×

Meerut News: भाकियू नेताओं ने मोदी सरकार को बताए कई योगासन, कहा- देश की सबसे बेशर्म सरकार है BJP

Meerut News: आज जनपद में भारतीय किसान यूनियन का धरना लगातार 27वें दिन सिवाया टोल प्लाजा मेरठ पर जारी रहा।

Sushil Kumar

Sushil KumarReport Sushil KumarChitra SinghPublished By Chitra Singh

Published on 21 Jun 2021 3:04 PM GMT

Meerut News: भाकियू नेताओं ने मोदी सरकार को बताए कई योगासन, कहा- देश की सबसे बेशर्म सरकार है BJP
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

मेरठ: आज जनपद में भारतीय किसान यूनियन (Bharatiya Kisan Union) का धरना लगातार 27वें दिन सिवाया टोल प्लाजा मेरठ पर जारी रहा। आज सिवाया टोल प्लाजा (Sivaya Toll Plaza) पर भारतीय किसान यूनियन मेरठ द्वारा हजारों करोड़ रूपये खर्च कर योग दिवस (Yoga Day) मनाने वाली केन्द्र सरकार के आयोजन की पोल खोल दिया है। इस आयोजन को देश के वर्तमान हालातों के विपरीत बताते हुए सरकार के लिए जरूरी योग से अवगत कराया।

भाकियू नेता विनीत सांगवान ने बताया कि आज जब देश बर्बादी की कगार पर खड़ा है, तो योग दिवस जैसे आयोजन केवल जुमला आयोजन सिद्ध होते हैं। आज मोदी सरकार (Modi Government) देश के 85 प्रतिशत से अधिक लोगों को बेरोजगारी, भुखमरी, आर्थिक तंगी, मंहगाई, जैसे परिस्थितियों के सामने लाचार कर दी है।

भारतीय किसान यूनियन मेरठ ने सरकार के विकारों को दूर करने के उद्देश्य से आज योग दिवस पर सरकार के लिए जरूरी योग बताए, जिसमें किसानों के प्रति कान बंद करने पर सरकार को कर्णयोग करने की सलाह दी, ताकि सरकार किसानों की आवाज सुन सके। आज देश का किसान पिछले 7 माह से आंदोलनरत है, जिसकी आवाज सरकार के कानों तक नही पहुँच रही है।

नयन योग (Nayan Yoga)

सरकार किसान आंदोलन मे शामिल करोड़ों किसानों को देख नहीं पा रही है और ना ही सरकार 400 से अधिक किसानों की शहादत देख पायी है, इसलिए सरकार को नयन योग करना चाहिए ताकि देशका किसान सरकार को दिखाई देने लगे ।

जीव्या योग (Jivya Yoga)

किसानों के प्रति लगातार जहर उगलते हुए सरकार ने आंदोलन जीवी, पाकिस्तानी अलगावादी, गद्दार, देशद्रोही , जैसे शब्दों का प्रयोग करने पर सरकार को जीव्या योग करना चाहिए, ताकि किसानों के प्रति अच्छी बात मुंह से निकले।

योग मुद्रा में भाकियू नेता

मोदी सरकार पर भाकियू नेता ने साधा निशाना

भाकियू नेता विनोद जिटौली ने बताया कि आजादी के बाद देश की सबसे बेशर्म सरकार के रूप मे आज भाजपा सरकार उभर कर सामने आयी है। इस सरकार को देश की जनता की बिल्कुल फिक्र नहीं है। आज ये सरकार हजारों करोड़ खर्च करके योग दिवस का आयोजन तब कर रही है, जब देश कोरोना की दूसरी विध्वंसक लहर से निकलकर खड़ा भी नहीं हो पा रहा है और तीसरी अति विध्वंसक लहर पुरी रफ्तार से अपना कहर बरपाने के लिए जनता की तरफ बढ़ रही है।

उन्होंने आगे कहा कि आज सरकार की नाकाम नीतियों से भुखमरी के ग्राफ पर बढ़ोतरी दर्ज करी जा रही है। नाकारा सरकार खुद को मजबूत बनाये रखने के लिए रेल, कोल, बीएसएनएल, एयरपोर्ट, बैंक, स्मारक, एलआईसी जैसी देश की विरासते बेच रही है और जनता की खाल तरह-तरह के टैक्स लगाकर उधेड़ रही है। इस सब के बाद भी 2-4 प्रतिशत लोगों के लिए ये सरकार योग दिवस का आयोजन करके देश के पैसों को बर्बाद करने का काम कर रही है। आज देश की जनता आर्थिक रूप से टूटकर रोजी रोटी के लिए संघर्ष कर रही है और सरकार अपनी मदहोशी मे योग दिवस मना रही है। सरकार जवाब दे, अगर सच मे योगासनों से बिमारियां ठीक हो रही हैं तो फिर आपके नेता बिमार होने पर एम्स में क्यों जाते हैं?

गरीबों की बदहाली का मजाक- महराज

महराज ने कहा मोदी जी योग दिवस के प्रचार से गरीबों की बदहाली का मजाक उड़ा रहे हैं। आज देश मे योग दिवस के नाम पर तमाम विभागों में खासा पैसा खर्च किया जा रहा है जो कि बिल्कुल जायज नहीं है ।

दो वक्त की रोटी के लिए संघर्षशील है गरीब वर्ग

महेन्द्र सिंह चहल ने कहा कि योग दिवस जैसे आयोजन सम्पन्न देशों के लिए कारगर साबित हो सकते हैं, पर हमारे देश की बड़ी आबादी तो दो वक्त की रोटी के लिए संघर्षशील है। देश की 90 प्रतिशत जनता रोज संघर्ष योग मे व्यस्त रहती है और 30 प्रतिशत से अधिक लोग रोज रोटी योग की जटिलता से भी नही उभर पा रहे हैं। मोदी सरकार कृषि सुधार अधिनियमों पर सैकड़ो किसानों के बलिदान और आंदोलन के 7 महीने बाद भी हठयोग पर बैठी है। भारतीय किसान यूनियन और देश का किसान अब इस सरकार का कुर्सी योग आंदोलन योग से समाप्त करके दंभ लेगा ।

भारतीय किसान यूनियन मेरठ के प्रवक्ता सुशील कुमार पटेल के अनुसार आज सिवाया टोल के धरने मे मुख्य रूप से सतीश इलमसिंह, हरेन्द्र सिंह, विनोद जिटौली, मुनेश जिटौली, इन्दपाल जंगेठी, पम्मी जंगेठी, जगत सिंह जंगेठी, गौरव इलमसिंह, इन्द्रपाल जंगेठी, विपीन चौधरी, इन्द्रपाल, सुभाष घोपला मदन घोपला, पदम जंगेठी आदि सहित तमाम साथियो की सहभागिता रही ।

Chitra Singh

Chitra Singh

Next Story