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Fatehpur News: यहां हैं फतेहपुर की बड़ी खबरें, एक क्लिक में जानें आज जिले में क्या-क्या हुआ

यूपी के फतेहपुर जिले में एक तरफ जहां अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी गयी। वहीं दूसरी ओर जिले में एसपी ने पुलिसकर्मियों के वाहन की जांच कराकर उनका चालान कराया है।

Ramchandra Saini

Ramchandra SainiReport Ramchandra SainiAshikiPublished By Ashiki

Published on 31 July 2021 1:48 PM GMT

Fatehpur News
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फतेहपुर- गाजीपुर थाना की फोटो 

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Fatehpur News: यूपी के फतेहपुर जिले में एक तरफ जहां अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी गयी। वहीं दूसरी ओर जिले में एसपी राजेश कुमार सिंह ने चौकी आबूनगर पर थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के सभी चौकी इंचार्ज को इकठ्ठा कर उनके वाहनों की जांच करवाई है। साथ ही उनका चालान भी किया गया है। इस रिपोर्ट में पढ़िए फतेहपुर जिले की बड़ी खबरें-

पेड़ से लटकता मिला युवक का शव

फतेहपुर के गाजीपुर थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव के जंगल मे एक अज्ञात युवक का शव पेड़ पर रस्सी के फंदे में लटका मिला, जिसको देख ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी जंहा मौके पर पहुचे थाना प्रभारी नीरज यादव ने पेड़ से युवक का शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम को भेज दिया और युवक की पहचान को लेकर आस पास के गांव में फ़ोटो के माध्यम से पहचान में लगी गई।

उधर ग्रामीणों में चर्चा रही है कि जिस तरह से युवक को पेड़ पर लटकाया गया उससे लगता है कि हत्या की गई है। थाना प्रभारी नीरज यादव ने बताया कि थाना क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव के जंगल मे एक अज्ञात युवक जिसकी उम्र 19 वर्ष के आस पास है पेड़ पर फांसी में लटका शव मिला है। जंहा सूचना मिलने पर गांव जाकर युवक का शव पोस्टमार्टम को भेजते हुए आस पास के गांव में युवक की फ़ोटो के माध्यम से पहचान करने का प्रयास किया जा है।


युवक के पास से कोई भी पहचान नहीं मिला है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा की हत्या है आत्महत्या। अभी तक किसी ने युवक को लेकर कोई सूचना नहीं दी है।

चौकी इंचार्ज सहित पुलिस के सिपाहियों की बाइक का कटा चालान

फतेहपुर जिले में एसपी राजेश कुमार सिंह द्वारा चौकी आबूनगर पर थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के समस्त चौकी इंचार्ज व कोबरा मोबाइल के हेल्मेट व चारपहिया वाहनों में सीटबेल्ट आदि की आकस्मिक चेकिंग की गई। चेकिंग में उनि0 प्रह्लाद यादव, चौकी इंचार्ज मुराइन टोला संदीप तिवारी, चौकी इंचार्ज बाकरगंज अनुरुद्ध द्विवेदी, चौकी इंचार्ज सदर अस्पताल अवधेश कुमार सिंह, कोबरा -2, कोबरा -3, कोबरा-4 का बिना हेलमेट व में चालान किया गया।


उपनिरीक्षक यातायात व ड्राइवर चेकिंग के दौरान बिना सीटबेल्ट के वाहन में पाए जाने पर चालान किया गया। चेकिंग के दौरान प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर सतेंद्र सिंह वाहन में सीटबेल्ट लगाए पाए गए। चौकी इंचार्ज जेल रोड व कोबरा-01 हेलमेट लगाए पाए गए। एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि ट्रैफिक नियम सब के लिये बराबर है और जब तक पुलिस खुद नियमों का पालन नहीं करेगी दूसरे को क्या कहा जाए मेरे द्वारा शहर के सभी चौकी का निरीक्षण कर पुलिस कर्मियों के वाहन बाइक में नंबर प्लेट ना होने व हेलमेट ना लगाने पर कार्यवाही की गई है और सख्त हिदायत दी गई है कि अगर दोबारा गलती करते पाया गया तो सख्त कार्यवाही की जायेगी।


एसपी ने कहा कि ट्रैफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी जिस पर वह भी नियम को तोड़कर बिना सीट बेल्ट के गाड़ी से घूम रहे थे जिनका चालान काटा गया है और एक एम्बुलेंस पर भी कार्यवाही की गई। एसपी के इस कार्यवाही से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

देश के प्रधान मंत्री व प्रदेश के मुखिया योगी आदित्य नाथ एक ओर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के प्रयास में लगे हैं वहीं दूसरे ज़िम्मेदार उसमे पलीता लगाने में लगे हुए हैं, जिसके चलते गाँव देहात से आने वाले मरीज़ों व उनके तीमारदारों की जेब पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के जिला अस्पताल में बने ट्रामा सेंटर का है। जहां बकेवर थाना क्षेत्र के लालाबक्सरा गाँव निवासी राम शंकर द्विवेदी की माता भगवती देवी की तबियत खराब होने पर जिला अस्पताल इस मम्मीद से लेकर आये की उनकी माता को बेहतर ईलाज मिलेगा। मगर ऐसा हुआ नहीं।


कमीसन खोरी के चलते उनको बाहर से कमीसन वाली दवा लाने के लिए पर्ची पकड़ा दी गई, जिसकी कीमत 920 रुपए थी। मजबूर तीमारदार क्या करे उसको इलाज करवाना है। तीमारदार जैसे तैसे पैसे की ब्यवस्था करके 920 रुपए की बाहर से कमीसन वाली दवा लेकर आया। जिस पर मीडिया कर्मी की नज़र पड़ गई। पूछने पर मालूम हुआ कि ट्रामा सेंटर एमरजेंसी के कम्पाउंडर द्वारा यह दवा लिखी गई है।

जब इस सम्बन्ध में ट्रामा सेंटर में ड्यूटी कर रहे डॉक्टर राजेश श्रीवास्तव से बात की गई तो उनका कहना था कि उनके द्वारा यह दवा नहीं लिखी गई। क्योंकि इस दवा की ज़रूरत ही नहीं है। यह दवा अस्पताल में मौजूद है। अगर किसी कम्पाउंडर द्वारा यह लिखी गई है तो मैं उसके खिलाफ लिखित कार्यवाई करूंगा।

Ashiki

Ashiki

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