मेरठःरोडवेज कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर भत्ते खत्म किये जाने का जताया विरोध

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आव्हान पर आज मेरठ में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले रोडवेज कर्मचारियों ने भत्ते खत्म करने के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और 25 मई तक ऐसे ही ध्यान आकर्षण को काली पट्टी बांधकर काम करने का आह्वान किया।

मेरठ: राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आव्हान पर आज मेरठ में रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनर तले रोडवेज कर्मचारियों ने भत्ते खत्म करने के विरोध में काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और 25 मई तक ऐसे ही ध्यान आकर्षण को काली पट्टी बांधकर काम करने का आह्वान किया।

इस मौके पर रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के मेरठ के क्षेत्रीय मंत्री लाखन सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को दिए जाने वाले 6 भत्तों सहित नगर प्रतिकर भत्ते को पहले स्थगित किया और अब समाप्त कर दिया। जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

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प्रधानमंत्री के आह्वान पर कोरोना वारियर्स को किया जा रहा सम्मानित

वर्तमान में कोरोना संकट के समय जब सभी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी रात-दिन कार्य कर रहे हैं। लाखन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर पूरे देश में इन कोरोना वारियर्स को भारतीय सेना द्वारा फूलो की वर्षा कर सम्मानित करने का काम किया जा रहा हैं।

ऐसे समय पर सरकार द्वारा भत्तों की कटौती का निर्णय कर्मचारियों के मनोबल को गिराने वाला है। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद संगठन इसकी घोर निन्दा करता है। सरकार पुनर्विचार करें। इस मौके पर क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रमोद शर्मा,रोडवेज कर्मचारी नेता सहन्सरपाल,धर्मपालसिंह आदि भी मौजूद रहे।

 उधर,बुलन्दशहर में लोक निर्माण विभाग संघ के अध्यक्ष बाबू सिंह ने कहा कि कोरोना युद्ध में कर्मचारी रात दिन कार्य कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने केंद्र की तरह डीए के साथ नगर प्रतिकर भत्ते के साथ 6 अन्य भत्ते भी समाप्त कर दिए हैं।

राज्य कर्मचारी महांसघ के आह्वान पर कर्मचारी विरोधी नीतियों के कारण प्रदेश के कर्मचारी आंदोलन करने पर विवश हो रहे हैं। उन्होंने कहाकि 25 मई तक हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। सेवायोजन संघ अध्यक्ष बीडी शर्मा, कृषि कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सत्य कुमार शर्मा, वन संघ के अध्यक्ष अजय कुमार सिंह,गन्ना संघ के अध्यक्ष ओम पाल सिंह सहित विभिन्न संघ के कर्मचारियों ने विरोध प्रकट किया है।

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6 तरह के भत्तों को समाप्त करने के आदेश

 बता दें कि कोरोना वायरस के चलते बने आर्थिक संकट को देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पिछले दिनों सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले 6 तरह के भत्तों को समाप्त करने के आदेश जारी किये हैं।

सरकार के इस फैसले से राज्य के 16 लाख कर्मचारियों को झटका लगा है। जिन भत्तों को समाप्त किया गया है उनमें नगर प्रतिकर भत्ता, सचिवालय भत्ता, सीबीसीआईडी, ईओडब्ल्यू, विजिलेंस, अभिसूचना विभाग, सुरक्षा शाखा और विशेष जांच शाखा में तैनात अधिकारियों को मिलने वाला विशेष वेतन, अवर अभियंता को मिलने वाला विशेष भत्ता, पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलने वाला रिसर्च भत्ता, अर्दली भत्ता और डिजाइन भत्ता, सिंचाई विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलने वाला आईऐंडपी भत्ता और अर्दली भत्ता शामिल हैं।

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 रिपोर्ट:  सुशील कुमार