UP में होम आइसोलेशन के लिए गाइडलाइन जारी, माननी होंगी ये शर्तें

होम आइसोलेशन पर संस्तुति के लिए एक कमेटी का गठन भी किया गया है। होम आइसोलेशन के लिए रोगी और उसके परिवार प्रोटोकाल भी तय किया गया है

लखनऊ: यूपी की योगी सरकार ने लक्षणरहित कोविड-19 संक्रमित रोगियों को एक निर्धारित प्रोटोकॉल के अधीन शर्तों के साथ होम आइसोलेशन की मंजूरी दे दी है। होम आइसोलेशन पर संस्तुति के लिए एक कमेटी का गठन भी किया गया है। होम आइसोलेशन के लिए रोगी और उसके परिवार प्रोटोकाल भी तय किया गया है, जिसकी शर्ते पूरी करने पर ही होम आइसोलेशन की मंजूरी मिलेगी।

ये है होम आइसोलेशन की शर्ते

1-उपचार प्रदान करने वाले चिकित्सक द्वारा ऐसे व्यक्ति को लक्षणरहित रोगी के रूप में चिन्हित किया गया हो।
2- ऐसे रोगी के निवास पर स्वयं को आइसोलेट करने तथा परिजनों को क्वारेंटीन करने की सुविधा हो तथा घर में कम से कम दो शौचालय जरूर होने चाहिए।
3- ऐसे रोगी जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता किसी कारणवश कमजोर है, वे होम आइसोलेशन के पात्र नहीं होंगे।
4- रोगी की देखरेख करने के लिए 24 घंटे एक व्यक्ति उपलब्ध हो। होम आइसोलेशन की अवधि में उक्त देखरेख करने वाले व्यक्ति और संबंधित चिकित्सालय के बीच संपर्क बनाये रखना जरूरी होगा।
5- देखरेख करने वाले व्यक्ति तथा रोगी के निकट संपर्कियों को उपचार करने वाले चिकित्सक की सलाह पर हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन प्रोफाइलेक्सिस लेनी होगी।

6- होम आइसोलेशन करने वाले व्यक्ति को आरोग्य सेतु मोबाइल एप को अपने मोबाइल पर डाउनलोड करना होगा तथा ब्लू-टूथ व वाई-फाई के जरिए इसे हमेशा सक्रिय रखना होगा। इसके साथ ही दिन में दो बार इस एप पर सूचना को अपडेट करना होगा। स्मार्ट फोन न होने पर रोगी को कोविड नियंत्रण कक्ष के फोन पर अपने स्वास्थ्य की जानकारी देनी होगी

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7- स्वास्थ्य विभाग द्वारा विकसित आइसोलेशन एप् को मरीज को अपने स्मार्ट फोन पर डाउनलोड करना होगा।
8- रोगी को अपने स्वास्थ्य को नियमित मानीटर करना होगा और जिले के सर्विलांस अधिकारी को इसकी सूचना देनी होगी।
9- होम आइसोलेशन के लिए रोगी को अपने पास एक किट रखनी होगी। जिसमे पल्स आक्सीमीटर, थर्मामीटर, मास्क, ग्लब्स, सोडियम हाइपोक्लोराइट साल्यूशन तथा प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली वस्तुएं होनी चाहिए।
10- रोगी को होम आइसोलेशन के लिए एक अंडरटेंकिंग देनी होगी तथा क्वारेंटीन गाइडलाइन का पालन करना होगा।

स्वास्थ्य अधिकारियों की ड्यूटी

रोगी की देखभाल करने वाले व्यक्ति को नियमित अपने स्वास्थ्य की मानीटरिंग करनी होगी तथा सांस लेने में कठिनाई, शरीर में आक्सीजन की कमी, सीने में लगातार दर्द, मानसिक भ्रम की स्थिति, बोलने में समस्या, चेहरे या किसी अंग में कमजोरी तथा होठों या चेहरे पर नीलापन जैसे लक्षण महसूस होने पर जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों या कोविड कंट्रोल रूम से संपर्क करना होगा। जिले के स्वास्थ्य अधिकारी होम आइसोलेशन के सभी मरीजों की मानीटरिंग करेंगे। ऐसे मरीजों की मानीटरिंग के लिए सर्विलांस टीम और कोविड कंट्रोल सेंटर को करनी होगी। जिसमे शरीर का तापमान, पल्स रेट व आक्सीजन लेवल का रिकार्ड रखा जायेगा।

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इसके साथ ही होम आइसोलेशन मरीजों का विवरण नियमित रूप् से कोविड पोर्टल पर भी अपडेट किया जायेगा। मरीज द्वारा प्रोटोकाल का उल्लंघन करने या उपचार के लिए कोविड अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए जिला प्रशासन निर्णय लेगा। होम आइसोलेशन की अवधि 10 दिन के बाद समाप्त होगी लेकिन इसमे यह भी देखा जायेगा कि रोगी को पिछले 03 दिन से बुखार न आया हो। इसके बाद रोगी को एक सप्ताह तक अपने घर पर ही रह कर अपने स्वास्थ्य की मानीटरिंग करनी होगी। होम आइसोलेशन समाप्त होने पर किसी जांच की आवश्यकता नहीं होगी

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