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Kumbh 2019: सांस्कृतिक मंच कर रहे कुंभ की दिव्यता और भव्यता का बखान

प्रयागराज के 20 सांस्कृतिक मंचों पर लगातार हो रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम कुंभ की दिव्यता और भव्यता का बखान कर रहे हैं। बुधवार को इन सांस्कृतिक मंचों पर हुए कार्यक्रमों का दर्शकों द्वारा जोरदार स्वागत हुआ।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 6 Feb 2019 4:06 PM GMT

Kumbh 2019:  सांस्कृतिक मंच कर रहे कुंभ की दिव्यता और भव्यता का बखान
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आशीष पाण्डेय

कुंभ नगर: प्रयागराज के 20 सांस्कृतिक मंचों पर लगातार हो रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम कुंभ की दिव्यता और भव्यता का बखान कर रहे हैं। बुधवार को इन सांस्कृतिक मंचों पर हुए कार्यक्रमों का दर्शकों द्वारा जोरदार स्वागत हुआ। किला चौराहे, अक्षयवट मंच के निकट और भारद्वाज मंच के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर बिहार के जादूगर अमन कुमार निषाद ने जादू का कार्यक्रम प्रस्तुत किया।

वहीं लखनऊ की दिव्य सांस्कृतिक, शैक्षिक एवं सामाजिक संस्था द्वारा लोकनृत्य की प्रस्तुति की गई। केपी इंटर कॉलेज, लेप्रोसी मिशन चैराहे और हाथी पार्क के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज लखनऊ के अंकित कुमार श्रीवास्तव ने मैजिक शो प्रस्तुत किया। इनके बाद प्रयागराज के राधेश्याम कुशवाहा ने लोकनृत्य प्रस्तुत करके दर्शकों की वाहवाही लूटी।

उनके उपरान्त प्रयागराज के जयप्रकाश पटेल ने अवधी लोक गायन का कार्यक्रम प्रस्तुत करके दर्शकों का मन मोह लिया। बैंक चौराहा सिविल लाइंस बस स्टॉप और पत्थर वाले चर्च के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर प्रयागराज की संस्था कॉमन्स ने एक नाटक का मंचन किया।

लखनऊ के कलाकार विद्याभूषण सोनी और उनके साथियों ने लोक नृत्य की सुन्दर प्रस्तुति द्वारा दर्शकों का दिल जीत लिया। बालसन चौराहा , इंद्रमूर्ति चौराहा और सुभाष चौराहा के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर सुल्तानपुर के दया शंकर मिश्र ने आल्हा गायन की प्रस्तुति दी, वहीं सोनभद्र के कलाकार निद्धिनाथ ने लोक नृत्य प्रस्तुत कर के महफ़िल लूट ली। विश्वविद्यालय तिराहे और राजापुर ट्रैफिक चैराहे के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर संत रविदास नगर के गुलाब चंद्र विश्वकर्मा ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया. उनके बाद देवरिया के लोक-कलाकार रामरतन ने लोक गीत की मधुर प्रस्तुति से समा बांध दिया।

हीरालाल हलवाई चैराहा, सरस्वती घाट-नैनी बृज और प्रयागराज जंक्शन के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर लखनऊ की कलाकार रिंकी विश्वकर्मा ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया. उनके बाद सागर (मध्यप्रदेश) के रहने वाले लोक-कलाकार रामदास ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया। जिसे दर्शकों ने बहुत पसंद किया।

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Aditya Mishra

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