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जारी हुई गाइडलाइन: मजदूरों के लिए सख्त निर्देश, पूर्ण लॉकडाउन पर विचार

हरियाणा, राजस्‍थान और महाराष्‍ट्र सहित तमाम राज्‍यों से प्रवासी मजदूर अपने-अपने घर लौटने लगे हैं। इन मजदूरों में...

Vidushi Mishra

Vidushi MishraPublished By Vidushi Mishra

Published on 15 April 2021 7:04 AM GMT

कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा दिन प्रति दिन बढ़ता ही जा रहा है।
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पलायन करते मजदूर(फोटो-सोशल मीडिया)

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लखनऊ: पूरे देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने हाहाकार मचा दिया है। ऐसे में कई राज्यों ने लॉकडाउन और नाइट कर्फ्यू जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। दूसरी तरफ कोरोना की बढ़ती रफ्तार से लॉकडाउन की बढ़ती सुगबुगाहट से प्रवासी मजदूरों ने विभिन्न राज्यों से अपने घरों की तरफ कूच करना शुरू कर दिया है। ऐसे में हरियाणा, राजस्‍थान और महाराष्‍ट्र सहित तमाम राज्‍यों से प्रवासी मजदूर अपने-अपने घर लौटने लगे हैं। इन मजदूरों में अधिकांश संख्‍या यूपी और बिहार के मजदूरों की है। जिसके चलते उत्‍तर प्रदेश सरकार ने भी प्रवासी मजदूरों के लिए गाइडलाइन जारी कर दी है।

यूपी के अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) ने प्रदेश में प्रवासी मजदूरों के लौटने पर उन्हें क्वारंटाइन करने को लेकर गाइडलाइन जारी की है। सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, लक्षण वाले जो व्यक्ति संक्रमित नहीं पाए जाते, उन्हें 14 दिन और बिना लक्षण वाले लोगों को 7 दिन के लिए होम क्वारंटाइन में भेजा जाएगा।

हालात हद से ज्यादा खराब

इसके साथ ही इस गाइडलाइन में साफ कहा गया है कि प्रवासी मजदूर के अपने जिले में पहुंचने पर जिला प्रशासन उसकी न सिर्फ स्‍क्रीनिंग करे, बल्कि उसका नाम, पता और मोबाइल नंबर समेत अहम जानकारियों की लिस्‍ट भी तैयार करे।

एक बार फिर से उत्तर प्रदेश में कोरोना तेजी से अपने पैर पसार रहा है। हालात इतने हद से ज्यादा बुरे होते जा रहे हैं। बीते 24 घंटों की बात की जाए, तो राज्य में 20,510 नए कोरोना संक्रमित मामले सामने आए हैं। कुल मामलों की तो अभी तक एक्टिव मामले 1,11,835 हो गए हैं।


पूर्ण लॉकडाउन

बढ़ते संक्रमण को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रदेश में कोरोना संक्रमण से अधिक प्रभावित शहरों में राज्य सरकार को दो या तीन हफ्ते के लिए पूर्ण लाॅकडाउन लगाने पर विचार करने का निर्देश दिया था। हाई कोर्ट ने कहा कि सड़क पर कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के दिखायी न दे अन्यथा कोर्ट पुलिस के खिलाफ अवमानना कार्यवाही करेगी। वहीं कोर्ट ने कहा है कि सामाजिक धार्मिक आयोजनों में 50 आदमी से अधिक न इकट्ठा हों। इस याचिका पर अगली सुनवाई 19 अप्रैल को होगी।

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