×

KGMU: डॉ. कमलेश्वर ने बताए रैगिंग रोकने के तरीके, आर्थोपेडिक सर्जरी विभाग के डॉ. संतोष कुमार का हुआ निधन

Lucknow: KGMU के प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग के प्रोफेसर जूनियर ग्रेड डॉ कमलेश्वर सिंह ने रैगिंग के खतरे को रोकने के उपाय विषय पर अतिथि व्याख्यान दिया है।

Shashwat Mishra
Updated on: 7 July 2022 3:32 PM GMT
Lucknow News In Hindi
X

KGMU: डॉ. कमलेश्वर ने बताए रैगिंग रोकने के तरीके। 

  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • koo

Lucknow: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्विद्यालय (KGMU) के प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग के प्रोफेसर जूनियर ग्रेड व यूपी डेंटल काउंसिल के सदस्य डॉ कमलेश्वर सिंह (UP Dental Council Member Dr Kamleshwar Singh) ने गुरुवार को 'करियर पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज' में 'रैगिंग के खतरे को रोकने के उपाय' विषय पर अतिथि व्याख्यान दिया है। उन्होंने कहा कि अतिथि व्याख्यान से बीडीएस बैच-2022 के फ्रेशर छात्रों की रैगिंग को रोकने में मदद मिलेगी।

डॉ. कमलेश्वर ने बताए रैगिंग रोकने के तरीके

डॉ. कमलेश्वर (UP Dental Council Member Dr Kamleshwar Singh) ने कहा कि रैगिंग किसी भी प्रकार का उच्छृंखल आचरण है। चाहे वह कृत्य हो या बोले गए शब्द हों, जिसका प्रभाव किसी भी नए छात्र के साथ छेड़खानी करना, उसके साथ अशिष्टता से व्यवहार करना है। रैगिंग को रोकने की प्राथमिक जिम्मेदारी छात्रों की काउंसलिंग, ओरिएंटेशन प्रोग्राम और एंटी रैगिंग कमेटियों द्वारा संस्थान पर निर्भर करती है। हालांकि, छात्रों पर रैगिंग के हालिया प्रभाव को देखते हुए, डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा रैगिंग के खतरे को रोकने के लिए विभिन्न दिशा-निर्देश दिए गए थे। जैसे कि एंटी रैगिंग कार्यक्रम, पोस्टर और छात्रों की काउंसलिंग की योजना बनाना।

केजीएमयू के आचार्य डॉ. संतोष कुमार का हुआ निधन

आर्थोपेडिक सर्जरी विभाग (orthopedic surgery department) के आचार्य डॉ. संतोष कुमार (Acharya Dr. Santosh Kumar) का एसजीपीजीआई में निधन हो गया। लम्बे समय से गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। डॉ. संतोष कुमार वर्तमान समय में केजीएमयू के आर्थोपेडिक सर्जरी विभाग (orthopedic surgery department) में आचार्य पद पर तैनात थे। डॉ. संतोष कुमार ने वर्ष 1993 में केजीएमयू से एमबीबीएस व वर्ष 1998 में केजीएमयू से एमएस (आर्थोपेडिक) पूर्ण किया था। डॉ. संतोष ने केजीएमयू को वर्ष 2002 से लेक्चरर पद से लेकर वर्तमान में आचार्य पद तक की अपनी सेवाएँ प्रदान की। उनका दोपहर डा संतोष कुमार में आलमबाग स्थित शमशान घाट पर दाह संस्कार किया गया। जिसमें चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति ले. जन. (डॉ) बिपिन पुरी, प्रति कुलपति डॉ विनीत शर्मा समेत समस्त विभागाध्यक्ष, डाक्टर्स, फैकल्टी एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

Deepak Kumar

Deepak Kumar

Next Story