×

TRENDING TAGS :

Election Result 2024

Mahoba: Siddh Gopal Sahu ने थामा BJP का दामन, प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में ली सदस्यता

Siddh Gopal Sahu Joins BJP: सपा सरकार में मंत्री, बसपा, कांग्रेस सहित नेलोपा में रहकर चुनावी मैदान में उतरकर विरोधियों के छक्के छुड़ाने वाले सिद्ध गोपाल साहू आज BJP में शामिल हुए।

Imran Khan
Report Imran Khan
Published on: 15 March 2024 12:39 PM GMT
सिद्ध गोपाल साहू भाजपा में शामिल।
X

 सिद्ध गोपाल साहू भाजपा में शामिल। (Pic: Newstrack)

Mahoba News: बुंदेलखंड के कद्दावर नेता के रूप में जाने-माने जमीनी स्तर के नेता, साथ ही साथ व्यापारियों और उद्योगपतियों में अपनी खासी पहचान बनाने वाले सपा सरकार में मंत्री, बसपा, कांग्रेस सहित नेलोपा में रहकर चुनावी मैदान में उतरकर विरोधियों के छक्के छुड़ाने वाले सिद्ध गोपाल साहू ने आखिरकार बीजेपी के दिग्गज नेताओं के साथ आज भाजपा की शपथ ग्रहण कर ली है।


भाजपा नेताओं की मौजूदगी में ली सदस्यता

शुक्रवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह,डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक,जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह,जल शक्ति राज्यमंत्री रामकेश निषाद,प्रदेश महामंत्री अमरपाल मौर्य के सामने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने उन्हें भगवा गमछा पहनाकर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। बताते चलें कि सिद्धगोपाल साहू बसपा के कद्दावर नेता रहे छंगा प्रसाद साहू के पुत्र हैं। सिद्धगोपाल साहू 1995 में कबरई नगर पंचायत के चेयरमैन निर्वाचित हुए। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और वर्ष 2002 में महोबा जिले की सदर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर पहली बार विधानसभा पहुंचे और मुलायम सिंह यादव की सरकार में खनिज राज्यमंत्री बने। वर्ष 2007 में सपा से टिकट कटने के बाद सिद्धगोपाल साहू ने नेलोपा से चुनावी मैदान में ताल ठोंकी लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

लगातार कर रहे हैं हार का सामना

इसके बाद पार्टी बदलकर वर्ष 2009 में कांग्रेस के टिकट पर हमीरपुर,महोबा लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे सिद्धगोपाल साहू को एक और हार का सामना करना पड़ा। सपा में वापसी करने वाले पूर्व मंत्री ने वर्ष में 2012 में एक बार फिर से समाजवादी पार्टी के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा और इस बार भी हार ने उनका पीछा नहीं छोड़ा और उन्हें 2012 के विधानसभा चुनाव में दूसरे नम्बर पर सन्तोष करना पड़ा। वर्ष 2017 में पूर्व मंत्री ने एक बार फिर महोबा जिले की सदर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सिंबल पर चुनावी मैदान में उतरे लेकिन उन्हें एक और हार का मुंह देखना पड़ा। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में अपने भाई संजय साहू को चुनावी मैदान उतारकर निर्दलीय चुनाव लड़ाया लेकिन हार ने उनका यहाँ भी पीछा नहीं छोड़ा। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर सदर विधानसभा से चुनावी मैदान में ताल ठोंकने वाले पूर्व मंत्री सिद्धगोपाल साहू के भाई संजय साहू को एक और हार का सामना करना पड़ा। पूर्व मंत्री व उनके भाई को एक के बाद एक लगातार मिली चुनावी हारों ने जिले की राजनीति में हाशिये पर ला दिया था ऐसे में लंबे समय से अपने लिए नई सियासी जमीन तलाश रहे पूर्व मंत्री सिद्धगोपाल साहू ने आखिरकार शुक्रवार को भाजपा का दामन थाम लिया है। सिद्धगोपाल साहू पिछड़ा वर्ग की साहू बिरादरी से आते हैं और लोकसभा चुनाव के ऐन पहले उनका भाजपा में जाना जिले की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है।

2017 विधानसभा चुनाव हिंसा मामले में पूर्व मंत्री के पुत्र को मिली है आजीवन कारावास की सजा

वर्ष 2017 में समाजवादी पार्टी से चुनावी मैदान में उतरे पूर्व मंत्री सिद्धगोपाल साहू के पुत्र साकेत साहू व समर्थकों का विधानसभा चुनाव में मतदान की पूर्व संध्या पर बसपा से प्रत्याशी रहे अरिमर्दन सिंह ( नाना ) के पुत्र हिमांचल सिंह एवं उनके समर्थकों व निर्दलीय प्रत्याशी से विवाद होने और विवाद के दौरान घायल हुए निर्दलीय प्रत्याशी की मौत हो जाने के मामले में विगत माह ही पूर्व मंत्री सिद्धगोपाल साहू के पुत्र साकेत साहू को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया है। जिसके बाद से पूर्व मंत्री के भाजपा में जाने के कयास लगाए जा रहे थे जो शुक्रवार को लखनऊ में उनके द्वारा ग्रहण की गई भाजपा की सदस्यता के बाद सही साबित होते नजर आए। विधानसभा चुनाव 2022 में सपा से टिकट की घोषणा होने के बाद पूर्व मंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान विवादित नारा लगा दिया था जिसके बाद हिन्दू संगठनों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। साथ ही शहर के एक होटल में एकत्र होकर उनके प्रतिष्ठान तक विरोध जुलुस निकाल प्रतिष्ठान का घेराव कर माफी मांगने की मांग की गई थी। ऐसे में पूर्व मंत्री के भाजपा की सदस्यता लेने के बाद विरोध करने वाले कार्यकर्ताओं को पूर्व मंत्री ने असमंजस की स्तिथि में डाल दिया है।

Sidheshwar Nath Pandey

Sidheshwar Nath Pandey

Content Writer

मेरा नाम सिद्धेश्वर नाथ पांडे है। मैंने इलाहाबाद विश्विद्यालय से मीडिया स्टडीज से स्नातक की पढ़ाई की है। फ्रीलांस राइटिंग में करीब एक साल के अनुभव के साथ अभी मैं NewsTrack में हिंदी कंटेंट राइटर के रूप में काम करता हूं। पत्रकारिता के अलावा किताबें पढ़ना और घूमना मेरी हॉबी हैं।

Next Story