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नगर पालिका चेयरमैन अपने ही सरकार के खिलाफ दे रहे थे धरना, CM ने किया फोन तो...

नगर पालिका अध्यक्ष ने सिटी क्लब में अपने कार्यक्रम को पूरा करने के लिए जगह चिन्हित किया और उसी जगह पर अपने आंदोलन को पूरा करने के लिए सभी सभासदों के साथ धरने पर बैठ कर अपनी ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की डीएम के खिलाफ नारेबाजी की अपनी भड़ास निकालते हुए मुख्यमंत्री के फोन का हवाला देते हुए आंदोलन को समाप्त कर दिया।

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 11 Feb 2019 3:17 PM GMT

नगर पालिका चेयरमैन अपने ही सरकार के खिलाफ दे रहे थे धरना, CM ने किया फोन तो...
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मिर्जापुर: यहां डीएम की चेतावनी को नजरअंदाज करते हुए मिर्जापुर के नगर पालिका के अध्यक्ष मनोज जायसवाल धरने पर बैठ गये। अध्यक्ष ने डीएम को तानाशाह और विकास विरोधी बताते हुए कहा कि वो जनता की भलाई के लिए काम करने के बजाए लोगों को परेशान करने में रूचि ले रहे हैं। नगर पालिका में जब से 26 करोड़ के हिसाब-किताब गायब होने का मामला सामने आया है उसके बाद से वहां के डीएम और बीजेपी नगरपालिका अध्यक्ष आमने-सामने हैं।

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नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल ने डीएम पर विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने का आरोप लगाकर उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है तो डीएम अनुराग पटेल भी पीछे हटने के बजाय न सिर्फ नगर पालिका के कई कामों में अनियमितता और काम के रेट को लेकर सवाल उठा दिये। अध्यक्ष ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन की धमकी दी तो जिला प्रशासन ने धारा 144 समेत कई बिंदुओं का हवाला देते हुए उन्हे ऐसा न करने की चेतावनी दी थी। लेकिन नगरपालिका अध्यक्ष ने भी अपने समर्थकों के साथ न सिर्फ धरना दिया बल्कि जिलाधिकारी के खिलाफ जमकर नारे भी लगाए गये ये राजनीति लगभग एक घंटे चला उसके बाद उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय से फ़ोन आया है तो धरना समाप्त करके मुख्यमंत्री से मिलने लखनऊ के लिए जाना है वहा बुलाया गया है।

आइए जानते है पूरा मामला क्या है ?

भाजपा शासित मिर्ज़ापुर नगरपालिका लगातार विवादों से घिरी हुई है। नगरपालिका से 26 करोङ रूपये के हिसाब किताब गायब होने के बाद हाल ही में चुपके से रद्दी के नाम पर फाइलें जलाए जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि अब नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल और डीएम अनुराग पटेल में आपसी बर्चस्व की लड़ाई गयी है। नगरपालिका अध्यक्ष ने डीएम पर दबाव बनाने के लिए उन्हें विकास विरोधी कहते हुए उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और 11 फरवरी को सभासदों के साथ जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी ,वहीं डीएम ने चेयरमैन के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए। नगरपालिका के कई कामो में अनिमितता और काम के रेट को लेकर सवाल उठा दिया है।

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उधर नगर पालिका अध्यक्ष ने प्रदर्शन के लिए कलेक्ट्रेट परिसर आंदोलन की चेतावनी दी इधर मिर्जापुर डीएम ने कलेक्टर परिसर से 100 मीटर की दूरी तक धारा 144 लगे होने की बात कहते हुए कहा कि अगर कोई धरना प्रदर्शन या आंदोलन किया जाएगा तो ऐसे कृत्य में शामिल होने वालों के खिलाफ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1086 की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा जिसकी जानकारी होते ही नगर पालिका अध्यक्ष ने सिटी क्लब में अपने कार्यक्रम को पूरा करने के लिए जगह चिन्हित किया और उसी जगह पर अपने आंदोलन को पूरा करने के लिए सभी सभासदों के साथ धरने पर बैठ कर अपनी ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी की डीएम के खिलाफ नारेबाजी की अपनी भड़ास निकालते हुए मुख्यमंत्री के फोन का हवाला देते हुए आंदोलन को समाप्त कर दिया।

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