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Cyber Crime: एलयू कराएगा साइबर सिक्योरिटी का कोर्स, इंश्योरेंस कंपनियां देंगी क्लेम

Cyber Crime: एनसीबी यानी नेशनल क्राइब ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022 में 65893 लोग साइबर ठगी के शिकार हुए हैं जो बीते वर्ष के मुकाबले 24.4 फीसदी ज्यादा है।

Hariom Dwivedi
Written By Hariom Dwivedi
Published on: 19 May 2024 12:30 PM GMT
LU will conduct cyber security course, insurance companies will give claims
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एलयू कराएगा साइबर सिक्योरिटी का कोर्स, इंश्योरेंस कंपनियां देंगी क्लेम: Photo- Newstrack

Cyber Crime: जरा सी लापरवाही और आपका पूरा बैंक अकाउंट साफ। साइबर फ्रॉड इन दिनों बड़ी समस्या है। एनसीबी यानी नेशनल क्राइब ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2022 में 65893 लोग साइबर ठगी के शिकार हुए हैं जो बीते वर्ष के मुकाबले 24.4 फीसदी ज्यादा है। साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए सरकार की ओर लगातार प्रयास किये जा रहे हैं, बावजूद अपराधों में बढ़ोत्तरी चिंता का सबब है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जानकारी ही बचाव है। यही वजह है कि पुलिस ने तमाम जागरुकता अभियान चलाती है वहीं, देश-प्रदेश के कई शिक्षण संस्थानों में साइबर सिक्योरिटी पर बाकायदा कोर्स भी शुरू कर दिया गया है। अलग-अलग कंपनियों में फ्रॉड प्रिवेंशन यूनिट भी स्थापित की गई हैं। वहीं, इंश्योरेंस कंपनियां भी साइबर फ्रॉड के शिकार लोगों को पॉलिसी देकर नुकसान की भरपाई कर रही हैं।

लखनऊ विश्वविद्यालय ने वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए भी साइबर सिक्योरिटी की पढ़ाई शुरू की है, ताकि वे पार्ट टाइम इस कोर्स को कर सकें। एलयू ने वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए एमटेक इन कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग साइबर सिक्योरिटी का कोर्स शुरू किया है। फिलहाल, 20 सीटें हैं। इच्छुक अभ्यर्थी लखनऊ यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। इसके लिए फीस 1600 (सामान्य व ओबीसी) और 800 (एससी-एसटी) तय की गई है।

कैसे होते हैं साइबर ठगी का शिकार

आमतौर पर रोजाना ऐसे मामले संज्ञान में आते रहते हैं, जहां लोग साइबर ठगी का शिकार हो जाते हैं। इसकी वजह गलत लिंक पर क्लिक करना या फिर गलत ऐप का डाउनलोड करना है। इसीलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही किसी से ओटीपी शेयर करें।

यहां करें शिकायत

साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत ही केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नंबर (1930) पर ठगी की सूचना दें। यह नंबर सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ा है। कॉल करने पर आपसे कुछ डिटेल मांगी जाएगी, जिसे उपलब्ध कराएं। ध्यान रहे कि यहां पर भी कोई आपसे एटीएम पिन या फिर नेट बैंकिंग जैसी डिटेल नहीं मांगेगा और न ही किसी संवेदनशील जानकारी शेयर करने को कहा जाएगा। आपसे केवल नाम, पता, फ्रॉड के तरीके और समय जैसी जानकारियां देनी होगी। इस नंबर पर कॉल उससे करें जो UPI ID या बैंक अकाउंट लिंक हो। इस नंबर पर कॉल करने के बाद आपकी शिकायत पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा और कोशिश की जएगी आपके अकाउंट से निकले पैसे आपको वापस मिल जायें।

बचाव के लिए जरुरी कदम

1- सतर्क रहें। किसी अज्ञात ईमेल, मैसेज या कॉल पर पर्सनल और बैंकिंग संबंधी जानकारी न दें।

2- लॉगिन पॉसवर्ड मजबूत बनाएं और समय-समय पर बदलते रहें। संभव हो तो टू फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का उपयोग करें। ध्यान रहे कि पासवर्ड आपका नाम, मोबाइल नंबर नहीं होना चाहिए।

3- सुरक्षित इंटरनेट का उपयोग करके भी साइबर फ्रॉड से बचा जा सकता है। एंटीवायरस और सिक्योरिटी वॉल का भी उपयोग करें।

4- अपने ऑपरेटिंग सिस्टम, ब्राउजर, एंटीवायरस, और सुरक्षा सॉफ्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करें ताकि आपका डिवाइस सुरक्षित रहे।

5- वित्तीय लेन-देन और बैंकिंग की जानकारी सुरक्षित व प्रमाणित वेबसाइट्स से ही साझा करें।

Shashi kant gautam

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