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Lucknow News: KGMU के सालाना जलसे का हुआ आगाज़, कुलपति बोले- 'अच्छा डॉक्टर बनने के लिए सभी विषयों का ज्ञान ज़रूरी'

Lucknow News: राजधानी के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्विद्यालय (KGMU) का सालाना जलसा 'रैप्सोडी' का गुरुवार को धूमधाम से आगाज हुआ। छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम पेश किए।

Shashwat Mishra
Updated on: 2022-09-23T08:38:21+05:30
KGMU
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KGMU के सालाना जलसा रैप्सोडी 2022 का हुआ आगाज़

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Lucknow News Today: राजधानी के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्विद्यालय (KGMU) का सालाना जलसा 'रैप्सोडी' (Rhapsody 2022) का गुरुवार को धूमधाम से आगाज हुआ। छात्र-छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम पेश किए। नाटक का मंचन किया। छात्रों का अभिनय देख शिक्षक दंग रह गए। सभी ने तालियां बजाकर छात्रों का उत्साह बढ़ाया। अटल बिहारी वाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर (Atal Bihari Vajpayee Scientific Convention Center) में तीन दिवसीय रैप्सोडी की शुरुआत हुई।

कुलपति डॉ. बिपिन पुरी (Vice Chancellor Dr. Bipin Puri) ने केक काटकर रैप्सोडी का शुभारंभ किया। कुलपति ने छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि अच्छा डॉक्टर बनने के लिए सभी विषयों का ज्ञान जरूरी है। पढ़ाई से लेकर खेलकूद, गीत-संगीत की जानकारी जरूरी है। इस मौके पर प्रति कुलपति डॉ. विनीत शर्मा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. आरएन श्रीवास्तव और डॉ. आरके दीक्षित समेत अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।


'अच्छा डॉक्टर बनने के लिए पढ़ाई ज़रूरी'

कॉफी विद जॉर्जियन में पीजीआई के पूर्व निदेशक डॉ. राकेश कपूर और डॉ. आरएन श्रीवास्तव ने छात्रों को सफलता के मंत्र बताए। डॉ. राकेश कपूर ने कहा कि अच्छा डॉक्टर बनने के लिए लगातार पढ़ाई जरूरी है। यदि किसी विषय में कमजोर हैं तो उसके पीछे पड़ना है। हार नहीं माननी है। डॉक्टरी पेशा ऐसा है, जिसमें ताउम्र पढ़ाई करने की जरूरत है। क्योंकि नए शोध व तकनीक आ रही है। यदि उनके बारे में आप नहीं जानेंगे तो पिछड़ जाएंगे। डॉ. आरएन श्रीवास्तव ने कहा कि जरूरी नहीं सभी छात्र टॉप करें। क्योंकि टॉपर तो कोई एक ही हो सकता है। पर, मेहनत सबको करने की जरूरत है। शिक्षकों का सम्मान करें।


"अजब गांव की गजब सरपंच..." नाटक में छात्रों ने बांधा समा

मोटी-मोटी किताबों में उलझे रहने वाले मेडिकल छात्र अलग ही रंग में नजर आए। एप्रिन के बजाए आधुनिक परिधानों में छात्र दिखे। अजब गांव की गजब सरपंच नाटक ने खूब समा बांधा। पुलिया के घटिया निर्माण की वजह से रिंकी की मौत हो गई। पीड़ितों ने इसकी शिकायत गांव के सरपंच से की। दोषियों को फांसी की सजा सुनाने की मांग की। सरपंच ने दोषियों की खोज के लिए पुलिया का निर्माण करने वाले ठेकेदार को बुलाया।

ठेकेदार ने निर्माण कार्य का ठीकरा मिस्त्री पर फोड़ा। मिस्त्री ने मजदूर पर दोषारोपण किया। कहा मजदूर ने सीमेंट और मोरंग को मिलाते वक्त पानी ज्यादा मिला दिया था। इसलिए पुलिया ढही।


पूरी जांच प्रक्रिया के बाद सरपंच ने मजदूर को फांसी की सजा सुनाई। फांसी देने से पहले सरपंच ने सभी को लोगों के साथ घटना स्थल पर पहुंचकर रिंकी को देखा। शव देख सभी दंग रह गए। रिंकी कोई और नहीं बल्कि बकरी थी। इसके बाद सरपंच ने एक बकरी के लिए मजदूर को फांसी पर लटकाने के फैसले को बदल दिया।

सरपंच की भूमिका में देवांश ने बेजोड़ अभिनय किया। नेहा, अनंया, अहमद समेत अन्य छात्रों ने अभिनय किया। इसके अलावा छात्रों ने गीत-संगीत की महफिल सजाई। छात्रों के डांस ने सबका मनमोह लिया।



Shashi kant gautam

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