था। इसके बाद वर्ष 2007 के चुनाव में भी उन्होंने इसी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा। इस बार भी उन्हें जीत तो नहीं हासिल हुई।

-2012 के चुनाव में उन्हें सिराथू विधानसभा सीट से भारी जीत मिली। यह सीट पहली बार भाजपा के खाते में आई थी। दो वर्ष तक विधायक रहने वाले केशव ने फूलपुर सीट पर भी पहली बार भाजपा का झंडा फहराया।

-मोदी लहर में इस सीट पर पांच लाख 3564 वोट हासिल कर उन्होंने एक इतिहास बना दिया।

दिग्गजों को कैसे पछाड़ा?

-यूपी बीजेपी के अध्यक्ष पद के लिए केशव मौर्या कई दिग्गजों को पछाड़कर आगे निकले। इसके पीछे कई फैक्टर हैं।

-खुद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह मौर्या का समर्थन कर रहे थे। लेकिन केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह धर्मपाल के नाम पर दांव लगा रहे थे।

-यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद के लिए पीएम मोदी की हामी की प्रतीक्षा थी।

-स्वतंत्र देव सिंह और प्रोफेसर राम शंकर कठेरिया भी अध्यक्ष बनने की दौड़ में शामिल थे।

-मेयर दिनेश शर्मा को भी यूपी बीजेपी अध्यक्ष पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा था।

जिम्मेदारी मिलने पर क्या बोले केशव?

-केशव प्रसाद मौर्या ने नई जिम्मेदारी के लिए पीएम मोदी और अमित शाह का आभार जताया।

-उन्होंने कहा- बीजेपी अगले विधानसभा चुनाव में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी।

-बीजेपी राष्ट्रवाद और सुशासन को लेकर आगे बढ़ेगी। बीजेपी में कोई गुटबाजी नहीं है।

इन राज्यों में भी बदली कमान

-उत्तर प्रदेश के अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने चार और राज्यों में प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की है।

-कर्नाटक- बीएस येदियुरप्पा, पूर्व मुख्यमंत्री

-पंजाब- विजय सांपला, केंद्रीय राज्यमंत्री

-तेलंगाना- डॉ. के लक्ष्मण, विधायक

-अरूणाचल प्रदेश- श्री तापिर गाव, पूर्व सांसद

Admin

Admin

Next Story