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Lucknow News: भारतीय मूलनिवासी संयुक्त मोर्चा ने किया प्रदर्शन, महाबोधि विहार की मांग को लेकर किया कलेक्ट्रेट घेराव

Lucknow News: भारतीय मूलनिवासी संयुक्त मोर्चा ने महाबोधि विहार की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने 'महाबोधि विहार लेकर रहेंगे' के नारे लगाए।

Ashutosh Tripathi
Published on: 5 March 2025 7:25 PM IST
Lucknow News: भारतीय मूलनिवासी संयुक्त मोर्चा ने किया प्रदर्शन, महाबोधि विहार की मांग को लेकर किया कलेक्ट्रेट घेराव
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Lucknow News: लखनऊ में बुधवार को भारतीय मूलनिवासी संयुक्त मोर्चा ने महाबोधि विहार की मांग को लेकर जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने 'महाबोधि विहार लेकर रहेंगे' के नारे लगाए और इस संबंध में डीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी भेजा। इस प्रदर्शन में बौद्ध भिक्षु, बौद्ध समाज के लोग और अधिवक्ता शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने महाबोधि विहार प्रबंधन समिति अधिनियम 1949 के खिलाफ अपनी आवाज उठाई और कहा कि इस अधिनियम के तहत परिसर में ब्राह्मणों को मनोनित करना एक गलत प्रावधान है। रमाशंकर भीम ने आरोप लगाया कि महाबोधि विहार में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को जानबूझकर रखा गया है और परिसर में पूजा-पाठ की परंपरा शुरू की गई है, जिसका बौद्ध समुदाय विरोध करता है।

भारतीय मूलनिवासी संयुक्त मोर्चा ने किया प्रदर्शन

रमाशंकर ने यह भी कहा कि बौद्ध समाज लगातार यह मांग कर रहा है कि जैसे अन्य धर्मों के धार्मिक स्थल उनके समुदाय को सौंपे गए हैं, वैसे ही महाबोधि विहार का प्रबंधन भी बौद्ध समाज को सौंपा जाए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि महाबोधि विहार की मांग केवल बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आंदोलन अब देशभर में फैल चुका है।

भारतीय मूलनिवासी संयुक्त मोर्चा ने किया प्रदर्शन

रमाशंकर ने कहा कि बिहार में महाबोधि विहार की मांग को लेकर कई बड़े आंदोलनों का आयोजन किया गया, जिसमें बिहार सरकार ने आंदोलन को दबाने के लिए बल का प्रयोग किया। उन्होंने बताया कि यह आंदोलन अब सिर्फ बिहार तक नहीं सीमित रहेगा, बल्कि लखनऊ और पूरे देश में इसे फैलाया जाएगा।

क्या है बौद्ध समाज की मांग

महाबोधि विहार को लेकर बौद्ध समाज की एक ही मांग है कि इसे तत्काल बौद्ध समुदाय को सौंप दिया जाए, क्योंकि यह स्थल विश्व धरोहर है और बौद्ध समाज का अधिकार है। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि उनकी यह लड़ाई सिर्फ बौद्ध धर्म की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और धर्म की पहचान को बनाए रखने के लिए है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha

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