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अयोध्या की राजकुमारी के ससुराल वाले यूपी में करेंगे निवेष

2000 वर्ष पूर्व अयोध्या की राजकुमारी के कोरिया जाने और वहां के राजकुमार से विवाह के बाद से भारत और कोरिया के सम्बन्ध प्रेम और विश्वास के रहे हैं। भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर विश्व में शान्ति और समृद्धि के सुखद भविष्य का निर्माण करने की दिशा में आगे बढ रहे हैं।

Roshni Khan

Roshni KhanBy Roshni Khan

Published on 31 July 2019 8:32 AM GMT

अयोध्या की राजकुमारी के ससुराल वाले यूपी में करेंगे निवेष
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लखनऊ: 2000 वर्ष पूर्व अयोध्या की राजकुमारी के कोरिया जाने और वहां के राजकुमार से विवाह के बाद से भारत और कोरिया के सम्बन्ध प्रेम और विश्वास के रहे हैं। भारत और दक्षिण कोरिया मिलकर विश्व में शान्ति और समृद्धि के सुखद भविष्य का निर्माण करने की दिशा में आगे बढ रहे हैं।

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उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष दक्षिण कोरिया की प्रथम महिला ने अयोध्या में आयोजित 'दीपोत्सव' में पूरे उत्साह से भाग लिया।यूपी और कोरिया का रिश्ता दो हजार साल पुराना है। अयोध्या नगरी की राजकुमारी सुरीरत्ना दो हजार साल पहले कोरिया जाकर वहीं की हो गईं। वहां वो कोरिया के कारक वंशी राजा किम सोरो की पत्नी बन कोरिया की महारानी बनी और उसके बाद वो कभी वापस अयोध्या नहीं आईं।

अयोध्या की राजकुमारी की काहनी

अयोध्या की राजकुमारी सुरीरत्ना बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार करने कोरिया गयी थी। जहां उनकी मुलाकात कोरिया के तत्कालीन राजकुमार करक वंशी राजा किम सोरो से हुई । इसके बाद वे दोनों शादी के बंधन में बंध गये। भारत और कोरिया के सौहार्दपूर्ण सम्बन्ध प्राचीनकाल से हैं। कोरिया गणराज्य भारत की 'मेक इन इण्डिया' नीति में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। निवेष की दृष्टि से उत्तर प्रदेष एक आकर्षक गंतव्य है। प्रदेश में विकसित किया जा रहा डिफेंस इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर निवेश के लिए बेहतरीन मौका है। ऐसे में, कोरिया के निवेशकों द्वारा डिफेंस काॅरिडोर में अपने उद्यम स्थापित करना मील का पत्थर साबित हो सकता है।

प्रतिनिधिमण्डल का नेतृत्व करने वाले दक्षिण कोरिया के नेशनल सिक्योरिटी के डिप्टी डायरेक्टर किम यू ग्यून ने यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर े प्रदेष में स्थापित किए जा रहे डिफेंस इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर में निवेष की जताते हुए कहा कि कोरिया गणराज्य के निवेशक उत्तर प्रदेष सरकार की 'इन्वेस्टर फ्रेण्डली' नीतियों से प्रभावित हैं और यहां निवेष के इच्छुक हैं।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार डिफेंस इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर में इकाई स्थापित करने वाले उद्यमियों को उ0प्र0 रक्षा तथा एयरोस्पेस इकाई एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2018 के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा डिफेंस इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर के लिए बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। डिफेंस इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर के 6 चिन्हित नोड-आगरा, अलीगढ़, चित्रकूट, लखनऊ-उन्नाव, झांसी तथा कानपुर हैं।

अलीगढ़ में भी 50 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है। मुख्यमंत्री ने भारत-कोरिया के कारोबारी सम्बन्धों का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जई इन जी ने गौतमबुद्धनगर (नोएडा) में संयुक्त रूप से सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की नई मोबाइल फोन निर्माण इकाई का उद्घाटन किया था।

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