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लखनऊ यूनिवर्सिटी वन्यजीव संरक्षण करने वालों के लिए खोलेगी नए दरवाजे

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Published on 28 May 2016 11:37 AM GMT

लखनऊ यूनिवर्सिटी वन्यजीव संरक्षण करने वालों के लिए खोलेगी नए दरवाजे
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लखनऊ: देश-विदेश के वन्यजीव संरक्षकों के लिए अच्छी खबर। लखनऊ यूनिवर्सिटी ने 25 मई से वन्य जीव और जैव विविधता पर एक सप्ताह का राष्ट्रीय और रिसर्च ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू किया है। यूनिवर्सिटी के जूलॉजी डिपार्टमेंट में हो रहे इस ट्रेनिंग कार्यक्रम को 'नेशनल ट्रेनिंग ऑन कंड​क्टिंग रिसर्च इन बायोडिवर्सिटी एंड वाइल्ड लाइफ' नाम दिया गया है।

जैव विविधता पार्क विकसित करना है मकसद

ट्रेनिंग कार्यक्रम को 'प्रोमोशन ऑफ़ यूनिवर्सिटी रिसर्च एंड साइंटिफिक टेक्नोलॉजी' प्रायोजित कर रहा है। ट्रेनिंग का मकसद तितली और जैव विविधता पार्क को विकसित करने और उन्हें लोकप्रिय बनाने के अलावा दलदली जमीन, वन्य जीवों की गणना सही तरह से करना आदि है।

वन्य जीवों के संरक्षण में मिलेगी मदद

इस क्षेत्र में काम करने वाले देश-विदेश के लोग यहां रिसर्च के तरीकों पर चर्चा के लिए आए हैं। कार्यक्रम की आयोजक प्रोफेसर अमिता काकुजिया का कहना है 'ट्रेनिंग कार्यक्रम से वन्य जीवों और जैव विविधता के संरक्षण के अलावा इनके संरक्षण में भी मदद मिलेगी।'

दुधवा नेशनल पार्क भी जाएंगे

ट्रेनिंग कार्यक्रम में आए लोगों को दुधवा नेशनल पार्क का भ्रमण कराया जाएगा। दुधवा राजधानी से 170 किलोमीटर दूर है। इसके अलावा डॉ. गुरूराजा, नीतीश धारिया, अनिल छग्गन का लेक्चर भी होगा। ट्रेनिंग के अंतिम दिन सभी स्कॉलर सीखे विषयों पर एक छोटा प्रजेंटेशन देंगे। सभी को एक सार्टिफिकेट दिया जाएगा।

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