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Kanpur Dehat: कानपुर देहात में बोलीं विधायक प्रतिभा शुक्ला- सरकार की योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा किसानों को मिले लाभ

कानपुर देहात: सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन (आत्मा) योजनान्तर्गत जनपद स्तरीय खरीफ गोष्ठी का आयोजन ईको पार्क माती में किया गया।

Manoj Singh

Manoj SinghReport Manoj SinghAshikiPublished By Ashiki

Published on 30 July 2021 2:17 PM GMT

Kanpur Dehat
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दीप प्रज्जवलि कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया 

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कानपुर देहात: सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन (आत्मा) योजनान्तर्गत जनपद स्तरीय खरीफ गोष्ठी का आयोजन ईको पार्क माती में किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अकबरपुर रनियां विधायक प्रतिभा शुक्ला, जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह, मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पाण्डेय ने दीप प्रज्जवलि कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

दीप प्रज्जवलन से पहले जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाये गये स्टालों पर जाकर उनका अवलोकन किया और विभिन्न कृषि उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस मौके पर विभिन्न विद्वानों ने कृषि की उपयोगिता को लेकर अपने विचार व्यक्त किये। इन सभी का मानना था कि अब जनपद में जैविक कृषि को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा दिया जाये, जिससे भूमि की उर्वरक क्षमता बढ़े साथ ही स्वास्थ्य के लिए उत्पादित फसलें अच्छी हो। इस मौके पर बोलते हुए विधायक प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि सरकार की सभी योजनाओं का लाभ कृषकों को मिल सके, हम सबका यह प्रयास होना चाहिए, किसान आर्थिक रूप से सबल बन सके इसके लिए उन्हें मत्स्य पालन, पशुपालन या अन्य व्यवसायों को अपनाना चाहिए जिससे उनको किसी प्रकार की कोई आर्थिक परेशानी का सामाना न करना पड़े।


इस मौके पर बोलते हुए जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि खेती करने का संतोष अन्य किसी भी वैभव से ऊंचा होता है, क्योंकि किसान स्वयं अपना पेट नहीं भरता है। बल्कि दूसरे व्यक्तियों को भी जीवित रहने के लिए भी आधार प्रदान करता है। किसानों के श्रम से ही हमारा जीवन खुशहाल है। इसीलिए जरूरी है कि हम कृषकों के परेशानियों को समझे, उनको दूर करें। कृषक किसी समस्या से पीड़ित न हो इस बात का ध्यान हमें सदैव रखना चाहिए। अत्यधिक कीटनाशकों और रसायनिक खादों के प्रयोगों से कृषि के उत्पाद दूषित होते चले जा रहे, इसलिए जरूरी है कि हम अब जैविक खेती या शून्य कार्बन खेती को प्राथमिकता दें जिससे विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचा जा सकता है। साथ ही भूमि की उर्वर क्षमता को भी बचाया जा सकता है। साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों को इस मौके पर बधाई दी और उन किसानों को विशेष रूप से बधाई दी जिन्होंने कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण काम करते हुए आज के दिन विभिन्न पुरस्कारों को जीता है।


इस मौके पर बोलते हुए मुख्य विकास अधिकारी सौम्या पाण्डेय ने कहा कि कृषि में उत्पादकता को बढ़ाने के लिए तकनीकी का प्रयोग ज्यादा से ज्यादा होना चाहिए, किसान अन्नदाता ही नही सर्वदाता है, क्योंकि उनका योगदान केवल रोटी देने में नही अपितु कपड़ा और मकान देने में भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से है, कृषकों की आय में ज्यादा से ज्यादा वृद्धि हो इसका प्रयास शासन द्वारा किया जा रहा है, उन्होंने आगे कहा कि कृषकों की आय में वृद्धि देश की आय में वृद्धि होगी।


उन्होंने जनपद में जैविक खेती बढ़ाने पर भी जोर दिया, साथ ही उन्होंने कृषकों का इस बात के लिए आवाहन किया कि वे गाय के गोबर का इस्तेमाल गोवर्धन योजना में करें, जिससे उन्हें ईंधन और बिजली का लाभ मिलेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि ज्यादा से ज्यादा पौधा लगायें। खासकर मांगलिक अवसरों पर अवश्य वृक्षारोपण किया जाये। इससे वातावरण शुद्ध होगा, भूमि की उर्वरक क्षमता भी विद्यमान रहेगी। इस कार्यक्रम के दौरान उन कृषकों को पुरस्कृत भी किया गया, जिन्होंने विशेष उपलब्धियां हासिल की थी। जैसे बीना, रामचन्द्र, अरविन्द को दृष्टि योजना के अन्तर्गत 18 लाख का चेक प्रदान किया गया। मुकेश सिंह व हिमांशू को इनसीटू मैनेजमेन्ट के अन्तर्गत 12 लाख का चेक प्रदान किया गया, जबकि कुसुम योजना के अन्तर्गत नीलम को सोलर की चाभी भेंट की गयी, इसी तरह इस कार्यक्रम में अन्य कृषक भाईयों को भी सम्मानित किया गया।


इसके अलावा अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को भी प्रमाण पत्र वितरित किये गये। इस मौके पर लोक गायक राजेन्द्र यादव ने बुन्देलखण्ड का एक प्रमुख लोकगीत आल्हा को प्रस्तुत किया। जिसकी प्रशंसा जिलाधिकारी सहित उपस्थित सभी विशिष्टजनों ने की। कार्यक्रम का संचालन डा. अरविन्द यादव ने किया। इस मौके पर उप कृषि निदेशक विनोद यादव, डीएफओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी राकेश यादव, जिला पशु चिकित्सा अधिकारी डा. देवकी नन्दन लावनियां, जिला सूचना अधिकारी नरेन्द्र मोहन, जिला भूमि संरक्षण अधिकारी अशोक कुमार, जिला उद्यान अधिकारी, जीएम डीआईसी चन्द्रभान सिंह आदि अधिकारीगण व कृषक बाबूलाल निषाद, अशोक कुमार, रामपाल, सोनेलाल आदि उपस्थित रहे।

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