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Auraiya Crime News: लाखों रुपए के भ्रष्टाचार का खुलासा, बिना कार्य के लिए निकाले पैसे, जांच के आदेश

विकासखंड भाग्यनगर की ग्राम पंचायत खानपुर फफूंद में बिना विकास कार्य के प्रधान ने लाखों रुपया निकाल लिया।

Pravesh Chaturvedi

Pravesh ChaturvediReport Pravesh ChaturvediDeepak RajPublished By Deepak Raj

Published on 24 July 2021 11:21 AM GMT

RAS Recruitment Case
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घूस लेने की प्रतीकात्मक तस्वीर ( फाइल फोटो: सोशल मीडिया)

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Auraiya News: भ्रष्टाचार इतना बढ़ रहा है कि लोग सिर्फ अपनी जेबों को भरने के लिए ही कार्य कर रहे हैं उन्हें जनता की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। ऐसा ही एक मामला विकासखंड भाग्यनगर में सामने आया है। जिसमें पूर्व प्रधान द्वारा फर्जी तरीके से रुपए निकालने की शिकायत की गई है। विकासखंड भाग्यनगर की ग्राम पंचायत खानपुर फफूंद में बिना विकास कार्य के प्रधान ने लाखों रुपया निकाल लिया।


प्रतीकात्मक तस्वीर ( फोटो-सोशल मीडिया)


जिसकी शिकायत पूर्व प्रधान ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर जांच कराए जाने की मांग की थी। शनिवार को शिकायत पर पहुंचे डीपीआरओ ने गांव में घूम कर जांच पड़ताल की। जिससे सैकड़ों ग्रामीण इकट्ठा हो गए और गांव में खलबली मच गई। विकासखंड भाग्यनगर की ग्राम पंचायत खानपुर फफूंद की पूर्व प्रधान साक्षी गुप्ता ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा है कि एक संबोधित प्रार्थना पत्र वित्तीय वर्ष 2020-21 का लंबित पड़ा है।

डीपीआरओ को निर्देशित किया था कि पुराना भुगतान कराना सुनिश्चित करें

जिसमें आपने डीपीआरओ को निर्देशित किया था कि पुराना भुगतान कराना सुनिश्चित करें। जिसमें ग्राम पंचायत खानपुर फफूंद के सचिव रविंद्र कुमार दुबे ने आदेश का पालन न करते हुए अपनी कूटरचित साजिश के तहत ग्राम प्रधान अशोक कुमार चक से सांठगांठ कर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा भाग्यनगर के खाते से 7 जुलाई 2021 से 20 जुलाई 2021 के मध्य नौ लाख छः हजार एक सौ साठ रुपये निकाल लिया है। जिसकी एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर जांच कराए जाने की आवश्यकता है।

ग्राम पंचायत में अभी तक कोई भी ऐसा कार्य नहीं हुआ है जिसमें इतना बड़ा धन खर्च हुआ है। यह सब फर्जी एवं मनगढ़ंत तरीके से निकाला गया। अभी तक कोई भी ऐसा कार्य नही हुआ है जिस में इतना बड़ा धन खर्च हुआ हो। यह सब फर्जी तरीके से निकाला गया भुगतान है। जिसमें मुझे पहले ही कुछ ठेकेदारों ने आगाह कर दिया था कि आप का भुगतान जो पुराना है निकाल लो फ़साने का षड्यंत्र ग्राम प्रधान व सचिव मिलकर रच रहे हैं और जल्द से जल्द सारा रुपया कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से निकाल दिया जाएगा।

सचिव जल्द सारा पैसा निकाल कर खाते को शून्य करना चाह रहा है

जो वास्तविक सच होता दिख रहा है। क्योंकि उक्त ग्राम पंचायत सचिव अपना स्थानांतरण गृह जनपद प्रयागराज कराने के लिए आवेदन कर चुका है इसलिए बंदरबांट कर जल्द से जल्द सारा पैसा निकाल कर खाते को शून्य करना चाह रहा है। पूर्व प्रधान ने यह भी कहा है कि पूर्व वित्तीय वर्ष का काफी पैसा फंसा पड़ा है जिससे मेरी मानसिक स्थिति अच्छी नहीं रही है। और मेरे साथ किसी प्रकार की घटना घटित होने पर जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा क्योंकि मेरे बार-बार अनुरोध करने पर भी मुझ द्वारा श्रमिकों एवं आपूर्तिकर्ताओं से ली गई सामग्री का भुगतान नहीं किया जा रहा है।



ऐसी स्थिति में मेरी मनोदशा को ध्यान में रखते हुए लंबित पड़ा भुगतान कराना सुनिश्चित कराएं। शनिवार को डीपीआरओ ने खानपुर स्थित विकास कार्यों की जांच की जिस गांव में खलबली मच गयी व कई ग्रामीण इकठ्ठा हो गए। जिला पंचायत राज अधिकारी संदीप कुमार वर्मा ने बताया कि निवर्तमान प्रधान ने जिलाधिकारी को उनके कार्यकाल के लंबित पड़े भुगतान के शिकायती पत्र पर जांच करने गए थे। जांच में पाया गया कि कार्य हुआ है पुराने कार्यो का भुगतान के लिए निर्देशित किया गया है तथा नए प्रधान द्वारा निकाले गए धनराशि को लेकर उन्होंने कहा कि इसकी अभी जांच नही की है।

Deepak Raj

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