×

BJP President: कौन होगा यूपी भाजपा का नया मुखिया? जल्द ही उठने वाला है नाम से पर्दा

BJP President: सियासी गलियारों यह भी चर्चा है कि अब इंतजार खत्म होने वाला है। जल्द ही भाजपा यूपी में नये मुखिया की घोषणा कर देगी। अप्रैल माह के खत्म होने से पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय कर लिया जाएगा।

Shishumanjali kharwar
Published on: 3 April 2025 3:06 PM IST (Updated on: 3 April 2025 3:41 PM IST)
up bjp president news
X

up bjp president news

BJP President: भारतीय जनता पार्टी में बीते पांच माह से संगठन चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। जिसमें 98 संगठनात्मक जिलों में से अभी भी 28 जिला अध्यक्षों के नाम तय होना बाकी है। इस बीच ऐसा माना जा रहा है कि जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। उत्तर प्रदेश में भाजपा के नये मुखिया को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा भी तेज होने लगी है।

यूपी भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी किसे मिलेगी। इसके लिए संगठन में कई नामों पर मंथन किया जा रहा है। वहीं विपक्ष भी अब अध्यक्ष पद को लेकर भाजपा पर निशाना साधने लगा है। बीते दिनों समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सदन में भाजपा अध्यक्ष का नाम न घोषित कर पाने पर तंज कसा था। उन्होंने लोकसभा सदन में कहा था कि भाजपा दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है। लेकिन पांच लोग मिलकर अध्यक्ष तक नहीं चुन पा रहे हैं।

भाजपा अचानक ही लेती हैं फैसले

यूपी में भाजपा के नये सेनापति के नाम को लेकर भले ही इंतजार थोड़ा लंबा हो रहा है। लेकिन भाजपा अपने फैसले अचानक ही लेती है। सियासी गलियारों यह भी चर्चा है कि अब इंतजार खत्म होने वाला है। जल्द ही भाजपा यूपी में नये मुखिया की घोषणा कर देगी। अप्रैल माह के खत्म होने से पहले भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय कर लिया जाएगा।

यूपी में भाजपा अध्यक्ष के चयन का जिम्मा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को सौंपी गयी है। उनके राजधानी लखनऊ पहुंचने के बाद संभावित नामों पर मंथन किया जाएगा। पीयूष गोयल सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर प्रदेश अध्यक्ष के लिए संभावित दावेदारों के नाम पर चर्चा करेंगे।

भाजपा का फोकस अब साल 2027 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव पर है। भाजपा अपने जीत के रिकॉर्ड को कायम रखने के लिए ऐसे नेता के हाथ में संगठन की कमान सौंपना चाह रही है। जो 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को बंपर जीत दिला सके। साथ ही सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल भी बिठा सके।

दलित चेहरे पर ही भाजपा लगा सकती है दांव

सियासी गलियारों में कयासबाजी यह भी चल रही है कि भाजपा साल 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव किसी दलित नेता के नेतृत्व में ही लड़ेगी। इसके पीछे वजह यह है कि विपक्ष दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यक नाम पर भाजपा को कठघरे में खड़ी करती रहती है। ऐसे में अगर भाजपा किसी दलित नेता को प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान सौंप देती है तो यह दांव विपक्ष पर भारी पड़ सकता है।

इससे यूपी में सपा के साथ ही दलित राजनीति करने वाली पार्टी बसपा की मुश्किलें भी बढ़ जायेंगी। इसलिए भाजपा किसी ऐसे में दलित नेता की तलाश कर रही है जिसकी जनता के बीच पकड़ हो और वह संगठन से भी काफी लंबे अरसे से जुड़ा हुआ हो। अगर भाजपा दलित नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाती है तो वह संगठन के इतिहास में पहली बार ही होगा।

इन नेताओं की प्रबल दावेदारी ?

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने के लिए कई वरिष्ठ दलित नेताओं के नाम हवा में तैर रहे है। जिसमें राम शंकर कठेरिया और पूर्व एमएलसी विद्या सागर सोनकर का नाम रेस में सबसे आगे चल रहा है। वहीं रमापति शास्त्री, मुंशीलाल गौतम और प्रियंका रावत भी प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।

Shishumanjali kharwar

Shishumanjali kharwar

कंटेंट राइटर

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

Next Story