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UP Waqf Property: यूपी में वक्फ के पास बेशुमार संपत्ति, अकेले लखनऊ में ही तीन हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी

UP Waqf Property: सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक इसमें लगभग 11, 712 एकड़ की 57, 792 संपत्तियां सरकारी हैं। वहीं वक्फ काउंसिल के रिकॉर्ड के मुताबिक दोनों बोर्ड के पास 1.32 लाख नहीं बल्कि 2.15 लाख संपत्तियां पंजीकृत हैं।

Shishumanjali kharwar
Published on: 5 April 2025 2:03 PM IST (Updated on: 5 April 2025 3:41 PM IST)
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UP Waqf Property: लोकसभा और राज्यसभा में काफी लंबे समय तक चले पक्ष और विपक्ष के मैराथन बहस के बाद आखिरकार वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पारित हो गया है। विधेयक के पक्ष में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े। विधेयक पर विपक्ष की ओर से कई संशोधन पेश किये गये। लेकिन सदन ने सभी को खारिज कर दिया। दोनों सदनों की मंजूरी के बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेज दिया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा। संसद में वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद भी मुस्लिम समुदाय के बीच नाराजगी बनी हुई है।

यूपी में शिया-सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास कुल 1.32 लाख संपत्तियां

ऐसे में अगर उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड की संपत्तियों पर निगाह डालें तो शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड की कुल 1.32 लाख संपत्तियां दर्ज है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक इसमें लगभग 11, 712 एकड़ की 57, 792 संपत्तियां सरकारी हैं। वहीं वक्फ काउंसिल के रिकॉर्ड के मुताबिक दोनों बोर्ड के पास 1.32 लाख नहीं बल्कि 2.15 लाख संपत्तियां पंजीकृत हैं। यह रिपोर्ट बीते साल संसद में पेश हुए वक्फ संशोधन विधेयक के बाद गठित हुई संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की राजधानी लखनऊ में हुई बैठक में साझा की गयी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक सार्वजनिक उपयोग की भूमि और शत्रु संपत्ति पर अवैध तरीके से वक्फ बोर्ड अपना दावा करता है। वहीं उत्तर प्रदेश के 40 जिले ऐसे भी हैं जहां सैकड़ों संपत्तियां शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड में तो हैं लेकिन तहसील में उनका नामांतरण अभी तक नहीं गया है।

लखनऊ में कुल 3072 वक्फ प्रॉपर्टी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वक्फ संपत्ति पर नजर डालें तो यहां कुल 3072 वक्फ प्रॉपर्टी है। जिसमें सुन्नी वक़्फ़ के पास 2386 और शिया का 686 प्रोपर्टी हैं। वहीं राजस्व विभाग के मुताबिक, यूपी में वक्फ बोर्ड की ओर से जिन संपत्तियों का दावा किया गया है, उनमें से अधिकतर का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड ही नहीं है।

राजस्व अभिलेखों के मुताबिक सुन्नी वक्फ बोर्ड की केवल 2,533 संपत्तियां दर्ज हैं। वहीं शिया वक्फ बोर्ड की 430 संपत्तियां ही अधिकृत रूप से रजिस्टर्ड हैं। उत्तर प्रदेश में वक्फ बोर्ड यह भी दावा करता रहा है कि राजभवन भी वक्फ की भूमि पर बना है। यहीं नहीं यह भी दावा किया जाता है कि लखनऊ में ऐशबाग ईदगाह, मथुरा की शाही ईदगाह और वाराणसी में ज्ञानवापी भी वक्फ संपत्ति का ही हिस्सा है।

क्या होती है वक्फ संपत्ति

वक्फ संपत्ति में वक्फ का अर्थ अल्लाह के नाम से जोड़ा गया है। जिसे अरबी भाषा में वकूफा कहा जाता है। इसलिए ऐसा कहा जाता है कि मुस्लिम समुदाय के लोग जो भी संपत्ति दानस्वरूप वक्फ बोर्ड को देते है। वह अल्लाह के नाम हो जाती है और उस संपत्ति का उपयोग अल्लाह के काम के लिए किया जाता है। वक्फ संपत्ति पर मदरसे, कब्रिस्तान, ईदगाह, मस्जिद और मजार आदि का निर्माण कराया जाता है। इसी तरह अगर किसी मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति की अपनी औलाद नहीं है तो उसकी मृत्यु के बाद सारी संपत्ति वक्फ बोर्ड के पास चली जाती है। वहीं कुछ लोग स्वेच्छा से भी अपनी संपत्ति वक्फ बोर्ड को दान दे देते हैं।

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

कंटेंट राइटर

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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