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आईए जानते हैं प्रियंका की चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों पर अमेठी-सुल्तानपुर के लोगों की राय

आईए हम आपको बताते हैं कि अमेठी और सुल्तानपुर के नेताओं से लेकर आम नागरिकों का प्रियंका की चुनौती पूर्ण जिम्मेदारियों पर क्या राय है। 

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 24 Jan 2019 9:13 AM GMT

आईए जानते हैं प्रियंका की चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों पर अमेठी-सुल्तानपुर के लोगों की राय
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अमेठी/सुल्तानपुर: बरसों के लम्बे इन्तेजार के बाद प्रियंका गांधी की सक्रिय राजनीति में इंट्री हो ही गई। कांग्रेस ने उन्हें जरनल सिक्रेटरी के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश की कमान सौंपी है। कांग्रेसी खेमे में जहां सभी गदगद हैं वहीं आम आदमी भी इस फैसले पर ख़ुश है। पार्टी हाईकमान से लेकर लोकल पब्लिक तर अब इस आख़री कार्ड के नतीजे पर टकटकी लगाकर बैठा के 2019 में इसका परिणाम क्या होता है। आईए हम आपको बताते हैं कि अमेठी और सुल्तानपुर के नेताओं से लेकर आम नागरिकों का प्रियंका की चुनौती पूर्ण जिम्मेदारियों पर क्या राय है।

अमेठी कांग्रेस के प्रवक्ता अनिल सिंह कहते हैं कि अमेठी में बीजेपी की नकली दीदी के मुकाबले हमारी असली दीदी हर दिल में बस्ती हैं। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी के कांग्रेस में आनें के बाद निश्चित तौर पर हम यूपी में सशक्त होंगे, और इस बार तो स्मृति ईरानी को जमानत बचा पाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि हम बस उस समय का इन्तेजार कर रहे कि दीदी का आदेश हो और हम सब आगे बढ़ सकें।

कांग्रेस के प्रदेश सचिव एवं सुल्तानपुर, अमेठी के पूर्व जिलाध्यक्ष हाजी मकसूद आलम कहते हैं कि हमारी नेता प्रियंका गांधी पार्टी में प्रत्यक्ष रुप से न होते हुए भी पहले से सक्रिय नेता थी, अब यूपी में कोई कांग्रेस का बाल भी बांका नहीं कर सकता। उन्होंने ये भी कहा कि सन 1989 से उत्तर प्रदेश में हमारी पार्टी का जो ग्राफ गिरता गया निश्चित तौर पर उस ग्राफ में तेजी से बढ़ोतरी होगी।

फिल्म सेंसर बोर्ड के पूर्व सदस्य एवं कांग्रेस नेता विजय श्रीवास्तव कहते हैं कि प्रियंका गांधी को कमान मिलने से अमेठी- रायबरेली लोकसभा सीटों से सटी अन्य लोकसभा सीटों पर अब सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने ये भी कहा कि अब पार्टी कार्यकर्ता जो निष्क्रीय पड़े थे उनमे नई ऊर्जा आएगी। साथ ही साथ गुटबाजी पर भी नकेल कसेगी। इसलिए के प्रियंका गांधी इसे कतई पसंद नहीं करती।

युवक कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता राजेश तिवारी ने कहा कि ये क्रांतिकारी कदम बताया, इससे एक नये उत्साह का संचार हुआ है। इसका असर पूरे देश की राजनीति में होगा, प्रियंका जी में इन्दिराजी की छवि दिखती है। प्रधानमंत्री मोदी जी के झूठ का पर्दाफाश अब और तेजी से होगा और आने वाले समय में राहुल गाँधी जी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।

बीजेपी अमेठी के जिलाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी का कहना है कि कांग्रेस पार्टी वंशवाद और परिवार वाद में हमेशा से घिरी रही, ये आज कोई नया अध्याय कांग्रेस में नहीं जुड़ा। उन्होंने कहा कि दीदी स्मृति ईरानी ने जिस तरह हार के बाद भी अमेठी में विकास की गंगा बहा डाला उसे प्रियंका गांधी सपने में भी नहीं सोंच सकी थी। उन्होंने ये भी कहा कि उनके आनें से कोई ख़ास असर नहीं पड़ने वाला 2019 में बीजेपी पूरे दम खम के साथ दिल्ली की सत्ता में आ रही है।

