×

Lucknow News: बिजली निजीकरण के विरोध में सभी जनपदों और परियोजनाओं पर प्रदर्शन जारी

Lucknow News: वर्ष 2025 - 26 में ए टी एंड सी हानियां 13.8 2% लाने के दावे के बाद निजीकरण पर संघर्ष समिति ने सवाल किया

Newstrack          -         Network
Published on: 2 April 2025 6:30 PM IST
Lucknow News
X

Lucknow News (Image From Social Media)

Lucknow News: विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने यह कहा है कि वर्ष 2025 - 26 में ए टी एंड सी हानियां 13.8 2% लाने के पावर कारपोरेशन के दावे के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किसके हित में किया जा रहा है। संघर्ष समिति के आह्वान पर आज लगातार 126 वें दिन सभी जनपदों और परियोजनाओं पर विरोध प्रदर्शनजारी रहा।

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि मल्टी ईयर टैरिफ डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन 2005, 01 अप्रैल से लागू होने के बाद पावर कॉरपोरेशन द्वारा यह दावा किया गया है कि वर्ष 2025 - 26 में ए टी एंड सी हानियां घटकर 13.82% रह जाएंगी। उन्होंने कहा की 2 दिन पूर्व प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्री अरविंद कुमार शर्मा जी ने स्वयं ट्वीट कर बताया था कि वर्ष 2017 की 40% की तुलना में ए टी एंड सी हानियां वर्ष 2024 में घटकर 16.5% रह गई है। अब जब चालू वित्तीय वर्ष में ए टी एंड सी हानियों को 13.82% तक आने की बात कही जा रही है जो 15% के राष्ट्रीय मानक से कम है, तब निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जानी चाहिए।

संघर्ष समिति ने कहा कि सितंबर 2020 में केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी ड्राफ्ट स्टैंडर्ड बिडिंग रेगुलेशन में स्पष्ट कहा गया है कि जहां 15% से कम ए टी एंड सी हानियां हों , ऐसे विद्युत वितरण निगमों में निजीकरण करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस दृष्टि से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की चल रही प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जानी चाहिए।

संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने निजीकरण का राग छेड़ कर विगत चार महीनों से उत्तर प्रदेश के ऊर्जा निगमों में अनावश्यक तौर पर औद्योगिक अशांति का वातावरण बना रखा है। संघर्ष समिति ने पहले ही बिजली कर्मचारियों और अभियंताओं का आह्वान किया है कि वह चालू वित्तीय वर्ष में ए टी एंड सी हानियां 15% से कम करके दिखा देंगे। इस दृष्टि से निजीकरण का निर्णय तत्काल निरस्त किया जाए, कार्य का स्वस्थ वातावरण बनाया जाए और बिजली कर्मियों को पूरे मनोयोग के साथ श्रेष्ठतम प्रदर्शन करने के लिए कार्य करने दिया जाय।

इस बीच निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने प्रांत व्यापी विरोध प्रदर्शन जारी रखा। बिजली कर्मचारियों ने आगामी 09 अप्रैल को लखनऊ में होने वाली विशाल रैली के लिए प्रत्येक कार्यालय में जाकर कर्मचारियों और अभियंताओं से व्यापक जनसंपर्क किया।

Ramkrishna Vajpei

Ramkrishna Vajpei

Next Story