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Lucknow News: AAP राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा- 'BJP के नेताओं को करोड़ों हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए'

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन में घोटाले का आरोप लगाया। इसी के साथ उन्होंने मीडिया के सामने कई खुलासे भी किये।

Shashwat Mishra

Shashwat MishraReporter Shashwat MishraShashi kant gautamPublished By Shashi kant gautam

Published on 17 Jun 2021 2:48 PM GMT

Aam Aadmi Party leader and UP in-charge Sanjay Singh press conference on ram mandi ghotala
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आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए: फोटो- सोशल मीडिया   

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Lucknow News: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह ने गोमती नगर स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस वार्ता में उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन में घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी, राम जन्म भूमि ट्रस्ट औऱ विश्व हिंदू परिषद जिस एग्रीमेंट का बार-बार जिक्र कर रहे थे, वह 18 मार्च को कैंसिल हो गया था। आप प्रदेश प्रभारी ने कहा कि राम जन्म भूमि ट्रस्ट ने रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी से जो जमीन खरीदी है, उसका रेट प्रति वर्ग मीटर 4800 रुपये है।

'9 लोगों के साथ कराए गए एग्रीमेंट में नहीं था रवि मोहन तिवारी का नाम'

आम आदमी पार्टी के यूपी प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम जन्म भूमि ट्रस्ट को बेची गई जमीन के संबंध में आज एक और नया खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि मैंने जब से यह खुलासा किया है कि भारतीय जनता पार्टी, राम जन्म भूमि ट्रस्ट औऱ विश्व हिंदू परिषद जिस एग्रीमेंट का बार-बार जिक्र कर रहे थे, वह दरअसल 18 मार्च को कैंसिल हो गया था। उस एग्रीमेंट में 9 लोगों का नाम था लेकिन रवि मोहन तिवारी का नाम नहीं था। जब रवी मोहन तिवारी का नाम एग्रीमेंट में नहीं था तो फिर बहनामे में उसका नाम क्यों शामिल कराया गया।

मैंने आप लोगों के लिए सवाल छोड़ा था कि ऋषिकेश उपाध्याय और रवि मोहन तिवारी के बीच में क्या रिश्ता है। मैं आज बता रहा हूं भारतीय जनता पार्टी के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और रवि मोहन तिवारी रिश्तेदार हैं। रवि मोहन तिवारी मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के समधी का साला है। इनका नाम एग्रीमेंट में इसलिए डाला गया ताकि इनके खाते में रुपए डाल कर करोड़ों रुपए की बंदरबांट की जा सके। राम जन्म भूमि के चंदे का करोड़ों रुपए चोरी किया जा सके। दूसरी बात भारतीय जनता पार्टी, राम जन्म भूमि ट्रस्ट के चंपत राय बार-बार पूछ रहे थे बगल की जमीन का रेट पता करो। वहां जमीन मंहगी हो गई है। अंग्रेजी के दैनिक समाचार पत्र ने आज इसका खुलासा किया है कि बगल की जमीन का रेट 8 करोड़ रुपए है।

'चंदा चोरों को तो पता था कि बगल की जमीन का रेट 8 करोड रुपए है'

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि झूठ नंबर 1 पहले दिन चंपत राय ने कहा-मैं इस मामले की स्टडी करूंगा, जबकि जब कि वह 3 महीने से सुल्तान अंसारी से मिल रहे थे और जमीन का सौदा कर रहे थे। उनको घटना के बारे में जानकारी थी। झूठ नंबर 2 सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी के साथ पुराना एग्रीमेंट था, वह हमारे लिए बाध्यकारी था। इसलिए उन्होंने दो करोड़ में जमीन खरीदी, जिसे हमने उनसे 18.50 करोड़ में खरीदा। सच यह है कि वह एग्रीमेंट 18 मार्च को ही निरस्त हो गया था। झूठ नंबर 3 कि जमीन का रेट महंगा हो गया। भाजपा, विश्व हिंदू परिषद, राम जन्मभूमि ट्रस्ट के लोग मुझसे पूछ रहे थे कि आसपास की जमीन का रेट पता कर लो। जबकि चंदा चोरों को तो पता था कि बगल की जमीन का रेट 8 करोड रुपए है।