सपा के जगदीशपुर विधानसभा के मीडिया प्रभारी सुरजीत यादव का कहना है कि ये अमेठी, यूपी और देश के लिए एक बेहतर क़दम है। पार्टी से हटकर अगर एक अमेठी के नागरिक की हैसियत से हम कहें तो बेहद ख़ुशी का मौका है और ये कांग्रेस के लिए भी अच्छा क़दम है। उन्होंने कहा कि जिस तरह हाल के दिनों में राहुल गांधी अकेले पार्टी के खेवनहार बनें थे अब प्रियंका के आनें से उन्हें बेहतर सारथी मिला है।

वहीं लोक स्तर पर भी लोग प्रियंका को कांग्रेस की कमान सौंपे जानें से खुश हैं। अमेठी के वरिष्ठ पत्रकार एवं अधिवक्ता विवेक विक्रम सिंह कहते हैं कि निश्चित तौर पर देश की राजनीति में असर पड़ने वाला है। क्योंकि प्रियंका आम कार्यकर्ताओं से सीधे कन्वेंस करती हैं मठाधीशों के भरोसे नहीं रहती हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने बड़ा दांव खेला है और ये सच है कि ये दांव काम करेगा क्योंकि प्रियंका गांधी जुझारू नेता हैं। यूपी ख़ासकर रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, फतेहपुर, प्रतापगढ़ ऐसी सीटों पर इसका सीधा असर पड़ने जा रहा है।

जेएनयू के रिसर्च स्कालर मौलाना अदीब हसन का कहना है कि...

हुसैनी मंच यूपी के संरक्षक एवं जेएनयू के रिसर्च स्कालर मौलाना अदीब हसन ने भी प्रियंका गांधी की इंट्री पर खुशी जाहिर की है। उनका कहना है कि जिस तरह पूर्व में उनके वंशज ने मुस्लिम-दलित को साथ लेकर काम किया अगर वो इसी ट्रैक पर काम करती हैं तो बीजेपी के बुरे दिन आ सकते हैं। मौलाना ने कहा कि वैसे प्रियंका गांधी अपनी दादी की ही तरह एक आयरन लेडी हैं वो फैसले बेहतर लेतीं हैं लेकिन अगर फिर भी मुस्लिम और दलित कांग्रेस में शोषित हुए तो फिर कांग्रेस धरातल पर दिखने से रही। उन्होंने पीएल पुनिया को यूपी में तरजीह देने की भी बात कही है।

रिटायर्ड प्रोफेसर एवं पीटीआई अंग्रेज़ी के रिपोर्टर डा. अंगद सिंह का कहना है कि प्रियंका गांधी एक शालीन नेता हैं। उन्हें राजनीति में पहले आना था। उन्होंने ये भी कहा कि उन पर परिवारवाद का आरोप लग रहा लेकिन जो लगा रहे उनके भी बेटे और परिवार वाले ही विरासत संभाल रहे। श्री सिंह ने कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व पहले से बेहतर होगा। वो ये भी कहते हैं कि राहुल गांधी अमेठी से ही चुनाव लड़ेगे, सोनिया गांधी अगर रायबरेली सीट छोड़ती हैं तो वहां की विरासत प्रियंका संभाल सकती हैं क्योंकि अमेठी-रायबरेली की जनता बाहरी लोगों को लाइक नहीं करती।

सुल्तानपुर के दिनकर श्रीवास्तव का कहना है कि कांग्रेस का जो वोट बैंक कम था वो बढ़ेगा, प्रियंका मजबूती से लड़ेगी इसका नुकसान बीजेपी के साथ-साथ एसपी और बीएसपी को भी होगा। उन्होंने ये भी कहा कि कांग्रेस का फायदा होगा क्योंकि प्रियंका वोट कन्वर्ट करा सकती हैं, हां अब कांग्रेस में मठाधीशी का दौर समाप्त होगा।

सुल्तानपुर दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बिजेंद्र सिंह का कहना है कि कांग्रेस ने आख़री दांव खेला है, इसका असर यूपी पर ज्यादा पड़ेगा। उन्होंने कहा कांग्रेस ने ये दांव इसलिए भी खेला कि ताकि गठबंधन को सबक मिल सके। क्योंकि सपा-बसपा ने कांग्रेस को किनारे करते हुए उसका तिरस्कार किया था।

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