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Meerut News: मेरठ के मोदीपुरम में तैयार हो रहा नमो भारत का दूसरा डिपो, अत्याधुनिक तकनीक से होगा लैस
Meerut News: एनसीआरटीसी मोदीपुरम में कृषि विश्वविद्यालय कैंपस से करीब 500 मीटर की दूरी पर इस डिपो का निर्माण करा रहा है।
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Meerut News: एनसीआरटीसी मेरठ के मोदीपुरम में नमो भारत का दूसरा डिपो तैयार कर रहा है। यह जानकारी शुक्रवार को एनसीआरटीसी के मुख्य प्रवक्ता पुनीत वत्स ने दी। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस डिपो के पास मेट्रो स्टेशन भी बनाया जा रहा है, जिससे आसपास के लोगों को सहूलियत होगी। 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली- गाज़ियाबाद- मेरठ नमो भारत कॉरिडोर का एक डिपो फिलहाल दुहाई में संचालित है और दूसरा डिपो मोदीपुरम में बनाया जा रहा है जिसके लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य पूर्ण हो चुका है और फिलहाल सिविल कार्य तेज गति से किया जा रहा है।
मुख्य प्रवक्ताक अनुसार। एनसीआरटीसी मोदीपुरम में कृषि विश्वविद्यालय कैंपस से करीब 500 मीटर की दूरी पर इस डिपो का निर्माण करा रहा है, जहां डिपो संचालन केंद्र (डीसीसी) भी तैयार किया जाएगा। डिपो के नियंत्रण और संचालन के लिए डीसीसी बनाया जाता है। मोदीपुरम के इसी डिपो पर ट्रेन वर्कशॉप भी तैयार की जा रही है, जहां पर नमो भारत और मेरठ मेट्रो का रखरखाव किया जाएगा।
इस डिपो में अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी जैसे ट्रेनों की साफ-सफाई और धुलाई के लिए ऑटोकोच वॉशिंग प्लांट बनाया जाएगा। ऐसा वॉशिंग प्लांट फिलहाल दुहाई डिपो में संचालित है, जहां नमो भारत ट्रेनों की साफ-सफाई व धुलाई की जाती है। अत्यधिक साफ-सफाई के लिए हैवी-क्लीनिंग शेड लाइन (एक) बनाई जाएगी, जहां नियमित अंतराल पर ट्रेनों की धुलाई और सफाई होती है।
इसके साथ ही 1.2 किलोमीटर लंबा टेस्ट ट्रैक भी होगा, जिस पर ट्रेनों की टेस्टिंग होगी। डिपो स्क्रैप यार्ड और लॉजिस्टिक कार्यालय भी तैयार किए जाएंगे। ट्रेन की जांच के लिए 4 निरीक्षण बे-लाइन (आईबीएल) और 4 वर्कशॉप लाइन होंगी। इसके अलावा मोदीपुरम डिपो में स्टैबलिंग लाइन का निर्माण भी किया जाएगा, जिनपर नमो भारत और मेरठ मेट्रो की कुल 34 ट्रेन खड़ी हो सकेंगी।
आईबीएल लाइनें ट्रेनों की टेस्टिंग के लिए बनाई जाती हैं जबकि स्टैबलिंग लाइनों का प्रयोग ट्रेनों को खड़ा करने के लिए किया जाता है। वर्कशॉप लाइनों पर ट्रेनों के रखरखाव और तकनीकी खराबियों को दुरुस्त किया जाता है। हैवी इंटरनल क्लीनिंग लाइन पर ट्रेनों के भीतर की सफाई की जाती है। आईबीएल लाइनों पर ट्रेन की स्टेटिक और डायनामिक दो तरह की टेस्टिंग की जाती है। इस टेस्टिंग के बाद ट्रेन को मेन लाइन पर चलाने की प्रक्रिया आरंभ होती है।
आईबीएल लाइन पर गुजरात (सावली) से आने वालीं सभी ट्रेनों की पहले डिपो टेस्टिंग की जाती है। यहां ट्रेन की स्टेटिक और डायनामिक दो तरह की टेस्टिंग की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ट्रेन को मेन लाइन पर चलाया जाता है।
मोदीपुरम स्थित डिपो के साथ यहां मेरठ मेट्रो का स्टेशन भी तैयार किया जा रहा है। ये एट-ग्रेड स्टेशन होगा, जिसके लिए दो एंट्री-एग्जिट बनाए जाएंगे। इतना ही नहीं, यूनिवर्सिटी की तरफ से स्टेशन पर आने-जाने के लिए एक फुटओवर ब्रिज का निर्माण भी किया जाएगा। पावली खास, दौराला, सकौती और पावरसा गांव के लोगों को इस स्टेशन के बनने से मोदीनगर, गाजियाबाद और दिल्ली जैसे शहरों तक पहुंचना और सुलभ व तीव्र हो जाएगा।
एनसीआरटीसी ऊर्जा संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए सभी स्टेशनों पर सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं। इस सम्पूर्ण नमो भारत कॉरिडोर के संचालित होने पर इससे 11 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पादन करने का लक्ष्य है, जिससे सालाना 11,500 टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) उत्सर्जन कम होने की उम्मीद है। मोदीपुरम डिपो पर भी सौर ऊर्जा के लिए सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे ना सिर्फ डिपो बल्कि स्टेशन को भी बिजली मिलेगी।
मेरठ में मेट्रो के लिए कुल 13 स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिनमें अधिकतर स्टेशनों पर सिविल कार्य लगभग पूरा हो चुका है और फिनिशिंग कार्य जारी हैं। एक अनूठी पहल के तहत मेरठ मेट्रो का संचालन नमो भारत के बुनियादी ढांचे पर ही किया जाएगा, जो देश में पहली बार है। मेट्रो के लिए मेरठ साउथ, परतापुर,रिठानी, शताब्दी नगर, ब्रह्मपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, बेगमपुल, एमईएस कॉलोनी, दौरली, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम और मोदीपुरम डिपो स्टेशन हैं। इनमें से मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशन से मेट्रो के अलावा नमो भारत ट्रेन की सुविधा भी यात्रियों को मिलेगी। अन्य स्टेशन केवल मेरठ मेट्रो के लिए होंगे। नमो भारत और मेरठ मेट्रो की पूरी परियोजना को तय समयसीमा के अनुसार संचालित करने का लक्ष्य है।