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क्‍या नाराज CM योगी को मनाने के लिए सस्‍पेंड किए गए सिपाही? DM, SSP की लगी क्लास

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amanBy aman

Published on 8 Jun 2017 3:46 PM GMT

क्‍या नाराज CM योगी को मनाने के लिए सस्‍पेंड किए गए सिपाही? DM, SSP की लगी क्लास
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CM योगी को काला झंडा दिखाने वाले स्टूडेंट्स की बेल खारिज, अभी रहेंगे जेल में
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लखनऊ: सीएम योगी आदित्‍यनाथ को बुधवार को लखनऊ यूनिवर्सिटी में हिंदवी स्‍वराज दिवस कार्यक्रम में शिरकत करने जाने के दौरान कुछ छात्र नेताओं ने काले झंडे दिखाए थे। छात्रों की इस हरकत से नाराज सीएम योगी ने मंच से ही अपने तेवर स्‍पष्‍ट कर दिए थे।

कार्यक्रम खत्‍म होने के बाद अधिकारी सीएम को मनाने का जतन करने लगे। इसी क्रम में एसएसपी दीपक कुमार, एक उपनिरीक्षक और पांच सिपाहियों को निलंबित करके रूठे सीएम को मनाने और अपनी गर्दन बचाने की जद्दोजहद में लग गए। लेकिन अभी तक किसी बड़े अधिकारी पर कार्यवाही न होना, इस निलंबन पर सवाल खड़े करता है।

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सीएम की सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर डीएम और एसएसपी की लगी क्लास

सीएम सुरक्षा में लगी सेंध के बाद शासन ने गुरुवार को लखनऊ के डीएम कौशलराज शर्मा और एसएसपी दीपक कुमार को तलब कर फटकार लगाई। इसके साथ ही उन्हें सीएम की सुरक्षा और चाक चौबंद करने के निर्देश दिए।

सीएम की गाड़ी के बोनट पर चढ़ गए थे स्‍टूडेंट

लखनऊ यूनिवर्सिटी के बाहर बुधवार को सीएम योगी की फ्लीट जैसे ही यूनिवर्सिटी के गेट नंबर एक पर पहुंची। समाजवादी छात्रसभा की नेता अपूर्वा वर्मा फ्लीट के आगे कूद गई। इस पर पूरी फ्लीट रूक गई। सीएम की फ्लीट रुकते ही समाजवादी छात्रसभा, आईसा, एसएफआई सहित अन्‍य छात्र संगठनों के छात्र नेता काले झंडे लेकर सीएम की गाड़ी के सामने आ गए। यहां तक की कुछ तो उनकी गाड़ी के बोनट पर भी चढ़ गए। यह देखकर हड़बड़ाए सिपाही छात्रों को पकड़ने में लग गए। काफी मशक्‍कत के बाद छात्रों को हिरासत में लिया गया और तब जाकर सीएम योगी का फ्लीट यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम स्‍थल तक जा सका।

आगे की स्लाइड्स में पढ़ें पूरी खबर ...

जानकारी के बावजूद लचर सुरक्षा

छात्र नेताओं ने सीएम की फ्लीट को काले झंडे दिखाने का कई दिन पहले कार्यक्रम बना लिया था। इस बात की पूरी यूनिवर्सिटी में खुलेआम चर्चा भी होती थी। सूत्रों की मानें, तो एलआईयू को इस बात की पहले से जानकारी थी। इसके बावजूद जब सीएम का फ्लीट कार्यक्रम स्‍थल पर पहुंचा तो वहां सुरक्षा के नाम पर मात्र दो चार सिपाही ही मौजूद थे। किसी बड़े अफसर ने इस घटना की पूर्व सूचना के बाद भी सुरक्षा व्‍यवस्‍था को दुरुस्त नहीं किया था। इसके बावजूद जब यह घटना हुई तो इसका जिम्‍मेदार सिर्फ चंद सिपाहियों को ही माना गया और एलआईयू और जिले के प्रशासनिक अफसरों पर कोई कार्यवाही तक नहीं हुई।

लापरवाही की क्या थी वजह?

ऐसे में सवाल यह है कि पूरे प्रदेश के सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण व्‍यक्ति की सुरक्षा में ऐसी लापरवाही बरतने के पीछे क्‍या वजह रही। जिस प्रकार की स्थिति उत्‍पन्‍न हो गई थी, उसमें सीएम को कुछ भी हो सकता था। तो ऐसे में क्‍या सिर्फ सिपाहियों को निलंबित करना और डीएसपी या हल्‍के के एसपी की कोई जिम्‍मेदारी तय न होना भी कई सवाल खड़े करता है।

इन्हें किया गया सस्‍पेंड

सीएम योगी को स्‍टूडेंटस द्वारा काले झंडे दिखाने के मामले में एसएसपी दीपक कुमार ने एक उपनिरीक्षक वीरेंद्र यादव और पांच सिपाहियों को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया। जो लोग सस्‍पेंड हुए उसमें उपनिरीक्षक वीरेंदर यादव थाना चिनहट, कॉन्सटेबल अलाउददीन, कॉन्सटेबल जीवन सहाय, कॉन्सटेबल आत्मेन्दर सिंह, कॉन्सटेबल विजेंदर कुमार और थाना मलिहाबाद से डयूटी पर आए कॉन्सटेबल देवेंदर सिंह शामिल थे।

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अमन कुमार, सात सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। New Delhi Ymca में जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान ही ये 'कृषि जागरण' पत्रिका से जुड़े। इस दौरान इनके कई लेख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और कृषि से जुड़े मुद्दों पर छप चुके हैं। बाद में ये आकाशवाणी दिल्ली से जुड़े। इस दौरान ये फीचर यूनिट का हिस्सा बने और कई रेडियो फीचर पर टीम वर्क किया। फिर इन्होंने नई पारी की शुरुआत 'इंडिया न्यूज़' ग्रुप से की। यहां इन्होंने दैनिक समाचार पत्र 'आज समाज' के लिए हरियाणा, दिल्ली और जनरल डेस्क पर काम किया। इस दौरान इनके कई व्यंग्यात्मक लेख संपादकीय पन्ने पर छपते रहे। करीब दो सालों से वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

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