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मनमाने बिल का भुगतान नहीं होने पर प्रसूता को बंधक बनाया, परिजनों ने किया हंगामा

नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कोटवा कला स्थित एक अस्पताल में रुपये के लिए एक महिला को बंधक बनाने को लेकर परिवारीजनों ने बुधवार को हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पुलिस के साथ ही एसडीएम खड्डा भी मौके पर पहुंच गए।

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NewstrackBy Newstrack

Published on 11 Nov 2020 12:27 PM GMT

मनमाने बिल का भुगतान नहीं होने पर प्रसूता को बंधक बनाया, परिजनों ने किया हंगामा
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मनमाने बिल का भुगतान नहीं होने पर प्रसूता को बंधक बनाया, परिजनों ने किया हंगामा (Photo by social media)
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कुशीनगर: मानकों की अनेदखी कर संचालित अस्पताल भुगतान नहीं होने पर कभी लाश तो कभी प्रसूता को ही बंधक बना ले रहे हैं। बुधवार को कुशीनगर में ऐसा मामला प्रकाश में आया। अस्पताल प्रबंधन के मनमाने बिल के भुगतान को लेकर परिवार वालों के सवाल पर नाराज प्रबंधन ने प्रसूता को नवजात संग बंधक बना लिया। जिसके बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। बवाल बढ़ता देख मौके पर पहुंचे एसडीएम खड्डा ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया है। मौके पर पहुंची पुलिस अस्पताल के दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

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हंगामे की सूचना पर पुलिस के साथ ही एसडीएम खड्डा भी मौके पर पहुंच गए

नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कोटवा कला स्थित एक अस्पताल में रुपये के लिए एक महिला को बंधक बनाने को लेकर परिवारीजनों ने बुधवार को हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर पुलिस के साथ ही एसडीएम खड्डा भी मौके पर पहुंच गए। पूछताछ में अस्पताल प्रबंधन की गलती को देखते हुए एसडीएम ने संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया है।

महाराजगंज जनपद के भुअना निवासी अजय की पत्नी सुमन 25 वर्ष गर्भवती थी

महाराजगंज जनपद के भुअना निवासी अजय की पत्नी सुमन 25 वर्ष गर्भवती थी। महिला के प्रसव का समय पूरा होने पर एक स्वास्थ्य कर्मी के कहने पर वह कोटवा कला गांव में सड़क किनारे स्थित एक अस्पताल में में महिला को भर्ती कराया। आपरेशन के बाद बच्ची पैदा हुई। अस्पताल प्रबंधन ने दवा व अपरेशन खर्च के नाम 16 हजार का बिल थमा दिया। मरीज के परिवारीजनों ने कुछ पैसा जमा किया। शेष के लिए समय मांगा। कर्मचारियों द्वारा पूरा पैसा देने के बाद ही महिला को बंधक बना लिया। इसे लेकर परिवारीजनों ने जमकर हंगामा किया। इसकी जानकारी परिवार वालों ने एसडीएम खड्डा व एसओ नेबुआ नौरंगिया को सूचना दी। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस अस्पताल के दो कर्मचारियों को हिरासत में लेकर थाने ले गई।

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सील अस्पताल में हुआ ऑपरेशन

मनमानी वसूली और गलत इलाज को लेकर अस्पताल कई बार चर्चाओं में रहा है। अस्पताल कई बार सील हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों के सरंक्षण में बदनाम अस्पताल में बड़े-बड़े आपरेशन भी होते हैं। पिछले सप्ताह एसडीएम खड्डा अरविंद कुमार ने अस्पताल की जांच करने के बाद एक सप्ताह के अंदर कारण बताओ नोटिस जारी करने के साथ ही अपरेशन थियटर व अन्य कक्षों को सील करा दिया था। निर्धारित समय सोमवार को खत्म हो गई है। इसके बावजूद संचालक ने स्पष्टीकरण नहीं दिया। एसडीएम खड्डा अरविंद कुमार का कहना है कि कानून का उल्लंघन संचालक ने किया है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

रिपोर्ट- पूर्णिमा श्रीवास्तव

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