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महामंडलेश्वर रहे सचिन दत्ता पर FIR, डेढ़ करोड़ का फर्जी लोन लेने का आरोप

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Published on 7 Aug 2016 6:06 AM GMT

महामंडलेश्वर रहे सचिन दत्ता पर FIR, डेढ़ करोड़ का फर्जी लोन लेने का आरोप
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नोएडा: बिल्डर से बीयर बार मालिक और फिर महामंडलेश्वर रहे नोएडा के चर्चित सचिन दत्ता की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ने सचिन दत्ता और बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी समेत 10 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। कंपनी का कहना है कि करीब डेढ़ करोड़ का लोन फर्जी तरीके से लिया गया है जीरो एफआईआर बनाकर अब इसे गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना रेफर किया गया है।

डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी

-महामंडलेश्श्रर ने करीब डेढ़ करोड़ रुपए का लोन फर्जी तरीके से लिया है।

-दरअसल, पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी ने इंदिरापुरम के अहिसा खंड में वर्ष-2००8 में बनाई गई सोसायटी 'श्री बालाजी रेजीडेंसी' के कुछ फ्लैटों पर लोन दिया था।

-कंपनी का आरोप है लोन नहीं चुकाया गया। कंपनी ने जांच की तो पता चला कि लोन फर्जीवाड़ा कर हासिल किया गया।

-22 लाख रुपए से लेकर 3० लाख रुपए के बीच कुल 8 लोगों ने विभिन्न फ्लैटों पर लोन लिया।

-कंपनी के पास लोन लिए गए फ्लैटों के असली दस्तावेज मौजूद थे।

एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया

पहले यह रेजिडेंसी नोएडा के अधीन थी,लेकिन अब यह गाजियाबाद की सीमा में आ चुकी है।

लिहाजा यहां मामला दर्ज करने के बाद इसे थाना इंदिरापुरम भेज दिया गया है।

बताते चलें कि धोखाधड़ी का यह मामला पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी द्वारा कराया गया था।

असली खरीददारों के काजगों पर लिया गया लोन

-बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने अहिसा खंड-2 इंदिरापुरम में 'बालाजी रेजीडेंसी' का निर्माण कराया था।

-फ्लैट की बुकिंग के वक्त सभी कागज बिल्डर की ओर से मुहैया कराए गए।

-बिल्डर ने असली खरीदारों से कागज लेकर उनके लोन विभिन्न बैंकों से कराए और बाद में दो और तीन बीएचके फ्लैट का कब्जा देकर रजिस्ट्री करा दी।

-बिल्डर के पास आवंटन पत्र, त्रिपक्षीय समझौता और पजेशन लेटर होता है।

-ऐसे में बिल्डर ने उन्हीं फ्लैटों पर दूसरे लोगों के कागज लगाकर पीएनबी हाउसिग फाइनेंस कंपनी से लोन लेकर करीब डेढ़ करोड़ रुपए का फर्जीवाड़ा किया गया।

अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर सचिन दत्ता

-दिसंबर-2०15 में क्राइम ब्रांच की जांच के बाद पांच लोगों ने सचिन दत्ता पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाते हुए कोतवाली सेक्टर-58 में एफआईआर दर्ज कराई थी।

-आरोप था कि उन फ्लैटों पर कब्जा दिया गया, जिन पर पहले से ही लोन चल रहा है। इस मामले में सचिन दत्ता फरार चल रहा है।

-फिलहाल कोर्ट के आदेश के बाद कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने नर्स धाराओं में केस दर्ज कर इंदिरापुरम रेफर कर दिया है।

कौन हैं सचिन दत्ता उर्फ सच्चिदानंद महाराज

अपनी पत्नी श्रुति के साथ सचिन दत्ता नोएडा सेक्टर 18 के सेंटरस्टेज मॉल में क्वांटम नाम का डिस्को एंड पब चलाते थे। उनके दो बेटे भी हैं। बाद में ये पब बंद हो गया। उनकी कंपनी बालाजी ग्रुप का कंस्ट्रक्शन का धंधा भी कुछ महीने से मंदा चल रहा था। सचिन दत्ता ने पिछले साल 13 अगस्त को ग्रेटर नोएडा के बिसरख गांव के पास खुद पर हमले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि कुछ लोगों ने उन पर 5 से 7 राउंड गोलियां चलाईं। उन्होंने पुलिस से सिक्योरिटी भी मांगी थी, लेकिन पुलिस को हमले की उनकी कहानी पर भरोसा नहीं हुआ और सिक्योरिटी नहीं दी गई।

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