Kanpur Case: जिंदा जली मां-बेटी के मामले में मुर्दों का हो रहा बयान, बेटे ने लगाया आरोप

Kanpur Case: कानपुर के मड़ौली कांड की मृतका के पुत्र शिवम दीक्षित का कहना है कि एसआइटी जांच में एक ऐसे व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है, जिसकी मृत्यु हुए 10 बरस गुजर चुके हैं।

Manoj Singh
Published on: 1 March 2023 6:55 AM GMT (Updated on: 1 March 2023 7:20 AM GMT)
X

नोटिस के बारे में बताता मृतका का पुत्र

Kanpur Dehat News: उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में हुए मड़ौली कांड में शासन द्वारा गठित दो एसआइटी की टीमों पर मृतका के पुत्र शिवम ने सवाल खड़े किए हैं। उसका कहना है कि गांव के जिस राम नारायण दीक्षित से पूछताछ की चलने की बात की जा रही है, उनकी मौत हुए 8 से 10 साल का वक़्त गुजर चुका है। उसका कहना है कि ‘मुझे आश्चर्य हो रहा है कि मरे हुए व्यक्ति से किस प्रकार से पूछताछ की जा रही है।’

नोटिस से मिली पुत्र को जानकारी

शिवम दीक्षित से जब पूछा गया कि आपको इसकी जानकारी कब और कैसे हुई कि एसआइटी जांच में मृत व्यक्ति से पूछताछ जैसी बात सामने आई है, तो उसने बताया कि 14 तारीख को उन्हें तहसील प्रशासन के द्वारा एक जांच की प्रगति का नोटिस भेजा गया था। नोटिस में रामनारायण दीक्षित के भी दस्तखत थे, ये वही व्यक्ति हैं जिनकी गांव में मौत हुए करीब 10 साल हो चुके हैं। शिवम ने कहा कि ‘अगर मेरी बातों पर विश्वास नहीं है तो राम नारायण दीक्षित के पुत्र पुत्तन दीक्षित और वीरेंद्र दीक्षित से उनके पिता की पहले ही हुई मौत के बारे में पूछ सकते हैं।’

एसडीएम के पास अदृश्य शक्तियां

शिवम दीक्षित ने कहा कि ‘क्या लेखपाल के पास ऐसी कोई शक्ति है, मैजिक है जिससे उन्होंने मरे हुए व्यक्ति को भगवान के यहां से बुलाकर पूछताछ करने के बाद फिर भगवान के पास भेज दिया। जो व्यक्ति 10 साल पहले ही भगवान के यहां पहुंच चुका है वह कैसे अपना बयान दर्ज कराने आएगा।’ उन्होंने आरोप लगाया कि जांच टीम के द्वारा गलत तरीके से जांच की जा रही। मेरी गुजारिश है कि जांच टीम सही तरह से जांच करें और जो भी तथ्य निकलें, उन्हें सबके सामने साझा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

Prashant Dixit

Prashant Dixit

Next Story