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Meerut News: सराय काले खां स्टेशन पर विद्युत आपूर्ति के लिए तैयार हुआ रिसीविंग सब-स्टेशन

Meerut News: सराय काले खां आरएसएस फेज़-1 के तीनों कॉरिडोर का होगा पावर जंक्शन पॉइंट

Sushil Kumar
Published on: 4 April 2025 2:28 PM IST
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Meerut News (Image From Social Media)

Meerut News: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के सबसे बड़े और अत्यधिक आकर्षित सराय काले खां स्टेशन तक जल्द नमो भारत ट्रेनों का संचालन शुरू करने की दिशा में एनसीआरटीसी तेजी से जुटा है। इसी क्रम में जानकारी देते हुए एनसीआरटीसी के मुख्य प्रवक्ता पुनीत वत्स ने बताया कि विद्युत आपूर्ति के लिए सराय काले खां रिसीविंग सब-स्टेशन (आरएसएस) भी बनकर तैयार हो चुका है। वर्तमान में इस आरएसएस की टेस्टिंग की जा रही है। सराय काले खां आरएसएस फेज़-1 के तीनों कॉरिडोर का पावर जंक्शन पॉइंट होगा, जहां से कॉरिडोर्स पर विद्युत की आपूर्ति होगी।

सराय काले खां आरएसएस पर 66 केवी की आपूर्ति होगी, जिसके लिए एनसीआरटीसी द्वारा दिल्ली ट्रानस्को लिमिटेड और गैस टर्बाइन पावर स्टेशन (जीटीपीएस) के साथ करार किया गया है। इस आरएसएस से ट्रेनों के संचालन के लिए 25 केवी और कॉरिडोर्स पर बने स्टेशनों के लिए 33 केवी विद्युत की आपूर्ति होगी। इस आरएसएस में 66/33 केवी के 2 और 66/25 केवी के 2 कुल 4 ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं, जिनमें से तीन ट्रांसफॉर्मर कॉरिडोर्स के लिए चालू रहेंगे और एक ट्रांसफार्मर बैकअप के लिए उपलब्ध रहेगा। नमो भारत के भविष्य के कॉरिडोर्स के संचालन के लिए इस आरएसएस में 66/25 केवी के 02 अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर भी लगाए जाएंगे। यह आरएसएस सराय काले खां स्टेशन के नजदीक बनाया गया है।

वर्तमान में सराय काले खां से मेरठ के बीच पहले नमो भारत कॉरिडोर का निर्माण कार्य जारी है, जो अंतिम चरण में है। इस कॉरिडोर पर ट्रेनों के संचालन के लिए सराय काले खां, गाजियाबाद, मुराद नगर, शताब्दी नगर और मोदीपुरम में कुल पाँच आरएसएस होंगे, जिनमें से सिर्फ मोदीपुरम आरएसएस का निर्माण कार्य जारी है जबकि अन्य चार बनकर तैयार हो चुके हैं।

दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर की तर्ज़ पर ही बाकी कॉरिडोर्स पर भी स्थानीय आरएसएस बनाए जाएंगे। सभी कॉरिडोर्स पर बनाए जाने वाले आरएसएस से एक ऐसा सिस्टम तैयार होगा, जिससे कॉरिडोर्स पर नमो भारत ट्रेनों का निरंतर संचालन सुनिश्चित होगा। इतना ही नहीं आवश्यकता पड़ने पर सराय काले खां आरएसएस से अन्य कॉरिडोर्स के प्रारंभिक खंड को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति करने की क्षमता होगी, जिससे ट्रेनों का संचालन बिना किसी बाधा के किया जा सकेगा।

दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के तहत दिल्ली से मेरठ के बीच 25 स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इस कॉरिडोर पर वर्तमान में न्यू अशोक नगर, दिल्ली से मेरठ साउथ तक 55 किमी के सेक्शन में नमो भारत ट्रेन सेवाएँ परिचालित हैं और न्यू अशोक नगर से सराय काले खां स्टेशन के बीच भी नमो भारत ट्रेनों का परिचालन जल्द शुरू होगा। सम्पूर्ण 82 किमी लंबे कॉरिडोर पर 2025 में ट्रेनों का परिचालन आरंभ करने का लक्ष्य है।

एनसीआरटीसी अपने सभी आरएसएस को इंडियन ग्रीन बिल्डिंग कॉउन्सिल (आईजीबीसी) के उच्चतम मानकों के अनुसार तैयार कर रहा है, जिसमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, हरित क्षेत्र, एलईडी बल्ब, प्राकृतिक रौशनी, सोलर पॉवर पैनल और हवादार बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है।

एनसीआरटीसी, सौर ऊर्जा को अपनाते हुए स्वच्छ और हरित ऊर्जा उत्पन्न करने में योगदान दे रही है, जिससे सस्टेनेबल एनर्जी और परिचालन दक्षता को अनुकूलित करते हुए एनसीआरटीसी अपने कार्बन फुटप्रिंट्स को कम करने के व्यापक दृष्टिकोण के साथ प्रगति के पथ पर बढ़ रही है। 82 किमी लंबे सम्पूर्ण आरआरटीएस कॉरिडोर के संचालित होने पर इससे 11 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन करने का लक्ष्य है, जिससे सालाना 11,500 टन CO2 उत्सर्जन कम होने की उम्मीद है, जो जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एक बड़ा कदम साबित होगा।

Ramkrishna Vajpei

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