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भाषा और भाव विदेशी लेकिन संगीत में झलक रही भारतीयता का रंग: चिदानंद

परमार्थ निकेतन शिविर, अरैल क्षेत्र सेक्टर 18 संगम के पावन तट पर सुरों का संगम हुआ। विश्व विख्यात सूफी गायक गिल रान शमा और उनके शिवा बैंड ने मधुर प्रस्तुति दी। संगम का तट साइबेरियन पक्षियों की मधुर आवाज और इजरायल, यमन, ईरान, टर्की और अमेरिका से आये गायकों की गूंज से गूंज उठा।

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Published on 17 Feb 2019 4:22 PM GMT

भाषा और भाव विदेशी लेकिन संगीत में झलक रही भारतीयता का रंग: चिदानंद
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आशीष पाण्डेय

कुम्भ नगर: परमार्थ निकेतन शिविर, अरैल क्षेत्र सेक्टर 18 संगम के पावन तट पर सुरों का संगम हुआ। विश्व विख्यात सूफी गायक गिल रान शमा और उनके शिवा बैंड ने मधुर प्रस्तुति दी। संगम का तट साइबेरियन पक्षियों की मधुर आवाज और इजरायल, यमन, ईरान, टर्की और अमेरिका से आये गायकों की गूंज से गूंज उठा। संगम के तट पर बैठे श्रद्धालु प्रफुल्लित हो उठे, मन आनन्द से भर उठा।

भारतीय अध्यात्म के परिपूर्ण संगीत की लहरे विदेशी भाषा में संगम की तरंगों में गूंज रही थी। गिल रान शमा ने अपने अंदाज में संगम की आरती गाई। वास्तव में यह संगीत आत्मा को झंकृत कर रहा था।

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शिवा बैंड के गायक और संगीतकार विदेश की धरती से कुम्भ में संगम के तट पर आकर संगम की आरती कर रहे है वास्तव में यह विलक्षण दृश्य है।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि संगीत मन के भावों को व्यक्त करता है। संगीत के माध्यम से हम परमात्मा से जुड़ सकते है। संगीत वह दिव्य अनुभूति है जो मन को शान्ति प्रदान करती है। आज संगम के तट पर सरबेरियन पक्षी अपनी मस्ती में अपना संगीत सुना रहे है और दूसरी ओर भारतीय रंग में रंगे विदेशी कलाकार भारतीय अध्यात्म को गा रहे है, वास्तव के यह सूरों का अद्भुत संगम है।

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साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि संगीत की कोई भाषा नहीं होती यह तो मन के भाव है। जिसके माध्यम से हम परमात्मा से जुड़ सकते है। गिल रान शमा के द्वारा आज अविस्मर्णीय प्रस्तुति दी गयी। उन्होने सभी गायकों और संगीतज्ञों का संगम के तट पर अभिनन्दन किया।

स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने गिल रान शमा, ताल ओडेड, इजरायल, मायन लिनीक इजरायल, येर तजाबरी, कमाल सलीमन, अमीर शजर, ओफिर इवेनोडेन, इटाइ इलिअसी, एवं अन्य कलाकारों को रूद्राक्ष की माला और अंग वस्त्र भेंट कर सभी का अभिनन्दन किया।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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