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कुशीनगर शराब कांड: बरामद हुई थी दो हजार पेटी और मुकदमा दर्ज हुआ 220 पेटी का!

सत्ताधारी पार्टी भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री तथा फाजिलनगर विधानसभा के संयोजक अजय कुमार राय ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर जिले के अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी को भी इस घटना की जांच परिधि में लाने और उन पर कार्यवाही करने की मांग उठाकर इस चर्चा को बल दे दिया है।

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 13 Feb 2019 3:43 PM GMT

कुशीनगर शराब कांड: बरामद हुई थी दो हजार पेटी और मुकदमा दर्ज हुआ 220 पेटी का!
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कुशीनगर: जिले में हाल ही में हुए शराब त्रासदी के बाद बिहार सीमा से सटा जिले का तरयासुजान थाना सुर्खियों में है। आठ मौतों के बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष तरयासुजान, आबकारी निरीक्षक समेत 11 कर्मियों के निलंबन और पूरे थाने के पुलिसकर्मियो को लाईन हाजिर किए जाने के बीच ही एक पुरानी कहानी अब धमाल मचा रही है।

अक्टूबर महीने में तमकुहीराज क्षेत्र के एसडीएम द्वारा नदी के रेता क्षेत्र मे पकड़े गए 2000 पेटी शराब और स्प्रिट के ड्रमों के मामले में तरयासुजान पुलिस का एक खेल सामने आया है।

बताते चलें कि हाल ही में हुए नकली शराब काण्ड के बाद प्रशासनिक अमले में आरोप प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी बीच पुलिस के गड़बड़झाले का एक बड़ा साक्ष्य सामने आया है। इस जानकारी के अनुसार बीते साल 2018 के अक्टूबर महीने में एसडीएम तमकुहीराज प्रमोद कुमार द्वारा लगातार तीन दिन अभियान चलाकर अहिरौलीदान क्षेत्र में नारायणी नदी के उस पार रेता क्षेत्र में अवैध शराब और स्प्रिट का भारी जखीरा बरामद किया गया था।

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साक्ष्य के अनुसार पहले दिन तरयासुजान पुलिस को 22 ड्रम स्प्रिट समेत 2000 से अधिक शराब की पेटियों समेत अन्य सामान सुपुर्दगी में उन्होंने दिया था। दूसरे दिन के अभियान में 26 ड्रम की बरामदगी की बात फर्द में लिखा गया है । इसी मामले में जो चौकाने वाले तथ्य सामने आए हैं उसके अनुसार मुकदमा दर्ज करते समय पुलिस ने मात्र 26 ड्रम स्प्रिट और मात्र 220 पेटी शराब ही बरामदगी में दिखाया है।

ये विषय सामने आने के बाद सवाल उठना लाजमी है कि एसडीएम द्वारा बरामद माल की सुपुर्दगी के बाद आखिरकार ये माल कहाँ उड़ गया। चर्चा जोरों पर है कि पुलिस के एक बड़े जिला स्तरीय अधिकारी ने इस मामले का अल्पीकरण करने में महती भूमिका निभायी थी और तरयासुजान पुलिस ने उन्ही के निर्देश पर घटना का अल्पीकरण करने के चक्कर मे पूरे बरामद माल को एफआईआर में दर्ज ही नही किया। अब बड़ी घटना घटित होने के बाद पुलिस और प्रशासन के बीच अन्दरूनी तौर पर चल रहे आरोप - प्रत्यारोप के बीच सुपुर्दगी रिपोर्ट और एफआईआर की कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हो चली है।

सत्ताधारी पार्टी भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री तथा फाजिलनगर विधानसभा के संयोजक अजय कुमार राय ने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर जिले के अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी को भी इस घटना की जाँच परिधि में लाने और उन पर कार्यवाही करने की मांग उठाकर इस चर्चा को बल दे दिया है। श्री राय ने एएसपी, क्षेत्रीय सीओ और एसओ के काल डिटेल निकलवाने और उसे एसआईटी जाँच में शामिल करने की भी माँग भी की है।

एसडीएम की सुपुर्दगी रिपोर्ट और दूसरे दिन उसी मामले में दर्ज एफआईआर की कॉपी मिलने के बाद हमने क्षेत्रीय एसडीएम प्रमोद कुमार से उनका पक्ष जानने का कई प्रयास किया लेकिन उनका सीयूजी मोबाइल नाट रिचेबल मोड में मिला।

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Aditya Mishra

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