×

Lucknow News: विश्वविद्यालय में तीन दिवसीय प्राणायाम कार्यशाला: शिव स्तुति और तांडव की हुई प्रस्तुति

Lucknow University News: विशिष्ट अतिथि के रूप में आरके सिंह, निदेशक, द्वितीय परिसर, उपस्थित रहे। तो वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर अशोक कुमार सोनकर ने की।

Virat Sharma
reporter Virat Sharma
Published on: 26 Feb 2025 5:03 PM IST
Lucknow University News:
X

Lucknow University News: (Image From Social Media)

Lucknow University News: लखनऊ विश्वविद्यालय के योग विभाग फैकल्टी ऑफ योग एंड अल्टरनेटिव मेडिसिन की ओर से तीन दिवसीय प्राणायाम का दर्शन एवं विज्ञान विषयक कार्यशाला का उद्घाटन लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रति कुलपति प्रोफेसर मनुका खन्ना ने दीप प्रज्वलित करके किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में आरके सिंह, निदेशक, द्वितीय परिसर, उपस्थित रहे। तो वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रोफेसर अशोक कुमार सोनकर ने की। बता दें कि इस कार्यशाला का उद्देश्य योग और प्राणायाम के माध्यम से स्वास्थ्य को बेहतर बनाना और जीवनशैली जनित रोगों से बचाव के उपायों को समझाना था।

योग और प्राणायाम से जीवन की गुणवत्ता में सुधार

कार्यक्रम के दौरान प्रोफेसर मनुका खन्ना ने कहा कि योग जीवन का बहुमूल्य विषय है, और वर्तमान में जीवन शैली जनित रोगों से बचाव में योग और प्राणायाम की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने यह भी बताया कि प्राणायाम का अभ्यास शरीर की शुद्धि और रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी करता है, और यह विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी है। तो वहीं विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर आरके सिंह ने प्राणायाम के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इसके अभ्यास से फेफड़ों की कार्य क्षमता में वृद्धि होती है और जीवन स्वस्थ व दीर्घायु होता है।

प्राणायाम के स्वास्थ्य लाभ

इस दौरान कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर अशोक कुमार सोनकर ने कहा कि जीवन अमूल्य है, इसे सुरक्षित रखने के लिए प्राणायाम का अभ्यास आवश्यक है। वहीं संकाय के को-आर्डिनेटर डॉ अमरजीत यादव ने भी प्राणायाम के अभ्यास के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह रक्त और हृदय की कार्य प्रणाली को स्वस्थ रखता है और दमा, फेफड़ों के रोगों से बचाव करता है।

शिव स्तुति और तांडव की प्रस्तुति

इस कार्यशाला के दौरान योग विशेषज्ञ कृष्ण कुमार शुक्ला, किशोर कुमार शुक्ला, डॉ रामनरेश, डॉ रामकिशोर और डॉ कैलाश कुमार द्वारा विभिन्न प्राणायाम विधियों का अभ्यास कराया गया। 27 फरवरी को सूर्यभेदी, चंद्रभेदी, उज्जायी, और भस्त्रिका प्राणायाम के सत्र आयोजित किए गए। वहीं कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के बाद शिव स्तुति की प्रस्तुति विभाग की छात्राओं ने की, और इसके बाद निकिता ने शिव तांडव की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों में ऊर्जा का संचार किया।

योग विभाग का सक्रिय योगदान

इस खास मौके पर विभाग के शिक्षक डॉ सुधीर मिश्रा, डॉ रामकिशोर, डॉ.रामनरेश, शोभित सिंह सहित योग विभाग के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। यह कार्यशाला योग और प्राणायाम के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के प्रयास में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।



Ramkrishna Vajpei

Ramkrishna Vajpei

Next Story