उन्होंने कहा कि मैं 8 करोड़ रुपए की जमीन का रेट बताता हूं। यह गाटा संख्या 242, इसका मतलब कि बगल की जमीन है। इसका मूल्य प्रति वर्ग मीटर 4800 रुपये है। राम जन्म भूमि ट्रस्ट ने रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी से जो जमीन खरीदी है, उसका रेट भी प्रति वर्ग मीटर 4800 रुपये है, यानि जमीन बिल्कुल आसपास की है। गाटा 243, 244, 246 को 18.50 करोड़ रुपये में खरीदी जाती है और गाटा संख्या 242 की जमीन 8 करोड़ रुपये में खरीदी जाती है। 8 करोड़ रुपये में 10370 वर्ग मीटर जमीन खरीदी गई और 18.50 करोड़ रुपये में 12080 वर्ग मीटर जमीन खरीदी गई है। एक जमीन 12080 वर्ग मीटर और दूसरी जमीन है 10370 वर्ग मीटर है जबकि एक जमीन का दाम है 18.50 करोड़ रुपये और दूसरी जमीन का दाम है 8 करोड़ रुपये है। दोनों जमीनों में मात्र 1700 वर्ग मीटर का अंतर है। यह भ्रष्टाचार नहीं तो क्या है।

उन्होंने कहा कि अगर 8 करोड़ के रेट को सही मान लें जिसमें 10370 वर्ग मीटर जमीन खऱीदी गई तो 18.50 करोड में करीब 26000 वर्ग मीटर जमीन खरीदी जा सकती थी। लेकिन आपने 12080 वर्ग मीटर का दाम 18.50 करोड़ रुपये लगाया। यह गणित कक्षा तीन के बच्चे को समझ में आ सकती है जो चंपत राय, भाजपा, विश्वहिन्दू परिषद को समझ में नहीं आ रही है।

'भाजपा के नेताओं को करोड़ों हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए'

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि देश के करोड़ों राम भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। प्रभु श्री राम के मंदिर में घोटाला और भ्रष्टाचार हुआ है। प्रभु श्री राम का मंदिर अगर नहीं बन पा रहा है तो इसलिए क्योंकि राम मंदिर के नाम पर घोटाला और भ्रष्टाचार किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और राम जन्म भूमि ट्रस्ट के लोगों ने मिलकर प्रभु श्री राम के मंदिर का पैसा खा लिया है। भाजपा के नेताओं को देश और दुनिया के करोड़ों हिंदुओं से माफी मांगनी चाहिए। यह 16.50 करोड़ रुपये इन बेईमानों से वापस लेना चाहिए क्योंकि इस देश के करोड़ों लोगों की गाढ़ी कमाई का पैसा है और इन बेईमानों को पकड़कर जेल में डालना चाहिए। यह बहुत बड़े चोर हैं और आज के दस्तावेजों से स्पष्ट हो जाता है कि एक नहीं बार-बार झूठ बोला गया।

उन्होंन कहा कि चंपत राय को पता था कि बगल की जमीन का मूल्य 8 करोड़ है। मैं चंपत राय से पूछना चाहता हूं कि क्या अगर आपको अपने पैसे से जमीन खरीदनी होती तो आप ठीक बगल की जमीन को 18.50 करोड़ रुपये में जमीन खरीदते। क्योंकि देश के करोड़ों लोगों की आस्था और गाढ़ी कमाई का पैसा था। उस पैसे में आपको भ्रष्टाचार करना था इसलिए ठीक बगल में 10370 वर्ग मीटर 8 करोड़ में खरीदा जाता है और 12080 वर्ग मीटर 18.50 करोड़ रुपये में खरीदा जाता है। इससे पूरी तरह से भ्रष्टाचार स्पष्ट हो गया है।

राज्यसभा सांसद संजय सिंह की प्रेसवार्ता के मुख्य वक्तव्य-

•राम मंदिर के लिए 12080 वर्ग मीटर जमीन 18.50 करोड़ रुपये में खरीदी गई, जबकि उसके बगल में 10370 वर्ग मीटर जमीन सिर्फ 8 करोड़ रुपये में खरीदी गई, इससे साफ पता चलता है कि जमीन की खरीद में भ्रष्टाचार किया गया है।

•अगर 8 करोड़ में 10370 वर्ग मीटर जमीन के रेट को सही मान लें, तो भी 18.50 करोड रुपये में करीब 26000 वर्ग मीटर जमीन खरीदी जा सकती थी, जबकि साढ़े अट्ठारह करोड़ में सिर्फ 12080 वर्ग मीटर जमीन ही खरीदी।

•राम जन्म भूमि ट्रस्ट, भाजपा और विश्व हिन्दू परिषद जिस एग्रीमेंट का बार-बार जिक्र कर रहे थे, वह 18 मार्च को कैंसिल हो गया था। उसमें रवि मोहन तिवारी का नाम नहीं था, तो बैनामे में उसका नाम क्यों शामिल कराया गया।

•भारतीय जनता पार्टी के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय और रवि मोहन तिवारी रिश्तेदार हैं, रवि मोहन तिवारी मेयर ऋषिकेश उपाध्याय के समधी का साला है।

