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Etawah Crime News: गैरकानूनी मेडिकेयर सेंटर में गर्भवती महिला की डिलीवरी के दौरान मौत, संचालक प्रबंधक फरार

Etawah Crime News: डाक्टरों की लापरवाही से मौत की शिकार बनी महिला का नाम किरण यादव 23 वर्ष है, जिसको दूसरी डिलीवरी होनी थी लेकिन पैसे के लालच में डाक्टरों ने उस को मौत के घाट उतार दिया।

Uvaish Choudhari

Uvaish ChoudhariReport Uvaish ChoudhariShwetaPublished By Shweta

Published on 13 Sep 2021 4:52 PM GMT

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Etawah Crime News: उत्तर प्रदेश इटावा जिले के सिविल लाइन इलाके में गैर कानूनी ढंग से संचालित राधा रानी मेडिकेयर सेंटर में गर्भवती महिला की डिलीवरी के दौरान मौत के बाद हंगामा मच गया। इटावा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.भगवान दास ने बताया कि उनके संज्ञान में मामला आया है कि राधारानी मेडिकेयर सेंटर में एक गर्भवती की महिला की मौत हुई है। जिसमे महिला के परिजनों की ओर से अस्पताल प्रबंधन संचालक और डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा कर कानूनी कार्यवाही की गुहार लगाई गई है। जिसके क्रम में स्पष्ट करना है कि इस अस्पताल को 24 अगस्त से ही बंद करने का नोटिस देकर एसएसपी को अवगत करा किया गया था ।

अस्पताल के डाक्टरों पर परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। मौत के बाद भी अस्पताल के डाक्टरों ने इस बात को छुपाए रखा और महिला के शव को अस्पताल के बाहर निकाल एंबुलेंस से किसी दूसरे अस्पताल भिजवा दिया। डाक्टरों की लापरवाही की मौत की शिकार बनी महिला का नाम किरण यादव 23 वर्ष है, जिसको दूसरी डिलीवरी होनी थी लेकिन पैसे के लालच में डाक्टरों ने उस को मौत के घाट उतार दिया।

डाक्टरों ने महिला के परिजनों से 36000 डिलीवरी के नाम पर लिए और सामान्य डिलीवरी बता करके उसका उपचार शुरू किया। रात साढ़े 3 बजे के आसपास महिला की मौत हो गयी थी जब महिला के परिजनों ने उनसे इलाज के दस्तावेज मांगे तो अस्पताल के संचालक व प्रबंधक दस्तावेजों को देने के बजाय अस्पताल बंद करके फरार हो गए। महिला के परिजनों ने पुलिस की मदद ली जिसके बाद महिला के शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। महिला के परिजन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगा रहे हैं।

सबसे बड़ी बात तो यह है कि राधारानी अस्पताल का रजिस्ट्रेशन 24 अगस्त को ही रद्द कर दिया गया है जिसके बाद किसी का भी इलाज करने की इजाजत नही थी फिर इस अस्पताल के संचालकों प्रबंधक किसके इशारे पर मौत का इलाज करने में जुटे हुए थे।

इटावा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी भगवान दास बताते हैं कि 26 अगस्त को रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बाद पुलिस को इस बात की इत्तला कर दी गई थी कि अब इस अस्पताल से चिकित्सीय सेवाएं किसी भी सूरत में संपन्न ना हो सके लेकिन इसके बावजूद भी इस अस्पताल से मरीजो का इलाज किया जाना यह बताता कि अस्पताल प्रबंधन के तार स्वास्थ्य सेवा और पुलिस से जुड़े हुए देख रहे हैं।

इटावा के एसपी सिटी कपिल देव सिंह का मानना है कि उनके संज्ञान में गर्भवती महिला की मौत का मामला आया है जिसके बाद उन्होंने स्थानीय थाना पुलिस को महिला के शव का पोस्टमार्टम कराने और अस्पताल के संचालकों प्रबंधक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए है। मौत की शिकार बनी महिला के पति मोहन सिंह की ओर से सिविल लाइन थाने मे राधारानी मेडिकेयर सेंटर के प्रबंधक और संचालको के साथ साथ इलाज करने वाले डाक्टरों के खिलाफ लापरवाही बरतने का मामला दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया है ।

शहर में लगभग 40 बड़े निजी नर्सिंग होम संचालित है, जिसमें 5 नर्सिंग होम 1 माह पूर्व लाइसेंस रिन्यूअल न होने के कारण सीज किये गए। इस राधा रानी हॉस्पिटल को सीएमओ द्वारा मानक के चलते लाइसेंस रिन्यूअल न मिलने पर एसएसपी को 24 अगस्त को कार्यवाही करने के लिए लिखित भेजा गया था। लेकिन किसी कारण इस हॉस्पिटल पर कार्यवाही नही हो सकी जिसके बाद आज इस हॉस्पिटल में यह घटना घटित हुई।

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