TRENDING TAGS :
Mathura News: रिटायर्ड कर्नल पूरन सिंह ने बढ़ाया भारतीय सेना का मान, शीर्षासन ने बनाया विश्व रिकॉर्ड
Mathura News: श्रीकृष्ण की नगरी में सोमवार को एक योगी ने 4 घंटे 2 मिनट तक शीर्षासन करते हुए नया कीर्तिमान बनाया है। एक पूर्व सैनिक ने इतना महान कार्य कर सभी सैनिकों का मान बढ़ाते हुए योग प्राणायाम का महत्व बताया है।
Mathura News: योगिराज भगवान श्रीकृष्ण की नगरी में सोमवार को एक योगी ने 4 घंटे 2 मिनट तक शीर्षासन करते हुए नया कीर्तिमान बनाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर स्थित चंद्रलेखा मैदान में लिमका बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एवं गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने की जिद और हौसला रखने वाले 60 वर्षीय कैप्टन पूरन सिंह ने पुराने विश्व रिकॉर्ड 3 घंटा 33 मिनिट्स को तोड़कर नया कीर्तिमान 4 घंटे 2 मिनट का स्थापित किया है। 6 बजकर 15 मिनट पर शीर्ष आसन प्रारम्भ कर 10 बजकर 17 मिनट पर समाप्त किया। एक पूर्व सैनिक ने इतना महान कार्य कर सभी सैनिकों का मान बढ़ाते हुए योग प्राणायाम का महत्व बताया है।
कई सालों की मेहनत से हो सका संभव
कैप्टन पूरन सिंह ने बताया कि पिछले कई सालों की लगन और मेहनत से यह संभव हो पाया है। रिटायर पूरन सिंह ने नए कीर्तिमान को बनाने का श्रेय 8 जाट रेजीमेंट जयपुर में तैनात बिग्रेडियर संजीव को दिया और कहा कि उनकी प्रेरणा से लगातर मेहनत की जज्बे को कायम रखा और आज यह नया कीर्तिमान बना दिया है। पूरन सिंह ने बताया कि सेना से रिटायर होने के बाद जब रिकॉर्ड बनाने की सोची तो उनकी पत्नी ने उनके खान-पान का ध्यान रखा।
एयरफोर्स में तैनात उनके बेटे और बहू ने भी उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने बताया कि 60 साल पार होने के चलते शरीर को मजबूती प्रदान करने के लिए उनका छोटा बेटा रोज आधा घंटे शरीर की मालिश करता है जिसकी वजह से आज सभी का सपना साकार हो गया। पूरन सिंह ने बताया कि दरअसल शीर्षासन का पुराना रिकॉर्ड लगभग 3 घंटे 33 मिनट का था जिसको पिछली बार सिर्फ 12 मिनट से इसे बनाने से रह गए थे। उसके बाद उन्होंने फिर से प्रयास किया हे। और आज नया कीर्तिमान बनाया है।
पूरन सिंह ने सुबह 6 बजकर 15 मिनिट पर इसकी शुरुआत की और 10 बजे 17 मिनिट तक शीर्षासन की मुद्रा में दिखाई दिए। 4 घंटे तक शीर्षासन की मुद्रा में रहने के बाद पूरन ने कई योग आसन कर शरीर को नार्मल किया जिसके बाद मौजूद लोगों और सेना के अधिकारियों ने पूरन सिंह की लगन और हौसले का माला पहनाकर सम्मान किया। चार घंटे तक पूरन सिंह शीर्षासन की मुद्रा में रहे और लोग तालियां बजाकर भारत माता की जय कर उनकी हौसला अफजाई करते रहे। रिटायर्ड कर्नल पूरन सिंह ने भी भारतीय सेना के दम-खम का परिचय दे दिया कि भारत माता की सेवा करने वाला जवान भले ही रिटायर हो जाए लेकिन हौंसले से जवान रहता है।