•प्रभु श्री राम का मंदिर इसलिए नहीं बन पा रहा है, क्योंकि घोटाला और भ्रष्टाचार किया जा रहा है, भाजपा और राम जन्म भूमि ट्रस्ट के लोगों ने प्रभु श्री राम मंदिर के पैसे को खा लिया है।

•गरीबों ने अपना पेट काटकर प्रभु श्री राम की मंदिर के लिए चंदा दिया, उस चंदे के पैसे के एक-एक रुपए का सदुपयोग होना चाहिए।

•जगदगुरू शंकराचार्य जी, स्वामी स्वरूपानंद जी, रामलला मंदिर के मुख्य पुजारी, सत्येंद्र दास, निर्मोही अखाड़े, स्वामी अवमुक्तेश्वानंद का बयान आया कि वो भी इस भ्रष्टाचार की घटना से आहत हैं, क्या ये सब प्रभु श्री राम के खिलाफ हैं?

'भ्रष्टाचार करने वालों को गिरफ्तार कर खाते सीज होने चाहिए'

राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट के लोग चिट्टी लिखकर देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। उस चिट्ठी में लिख रहे हैं कि उक्त जमीन का पूर्व में विक्रेता गणों ने एग्रीमेंट किया था। यह झूठा पत्र क्यों लिख रहे हैं, राम भक्तों को गुमराह क्यों कर रहे हैं। प्रभु श्री राम का मंदिर तेजी से बनना चाहिए लेकिन इन चंदा चोरों को जेल में भेजकर बनना चाहिए। गरीबों ने अपना पेट काटकर प्रभु श्री राम की मंदिर के लिए चंदा दिया। उस चंदे के पैसे का एक-एक रुपए का सदुपयोग होना चाहिए। इस देश के करोड़ों हिंदुओं से भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद और राम जन्म भूमि ट्रस्ट को हाथ जोड़कर इस चोरी के लिए माफी मांगनी चाहिए। इन सबको गिरफ्तार कि इनको जेल में डालो और इनके खाते सीज करो।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी 1952 में जनसंघ से बनी। 70 साल पुरानी पार्टी भारतीय जनता पार्टी, राम जन्म भूमि ट्रस्ट और विश्व हिन्दू परिषद के लोग सवालों के जवाब देने के बजाए कहते हैं कि हमारे नेता प्रॉपर्टी डीलर सुल्तान अंसारी हैं, उनसे सवाल कीजिए। भारतयी जनता पार्टी का नारा है, सुल्तान अंसारी हमारा है। सुल्तान अंसारी के पीछे खड़े हुए सब। भाजपाईयों के ऐसे दुर्दिन आ गए कि नैतिकता का ज्ञान देने वाले भाजपाई कह रहे हैं कि हमारे नेता सुल्तान अंसारी सच बताएंगे।

संजय सिंह ने कहा कि 50 लाख रुपये से ज्यादा की कोई खरीद अगर रजिस्ट्री विभाग में होती है तो उत्तर प्रदेश का नियम है कि रजिस्ट्री विभाग इनकम टैक्स विभाग को इसकी सूचना देता है। इनकम टैक्स विभाग उनसे वसूली करता है। इस मामले में ऐसा क्यों नहीं हुआ। 18.50 करोड़, 8 करोड़ और दो करोड़ की जमीन खरीदने के मामले में ऐसा क्यों नहीं हुआ। प्रभु श्री राम के नाम पर चंदा चोरी मुंह में राम बगल में छुरी, करते हो ऊपर से सीना जोरी।

'परिवार को धमकियां देकर मेरे ऊपर हमले कराए जा रहे हैं'

मेरे परिवार के लोगों को धमकियां दी जा रही हैं, मेरे ऊपर हमले कराएं जा रहे हैं। मैं करोड़ों राम भक्तों से कहना चाहता हूं कि गुमराह मत होना। इनकी असलियत अब सामने आ चुकी है। आप आम आदमी पार्टी वालों पर आरोप लगाते हैं। जगदगुरू शंकराचार्य जी, स्वामी स्वरूपानंद जी, रामलला मंदिर के मुख्य पुजारी का बयान आया, सत्येंद्र दास, स्वामी अवमुक्तेश्वानंद का बयान आया कि वो भी इस भ्रष्टाचार की घटना से आहत हैं।

उन्होंने लिखित में शिकायत दी, क्या वो भी प्रभु श्री राम के खिलाफ हैं। निर्मोही अखाड़े का बयान आया कि इनके ऊपर तीन साल पहले 1400 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था, क्या ये सब भी प्रभू श्री राम के खिलाफ हैं। चंदा चोरो अपनी चोरी को बचाने के लिए दूसरों पर आरोप लगाना बंद करो। यह 16.50 करोड़ रुपये वापस करो, जेल में जाओ।

Shashi kant gautam

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