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Mahoba News: स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही, कचड़ें के ढेर में पड़ी जीवन रक्षक दवाएं

Mahoba News: महोबा जिले में स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही के चलते दवाओं को कूड़े के ढेर मे फेंक दिया गया।

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NetworkNewstrack NetworkChitra SinghPublished By Chitra Singh

Published on 29 Jun 2021 4:19 PM GMT

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दवाएं

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Mahoba News: महोबा जिले में स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की घोर लापरवाही के चलते लाखों रुपयों की जीवन रक्षक दवाओं (Medicines) को जरूरतमंद, गरीब मरीजों को न देकर उन्हें कूड़े के ढेर मे फेंक दिया गया। इसकी सूचना सीएमएस को दी गई, जिसके बाद सफाई कर्मी को भेज उन दवाओ को कूड़े के ढेर से उठाकर वापस ले जाया गया।

मामला जिला अस्पताल परिसर का है, जहां मोर्चरी के पास कचरे के ढेर में पड़ी ये दवाइयाँ जिला अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की कहानी बयां कर रही हैं। इनमें जीवन रक्षक दवाओं के साथ-साथ एक्सपायर और अन एक्सपायर दवाएं भी शामिल हैं। सरकारों के प्रयासों पर पानी फेरती महोबा जिला अस्पताल (Mahoba District Hospital) परिसर की ये तस्वीरें देख कर हर किसी के जहन में सवाल उठना लाजिमी है। जिस तरीके से कोरोना काल के दौरान विपक्षी पार्टी स्वास्थ्य व्यवस्था में लापरवाही के आरोप लगा रही थी, उसमें कहीं न कहीं कुछ तो सत्यता है।

खुले में पड़ीं इन दवाइयों से संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। जिम्मेदारों तक खुले में पड़ी दवाइयों की सूचना पहुंचते ही जिला अस्पताल प्रशासन सकते में आ गया। आनन फानन में दवाइयों को हटवा मामले को दबाने की नाकाम कोशिश कर डाली। वहीं जिलाधिकारी ने मामले को संज्ञान में लेकर जांच के बाद कार्यवाही की बात कही है। इस मामले को लेकर डीएम सत्येंद्र कुमार का कहना है कि जो निर्देश है दवा को नष्ट करने का उसके लिए सीएमएस को सूचित कर दिया गया है, साथ ही पूरे मामले की जांच कर कार्यवाही की जाएगी।

सरकारें भले ही देश और प्रदेश मे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने की कोशिश कर रही हो और स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने को लेकर करोड़ों रुपये का बजट देकर सही रखने का दावा करती हों, लेकिन स्वास्थ्य विभाग सुधरने का नाम नही ले रहा है। जिसके चलते गरीब मरीजों को जीवन रक्षक दवाये नहीं मिल पा रही और दवाओं को कूड़े में फेंक दिया जा रहा है । ताजा मामला इसी का एक उदाहरण है।

Chitra Singh

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