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Milkipur By- Election: अजीत प्रसाद को जिताने मिल्कीपुर जायेंगी डिम्पल यादव, सांसद प्रिया सरोज भी रहेंगी मौजूद
Milkipur By-Election: अयोध्या के मिल्कीपुर विधानसभा में 5 फरवरी को मतदान होना है, और इस उपचुनाव को लेकर भाजपा और सपा के स्टार प्रचारक मतदाताओं को रिझाने में जुटे हुए हैं। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव अजीत प्रसाद के लिए रोड शो करके वोट मांगेंगी।
Milkipur By-Election: Dimple Yadav and Priya Saroj to campaign for Ajit Prasad
Milkipur By-Election: अयोध्या के मिल्कीपुर विधानसभा में 5 फरवरी को मतदान होना है, और इस उपचुनाव को लेकर भाजपा और सपा के स्टार प्रचारक मतदाताओं को रिझाने में जुटे हुए हैं। समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव अजीत प्रसाद के लिए रोड शो करके वोट मांगेंगी।
सपा की सांसद प्रिया सरोज भी अजीत प्रसाद को जीत दिलाने के लिए रोड शो में भाग लेंगी, इसके साथ ही विधायक इकरार हसन और विधायक रागिनी सोनकर भी शामिल होंगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की जनसभा इनायत नगर के पांच नंबर नलकूप के पास कराने की तैयारी है। पार्टी ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव का रोड शो 30 जनवरी से 3 फरवरी के बीच आयोजित करने की योजना बनाई है। इस दौरान, प्रचार के आखिरी दस दिनों में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की एकमात्र चुनावी जनसभा इनायतनगर में संभावित है।
सपा के लिए चुनाव क्यों है अहम
दरअसल सपा मुखिया अखिलेश यादव यह बात साबित करने की कोशिश में जुटे हुए हैं कि अवधेश प्रसाद को पिछले लोकसभा चुनाव में फैजाबाद से मिली जीत अनायास नहीं थी। वे मिल्कीपुर विधानसभा उपचुनाव जीतकर यह संदेश देना चाहते हैं कि राम मंदिर के उद्घाटन का कोई असर नहीं पड़ा है।
मिल्कीपुर में 5 फरवरी को मतदान
5 फरवरी को होने वाले उपचुनाव में बीएसपी ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है, जबकि चंद्रशेखर आजाद की आजाद समाज पार्टी (आसपा) ने संतोष कुमार को उम्मीदवार घोषित किया है। संतोष कुमार पहले सपा के अवधेश प्रसाद के करीबी थे, लेकिन नाराज होकर आसपा में शामिल हो गए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वे दलित वोटों में कितनी सेंध लगाते हैं, जो चुनाव परिणाम पर असर डाल सकता है।
मिल्कीपुर का इतिहास
मिल्कीपुर विधानसभा सीट 1967 में अस्तित्व में आई थी। अब तक कांग्रेस, जनसंघ, सीपीआई, भाजपा, बसपा और सपा ने यहां जीत दर्ज की है। सपा ने यहां सबसे अधिक 4 बार जीत हासिल की है, जबकि लेफ्ट ने भी 4 बार यहां चुनाव जीते। 2008 में परिसीमन के बाद यह सीट एससी के लिए रिजर्व हो गई। सपा के अवधेश प्रसाद ने 2012 में इस सीट से जीत हासिल की थी, लेकिन 2017 में हार गए। 2022 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की। लोकसभा 2024 के परिणामों ने भाजपा को चिंता में डाल दिया, क्योंकि सपा को मिल्कीपुर में 8,000 वोटों की बढ़त मिली थी। इसके अलावा, मिल्कीपुर के उपचुनावों में सपा की लगातार जीत रही है, और अब भाजपा यहां अपनी हार का बदला लेना चाहेगी।