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Farrukhabad News: फर्जी शिक्षिका पर BSA मेहरबान, विभागीय कार्रवाई पर लग रहे सवालिया निशान

फर्जी शिक्षिका मामले में विभागीय कार्रवाई पर सवालिया निशान लग रहे हैं। सुमन ने अब तक करीब 50 लाख रुपये से अधिक का वेतन हासिल किया है।

Dilip Katiyar

Dilip KatiyarReport Dilip KatiyarShashi kant gautamPublished By Shashi kant gautam

Published on 25 July 2021 6:14 AM GMT

BSA kind on fake teacher, question marks on departmental action
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फर्रुखाबाद: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय

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Farrukhabad News: फर्रुखाबाद जिले में शैक्षिक अभिलेख और पैनकार्ड फर्जी पाए जाने पर नोटिस के जवाब में अपना पक्ष न रखने वाली जिस शिक्षिका के निधन की सूचना बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में भेजी गई। जबकि वह सही सलामत है। अब उसके जिंदा होने की जानकारी विभाग को भेजी गई है। वहीं इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी गोलमोल जवाब देते नजर आ रहे हैं।

शिक्षिका के मामले में विभागीय कार्रवाई पर सवालिया निशान लग रहे हैं। सुमन ने अब तक करीब 50 लाख रुपये से अधिक का वेतन हासिल किया है। सवाल है, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कराया जा रहा है। नाटकीय ढंग से सुमन को कभी कोरोना होने, कभी मौत तो कभी जिंदा होने की जानकारी भेजने वाले लोग कौन हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई अब तक क्यों नहीं हुई?

शिक्षिका सुमन को अपना पक्ष रखने को बुलाया गया

दरअसल, दस्तावेजों की जांच में नवाबगंज ब्लाक के नया गनीपुर में तैनात शिक्षिका सुमन का पैनकार्ड आगरा निवासी शिक्षिका सुमन का पाया गया था। जांचकर्ता खंड शिक्षा अधिकारी नवाबगंज ललित मोहन पाल की रिपोर्ट में शैक्षिक प्रमाण पत्र भी फर्जी बताए गए थे। शिक्षिका को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने नोटिस जारी करते हुए अपना पक्ष रखने को बुलाया था। इसके लिए चार बार तारीखें दी गईं।

चौथी बार तय तारीख 19 जुलाई को भी वह नहीं आई। एक पत्र के माध्यम से उसकी मौत हो जाने की सूचना दी गई। यह मामला चर्चा में आया तो शिक्षा विभाग को सुमन के जिंदा होने का पत्र भेज दिया गया।

बीएसए लालजी यादव

शिक्षिका को अंतिम मौका 31 जुलाई तक

वहीं बीएसए लालजी यादव ने गोलमोल जवाब देते नजर आए उन्होंने बताया राम तीरथ व्यक्ति के नाम से एक पत्र विभाग को आया था। जिसमें शिक्षिका के मृत होने की बात कही गई। वहीं शिक्षिका सुमन के द्वारा विभाग को एक पत्र भेजा गया है। उसमें शिक्षिका ने अपने जीवित होने की बात कही है। शिक्षिका को अंतिम मौका 31 जुलाई तक दिया गया है। आगे की वैधानिक कार्यवाही जांच के बाद की जाएगी।

Shashi kant gautam

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