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Farrukhabad News: भाइयों को राखी बांधने के लिए जेल पहुंचीं बहनें, आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखाने पर मिली एंट्री

भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार रक्षाबंधन में इस बार जेल प्रशासन द्वारा विशेष एहतियात बरता जा रहा है।

Dilip Katiyar
Updated on: 2021-08-22T15:29:53+05:30
Rakshabandhan
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भाइयों को राखी बांधने जेल पहुंची बहनें

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Farrukhabad News: फर्रूखाबाद में कोरोन संक्रमण के चलते भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्योहार रक्षाबंधन में इस बार जेल प्रशासन द्वारा विशेष एहतियात बरता जा रहा है। इस बार जेल में बंद भाइयों की कलाई पर बहनों को राखी बांधने की अनुमति तो दे दी गई है। जेल में प्रवेश से पहले उन्हें कोरोना निगेटिव की रिपोर्ट दिखानी पड़ रही है। रिपोर्ट दिखाने के बाद ही बहनें जेल में राखी बांधने के लिए अपने भाई के पास जा सकीं। जिला कारागार व सेन्ट्रल जेल में भी सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए गए। भाइयों के हाथ में राखी बांधने को सुबह से ही बहनों का आना शुरू हो गया। बहनों को किसी तरह की दिक्कत न हो इसके लिए जेल प्रशासन ने तीन पाली में मिलाई पर्ची की व्यवस्था की।

कोरोना संक्रमण के कारण 20 मार्च, 2020 से जेल में बंदियों की स्वजन से मुलाकात बंद करा दी गई थी। पीसीओ से उन्हें फोन करने का मौका दिया जाता था। 16 अगस्त से शासन के निर्देश पर जेल में मुलाकात शुरू हो गई। मगर, मुलाकात से पहले बंदियों के स्वजन को तीन दिन पहले तक की आरटीपीसीआर रिपोर्ट दिखानी पड़ रही है। मुलाकात बंद होने के कारण पिछले वर्ष रक्षाबंधन पर बहनें जेल में बंद भाइयों की कलाई पर राखी नहीं बांध सकी थीं। इस बार बहनों को राखी बांधने का मौका दिया जा रहा है।


जिला जेल के अधीक्षक पीडी सलोनियां ने बताया कि रक्षाबंधन पर जेल में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। जिले से भी पुलिस फोर्स की ड्यूटी लगाई गई है। जेल से पहले बैरियर पर ही मुलाकात को आने वाली महिलाओं की आरटीपीसीआर रिपोर्ट चेक की जाएगी। तीन दिन पहले तक की निगेटिव रिपोर्ट होने पर ही जेल में मुलाकात को प्रवेश मिलेगा।


भाइयों के हाथों में राखी बांधने और उनसे मिलाई करने को बहनें माता-पिता के साथ सुबह से ही पहुंचने लगीं। जिला कारागार में बंदियों से मिलाई को दो पालियों में पर्ची लगती है। त्योहार पर इस व्यवस्था में परिवर्तन तीन पालियों में मिलाई पर्ची लगवाई गई। जिला जेल में तीन हजार से अधिक बंदी हैं। कोरोना संक्रमण से पहले रक्षाबंधन के दिन बंदियों की कलाई पर राखी बांधने को बहनों की भीड़ रहती थी।

Raghvendra Prasad Mishra

Raghvendra Prasad Mishra

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