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Bikru Case: एनकाउंटर में शहीद सीओ की बेटी बनी ओएसडी, सिपाही का भाई बना कांस्टेबल

कानपुर बिकरू कांड में शहीद सीओ की बेटी वैष्णवी को ओएसडी पद मिला है तो शहीद हुए सिपाही के भाई को कांस्टेबल पद पर जिम्मेदारी मिली है, दोनों की कानपुर कमिश्नरेट में पोस्टिंग हुई है।

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NetworkNewstrack NetworkShashi kant gautamPublished By Shashi kant gautam

Published on 28 July 2021 10:25 AM GMT

Martyr COs daughter Vaishnavi became OSD, constables brother took over the post of constable, Kanpur - posted in commissionerate
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बिकरू केस: शहीद CO की बेटी वैष्णवी बनी OSD- फोटो- सोशल मीडिया 

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Bikru Case: कानपुर में हुए विकास दूबे के बिकरू कांड ने पूरे उत्तर प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। कानपुर के बिकरू गांव में पिछले साल हुए एनकाउंटर को एक साल हो गए हैं। इस घटना से सम्बंधित एक अच्छी खबर है। एनकाउंटर में शहीद हुए सीओ देवेन्द्र मिश्रा की बड़ी बेटी वैष्णवी मिश्रा ने ग्रेजुएशन पूरा होने के बाद पुलिस सेवा ज्वाइन कर ली। बता दें कि वैष्णवी को OSD पद पर तैनाती दी गई है। ट्रेनिंग के लिए कानपुर कमिश्नरेट में तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि ट्रेनिंग पूरी होने के बाद पोस्टिंग का स्थान तय होगा। वहीं, आगरा के शहीद सिपाही बबलू कुमार के छोटे भाई उमेश ने भी फोर्स ज्वाइन कर ली है।

बता दें कि पिछले साल 2 और 3 जुलाई की रात बिकरू गांव में विकास दुबे के गुर्गों और पुलिस टीम के बीच मुठभेड़ हो गई थी। दबीस देने गई पुलिस के ऊपर गोलीबारी में सीओ समेत आठ पुलिस कर्मी शहीद हो गए थे। प्रदेश सरकार ने मृतक आश्रितों के परिजनों को नौकरी देने की घोषणा की थी।

बिकरू कांड में शहीद हुए सीओ देवेन्द्र मिश्रा: फोटो- सोशल मीडिया

शहीद CO की बड़ी बेटी वैष्णवी मिश्रा को OSD पद पर नौकरी मिली

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा घोषणा के तहत शहीद सीओ की बड़ी बेटी वैष्णवी मिश्रा को ओएसडी पद पर नौकरी मिली है। शहीद सीओ की छोटी वेटी वैशार्दी मिश्रा ने बताया कि 13 जुलाई को ही दीदी को ओएसडी पद पर ज्वाइनिंग मिल गई। उन्हें ट्रेनिंग के लिए कानपुर कमिश्नरी में तैनात किया गया है। दीदी ने पुलिस लाइन में ट्रेनिंग भी शुरू कर दी है।

शहीद सिपाही के भाई को मिला कांस्टेबल पद

आगरा के फतेहाबाद थाना क्षेत्र के नगला लोहिया गांव निवासी सिपाही बबलू कुमार भी शहीद हुए थे। बबलू की तैनाती बिठूर थाने में थी। बबलू के छोटे भाई उमेश ने भर्ती के लिए आवेदन किया था। फिजिकल और मेडिकल परीक्षा पास करने के बाद उमेश ने अब वर्दी पहन ली है। नियुक्ति के बाद कानपुर पुलिस कमिश्नरी में ही उनको तैनाती मिली है। पुलिस लाइन में ट्रेनिंग शुरू कर दी है। सोमवार से छुट्टी पर घर गए हैं।

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